भाभी आज तो आ ही जाओ मुझसे चुदने

Bhabhi aaj to aa hi jao mujhse chudne:

Hindi sex kahani, antarvasna मैं इस बात से बहुत ज्यादा खुश थी कि मेरी शादी होने वाली है मेरी शादी एक अच्छे घर में होने वाली थी मेरी शादी कमलेश से तय हुई। कमलेश पेशे से इंजीनियर थे मैं बहुत खुश थी लेकिन मुझे क्या पता था कि उनके दिल में क्या चल रहा है। हम फोन पर घंटों तक बात किया करते थे और हम दोनों एक दूसरे के साथ अपने जीवन बिताने के सपने देखने लगे थे। हम लोगों से तो बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि कमलेश तो मेरे साथ साजिश रच रहे हैं वह सिर्फ दिखावा कर रहे हैं कि वह मुझसे प्यार करते हैं लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं था। उनके दिल में किसी और लड़की के लिए ही प्यार था और वह उसे ही प्यार करते थे मैं अपने घर की एकलौती लड़की थी इसलिए मेरे पिताजी इस बात से बहुत खुश थे।

वह कहने लगे तुम्हारा रिश्ता अच्छे घर में हुआ है और कमलेश भी बहुत अच्छा है, मेरे पिताजी रेलवे में एक बड़े अधिकारी हैं और वह चाहते थे कि मेरी शादी जिस घर में हो वहां पर भी सब लोग अच्छी नौकरी पर हो यह रिश्ता हमारे परिचित ने हीं करवाया था। कमलेश के पिताजी बैंक में मैनेजर है, उसकी बड़ी बहन डॉक्टर हैं और कमलेश भी एक इंजीनियर है इसी वजह से मेरे पिताजी बहुत खुश थे। एक बार मेरी चाचा की लड़की घर पर आई और वह कहने लगी अब तो तुम शादी कर के दूसरे घर में चली जाओगी तो तुम्हें कैसा लग रहा है। मैंने उसे कहा मुझे तो ऐसा कुछ लग नहीं रहा यह तो उसी वक्त पता चलेगा कि कैसा लग रहा है। वह मेरे साथ खूब मजाक कर रही थी लेकिन मैं इन सब बातों से अनजान थी कि आने वाला समय मेरे लिए कितना खराब होने वाला है। मैं सिर्फ अपने शादी के सपने देखने लगी और ना जाने मैंने अपनी शादी के लिए क्या-क्या सपने देखे थे। जिस दिन मेरी शादी थी उस दिन सब लोग बहुत खुश थे मैं भी उस दिन बहुत सुंदर लग रही थी सब लोग कह रहे थे कि आज तुम बहुत सुंदर लग रही हो। मैं उनसे इतनी बात करती थी लेकिन मुझे इस बात की खबर नही थी कि कमलेश मुझे इतना बड़ा धोखा देंगे और वह किसी और लड़की के साथ ही भाग गए।

सब लोग इस बात से बहुत हैरान रह गए कि आखिरकार यह कैसे हो गया कमलेश के पिता जी खुद इस बात से बहुत दुखी थे। उन्होंने मेरे पिताजी से हाथ जोड़ते हुए माफी मांगी और कहा समधी जी हमें कुछ भी पता नहीं था कि कमलेश ऐसा करेगा यदि हमें मालूम होता तो हम कभी भी आपकी लड़की की जिंदगी बर्बाद नहीं होने देते। मेरे पिताजी का चेहरा पूरा उतर चुका था और वह बहुत गुस्से में थे हमारे सारे रिश्तेदार हमारी तरफ भी देख रहे थे और सब लोग यह सोच रहे थे कि अब आगे क्या होगा। मुझे भी इस बात का डर लग रहा था कि मेरे साथ इतनी बड़ी घटना कैसे घटित हो गई मैंने तो कमलेश पर पूरा भरोसा किया था और आंख बंद कर के उसे मैं प्यार करने लगी थी। कमलेश ने ना सिर्फ मेरे जज्बातों के साथ खेला था उसने बल्कि मेरे सारे सपने भी चकनाचूर कर दिए थे। मैंने अपनी शादी के चलते अपनी नौकरी भी छोड़ दी थी मुझे लगा था कि मैं घर पर कमलेश के साथ ही समय बिताऊंगी लेकिन मेरे सारे सपने टूट चुके थे। मैं एक कोने में जाकर बैठ गई किसी को भी कुछ समझ नहीं आ रहा था लेकिन तभी कमलेश के पिताजी ने कहा कि देखो समधी जी मैं आप लोगों की बेजती होते हुए नहीं देख सकता इसमें हमारी ही गलती है और इसे मुझे ही सुधारना पड़ेगा। शायद मेरी किस्मत में ही लिखा था कि मेरी कमलेश के छोटे भाई आदित्य के साथ शादी हो जाएगी और जब इस बात के लिए कमलेश के पिताजी ने मेरे पिताजी से कहा तो शायद मेरे पिताजी के पास भी कोई दूसरा रास्ता नहीं था। हमारी सारे रिश्तेदारों के बीच में बेज्जती हो चुकी थी और शायद इस बेजती से बचने के लिए सिर्फ एक ही रास्ता बचा था। मेरे पास भी और कोई रास्ता नहीं था मुझे उस वक्त यही ठीक लगा और मेरी शादी आदित्य के साथ हो गई लेकिन आदित्य के साथ शादी करना मेरी सबसे बड़ी गलती थी।

आदित्य मुझसे उम्र में 2 वर्ष छोटे हैं लेकिन अब वह मेंरे पति थे परंतु आदित्य को घर की बिल्कुल भी ज़िम्मेदारी नहीं मालूम थी। वह दिनभर घर से बाहर रहते और शाम के वक्त ही घर आते उन्हें कोई कुछ कहता ही नहीं था। सब लोग मुझे खुश रखने की कोशिश करते मैं इस बात से खुश थी कि मेरे ससुराल पक्ष वाले बहुत अच्छे हैं। आदित्य की वजह से मैं काफी दुखी रहने लगी थी मुझे जो प्यार आदित्य से मिलना चाहिए था वह मुझे नहीं मिला इस बात की कसक मेरे दिल में हमेशा ही थी। कमलेश का भी कोई पता नहीं था और न जाने वह कहां चले गए थे उन्होंने तो घर से पूरा रिश्ता ही खत्म कर लिया था। वह किसी से भी संपर्क में नहीं थे लेकिन इस बात से मुझे और मेरे परिवार को कोई लेना देना नहीं था कि कमलेश कहां है। मुझे तो अब आदित्य के साथ ही अपने जीवन को बिताना था परंतु आदित्य मुझसे दूर ही रहा करते थे शायद उन्होंने मुझे कभी स्वीकार ही नहीं किया था। मैंने तो आदित्य को अपना पति मान लिया था लेकिन आदित्य ने कभी भी मुझे अपनी पत्नी स्वीकार नहीं किया इसीलिए वह अलग ही रहा करते थे। मैं यह बात किसी को भी नहीं बता सकती थी नहीं तो सब लोग शायद मुझे ही इसका कसूरवार ठहराते इसलिए मैंने यह बात किसी को भी नहीं कहीं। हम दोनों के बीच दूरियां बढ़ती जा रही थी हमारे बीच की दूरी और भी ज्यादा हो गयी थी। मैंने सोचा मैं आदित्य से इस बारे में बात करूं लेकिन वह मुझसे बहुत कम बात किया करते थे परंतु मुझे अब उनसे इस बारे में बात करनी ही थी।

एक दिन मैंने आदित्य से इस बारे में पूछा आखिरकार तुम चाहते क्या हो तो उस दिन मुझे मालूम पड़ा कि आदित्य तो किसी और ही लड़की को प्यार करते हैं लेकिन मेरी वजह से उन्हें इस रिश्ते में बंधना पड़ा। मैंने आदित्य से कहा देखो आदित्य इसमें मेरी भी कोई गलती नहीं है मुझे नहीं मालूम था कि कमलेश मेरे साथ ऐसा करेंगे। मुझे अगर इस बारे में पता होता तो शायद मैं शादी के मंडप पर आती ही नहीं अब तुम ही बताओ मैं क्या करूं। आदित्य मुझे कहने लगे मुझे मालूम है तुम्हारी कोई गलती नहीं है लेकिन मैं जिस लड़की से प्यार करता हूं उससे मैं शादी करना चाहता हूं। मैं उसके साथ ही अपना जीवन बिताना चाहता हूं लेकिन अब हम दोनों इस रिश्ते में बन चुके हैं इसलिए मेरा अब उससे शादी करना मुमकिन नहीं है। मैं अगर उसके बारे में घर पर बात करूंगा तो मेरा परिवार पूरी तरीके से बर्बाद हो जाएगा मैं नहीं चाहता कि अब मेरा परिवार बर्बाद हो। भैया की गलती की सजा मुझे भुगतनी पड़ रही है लेकिन फिर भी मैंने इस शादी को स्वीकार कर लिया और तुम्हें अपना लिया। मुझे भी कई बार लगता कि मुझे अपने घर चला जाना चाहिए लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकती थी नहीं तो मेरे पिताजी इस बात से बहुत दुखी हो जाते। इस वजह से मैंने यह कदम नहीं उठाया अब मैं यहां रहकर सिर्फ अपना जीवन व्यतीत कर रही थी। मेरा जीवन सिर्फ अपने आप तक ही सीमित रह गया था मेरे पास ना तो आदित्य का प्यार था और ना ही मेरा परिवार मेरे साथ था। मैं जब भी अकेली होती तो सोचती मेरे पिताजी ने मुझे कभी किसी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी लेकिन जबसे मेरी शादी हुई है तब से कितना अकेलापन मेरे जीवन में आ चुका है लेकिन इसकी भरपाई शायद जल्दी होने वाली थी क्योंकि हमारे घर मैं किराए पर एक लड़का रहने आ गया था।

वह गबरू जवान उसकी लंबाई 6 फीट और उसकी छाती चौड़ी थी मैं जब भी उसे देखती तो मैं उसे कहती तुम्हारे बाल बड़े ही शानदार है उसके घुंघराले बाल देख कर मुझे बड़ा मजा आता मैं उसे हमेशा चिढ़ाया करती थी। आखिरकार वह भी मेरी मंशा समझ चुका था वह मौका ढूंढने की तलाश में था लेकिन एक दिन हमें वह मौका मिल गया मैं गौरव के पास गई और गौरव से कहने लगी अरे गौरव तुम आज घर पर ही हो? वह कहने लगा भाभी जी मैं तो आज घर पर ही हूं वह मेरी तरफ बड़े ध्यान से देख रहा था। मैंने उसे कहा तुम ऐसे क्या देख रहे हो वह कहने लगा बस भाभी आपको देख रहा था। गौरव कहने का भाभी में आपको चाय पिलाता हूं मैंने उसे कहा नहीं मैं चलती हूं। मैंने जब उसके लंड की तरफ नजर मारी तो उसका लंड उसके पजामा से झाकते हुए बाहर की तरफ को निकल रहा था। मैंने उसे कहा अंदर चलते हैं मैं उसके रुम में चली गई और उसके बिस्तर पर बैठ गई। वह भी मेरी तरफ देख रहा था मैंने उसे कहा आओ मेरे पास आकर बैठ जाओ। जब वह मेरे पास आकर बैठा तो मैंने गौरव के लंड को अपने हाथ में ले लिया।

वह शर्माने लगा और कहने लगा भाभी आप यह क्या कर रही हैं। मैंने उसे कहा कुछ भी तो नहीं यह शायद उसका पहला ही मौका था इससे पहले उसने कभी किसी के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाए थे। जब उसका लंड पूरी तरीके से तन कर खड़ा हो चुका था तो मैंने उसके लंड को तेजी से हिलाना शुरू कर दिया उसका लंड बहुत ज्यादा मोटा था मैंने जब उसे अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो मुझे बहुत मजा आने लगा। मैंने उसके लंड से पानी निकाल दिया उसने मेरे कपड़ों को उतारा और जब उसने मेरे स्तनों का रसपान किया तो मेरी उत्तेजना और भी ज्यादा बढ़ने लगी। जब गौरव ने मेरी फड़फड़ाती चूत के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो मैं मचलने लगी। उसका लंड मेरी योनि के जड तक जा चुका था लेकिन जब वह मेरे दोनों पैरों को पकड़कर अपने लंड को तेजी से अंदर बाहर करता तो मुझे बड़ा मजा आता। मैं उसे कहने लगी आज तो तुमने मुझे मजा दिला दिया इतने समय बाद किसी के साथ मैंने अच्छे से संभोग किया था। हम दोनों ने जमकर एक दूसरे के साथ शारीरिक सुख को भोगा जिससे मुझे वाकई में मजा आ गया और उसके बाद में गौरव के पास जाने लगी गौरव मेरी इच्छा को पूरा कर दिया करता था।


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