बेगानी शादी मे बहन की चुदाई

हाय दोस्तों ये बात कुछ सालो पहले की है जब मैं मेरी बहन आयशा के साथ मेरे मामा की लड़की की शादी मे गया था मम्मी की तबीयत ठीक नही थी इसलिये मुझे भेजने का फ़ैसला हुआ लेकिन आयशा भी ज़िद करने लगी और माँ ने उसे भी मेरे साथ भेज दिया शादी एक छोटे से गावं मे थी और वो लोग बड़े ही परम्परावादी है इसलिये हमें भी कुछ दिनो पहले जाना पड़ा जैसा की वहा हर बार होता था इस बार भी बहुत से मेहमान आने वाले थे मेरे मामा की जॉइंट फेमली थी और बहुत ही बड़ा परिवार है मेहमान आने लगे थे आयशा की उम्र अभी केवल 19 साल की थी लेकिन उसकी जवानी अंग अंग से फुट रही थी वो बहुत ही खूबसूरत थी बिल्कुल पुराने जमाने की हिरोइन मुमताज़ की कॉपी थी इसके पहले में आपको बता दूं की हम दोनो भाई बहन मे बहुत प्यार है मम्मी से ज़िद करने पर आयशा को मेरे साथ जाने की इजाज़त दे दी हमारे बीच बचपन से ही प्यार मे कुछ नोक झोक होती रहती थी पर अब वो जवान हो रही थी.

हम वहा दोपहर मे पहुंचे थे जब शादी के पहले लेडीस संगीत का कार्यक्रम चल रहा था मेरी नज़र आयशा पर थी वो कार्यक्रम एक भवन मे था जो की घर से कुछ दूरी पर था जब हम पहुंचे तो कार्यक्रम शुरू हो चुका था हम वही कुर्सी पर बैठ गये और कुछ लड़किया डांस कर रही थी आयशा ने उस समय घागरा चोली पहना था वो बहुत ही सेक्सी लग रह रही थी और उस भीड़ मे वो सबसे अलग थी अब चढ़ती जवानी मे आयशा के अंदाज ही बदल गये थे.

मेरी छेड़-छाड़ से उसके चूचे और चूतड़ तो एक भरपूर जवान लड़की जैसे हो गये थे उसके चूतड़ और चूचीयाँ भारी ज़रूर हो गयी थी पर जबरदस्त फिगर मेनटेन किया था लॉ कट की चोली पहनने के कारण उसके क्लीवेज साफ साफ दिख रहे थे मेरी नज़र सिर्फ़ आयशा के चूतडो पर ही थी वो जब कमर मटका मटका कर चलती तो उसके भारी कूल्हे लहंगे मे गजब ढा रहे थे वो कजरारे-कजरारे गाने पर कमर लचका के ठुमके लगा रही थी उसकी ये अदाये बहुत ही सेक्सी थी जब कार्यक्रम ख़त्म हो गया तब मेने आयशा को सब से मिलवाया अब हम लोग उस प्रोग्राम से वापस आने के लिये गाड़ी का वेट कर रहे थे तभी कार आई और सब बैठ गये हम अकेले ही बचे थे आयशा पिछली सीट पर विंडो की तरफ बैठी थी.

उसने सरक कर कहा भैया बैठ जाओ मैने कहा बाद मे आ जाऊंगा उसने कहा कुछ नही होता घर तक जाना है बैठ जाइये मैं उसके बगल मे बैठ गया उसका पूरा शरीर मेरे शरीर से सटा था उसकी मोटी मोटी जाँघो पर मेरा हाथ चला गया उसने ध्यान नहीं दिया पर मेरे मन मे चोर था वो जाग गया रात को खाना खाते समय आयशा और बाकी लड़कियां साथ मे खाना खा रहे थे आयशा ने मुझे आते देखा और कहा भैया खाना खा लो मैने कहा अभी नहीं थोड़ा देर से खाऊंगा उसने कहा क्या कोई और प्रोग्राम है मैने कहा नही कुछ नही अभी भूख नही है उसने कहा जो आपको अच्छा लगे मेरी प्लेट में से खा लीजिये मैने कहा ठीक है और हम खाना खाने लगे अब मै धीरे धीरे मेरी बहन को बातो मे फंसाना चाहता था मैने कहा आज तुम बहुत अच्छा डांस कर रही थी और हर कोई तुम्हारी डांस की तारीफ कर रहा था और आज तुम लग भी बहुत खूबसूरत रही हो उसने कहा थैंक्स भैया आयशा बहुत खुले विचारो की थी.

अब मै उसकी और तारीफ करने लगा अब वो बहुत ही खुल के बात कर रही थी मैने कहा यहाँ के जवान लड़को से बच के रहना तुम बड़ी कातिल लग रही हो वो शरमा गई और बोली बड़ी तारीफ कर रहो भैया क्या बात है बीच बीच मे मेरी नज़र आयशा के क्लवेज पर पड़ जाती उसने अभी तक वही ड्रेस पहन रखी थी इस बात को वो भी समझ रही थी और बार बार अपनी चुन्नी को ठीक करके अपने क्लवेज को छुपाने की कोशिश करती मेरा पापी मन अब पूरी तरह से बिगड़ चुका था अब मै उसे पाने के लिये प्लान बनाने लगा पर मुझे लग रहा था की मुश्किल है और डर भी था की काम नही हुआ तो इज़्ज़त चली जायेगी आयशा खाना खा चुकी थी मैने कहा मैं चलता हूँ और में वहा से निकल गया इन सब बातो से पहले आयशा का मन जानना बहुत ज़रूरी था.

रात को हम सब बैठ कर बाते कर रहे थे तब आयशा मेरे सामने बैठी थी उसने उस समय ढीला ढीला पंजाबी
सलवार सूट पहना था और हमारी नज़रे मिल रही थी मै गौर से आयशा की तरफ ही देख रहा था ये बात उसे भी पता थी पर वो नज़रे चुरा रही थी बीच बीच मे वो मेरी तरफ देखती कही ना कही उसके मन मे भी कुछ कुछ चल रहा था उस रात वो लेडीस के साथ ही सो गयी दूसरे दिन अब मेरा पूरा ध्यान आयशा की तरफ़ ही था उस दिन कोई खास प्रोग्राम नही था इसलिये मैने प्रोग्राम बनाया पास ही एक वॉटर फॉल था सब वहा चले गये कुछ बच्चे तैयार हुये मैने आयशा से कहा तुम भी चलो वो तैयार हो गई.

मैने कहा जल्दी तैयार हो जाओ कुछ देर बाद आयशा तैयार होकर आ गई उस समय आयशा ने चूड़ीदार सूट पहना था और टाइट कुर्ती जिससे जैसे मुमताज़ ने तौबा ये मतवाली चाल गाने मे पहना हुआ था और उसके बूब्स और बड़े बड़े लग रहे थे पीछे से उसकी वाइट कलर की ब्रा का स्ट्रॅप साफ दिख रहा था पहली बार उसके बूब्स की साइज़ देख कर मैं भी हैरान रह गया मेरी नज़र उसके बूब्स पर टिकी थी उसे भी लगा की मै उसके बड़े बड़े गोल गोल बूब्स ही देख रहा हूँ कार मे वो मेरे बाजू मे ही बैठी कुछ दूर चलने के बाद मैने अपना हाथ उसकी जाँघ पर रख दिया और उससे बाते करने लगा वहा पर भी एक दो जगह उसका हाथ पकड कर उसे संभाला बाकी सब बच्चे थे इसलिये कोई डर नही था वापस लौटते लौटते शाम हो गई अब भी हम बगल मे बैठे थे मैने एक हाथ उठाकर आयशा के कंधे पर रख दिया उसने मेरी तरफ़ देखा और कुछ नही कहा मैने उस हाथ को वही रहने दिया.

एक दो बार जब कार मे झटका लगता था तो मेरा हाथ उसके बूब्स को टच कर देता था और मै ऐसे बर्ताव कर रहा की जेसे ये सब अंजाने मे हो रहा है पर ये बात दोनो समझ रहे थे की हो क्या रहा है अब अंधेरा काफ़ी हो गया था अब मैं एक बार उसके बूब्स दबाना चाहता था फिर चाहे जो हो और इससे अच्छा मौका मुझे घर पर नही मिल सकता था और ऐसे दबाना चाहता था की उसे भी अहसास हो जाये की ये मैने जानबूझ कर किया है अब मैने एक बार फिर मैने एक हाथ उसकी जाँघ पर रख दिया और दूसरा हाथ अब भी उसके कंधे पर था मोका पाकर अब एक हाथ से जो की जाँघ पर रखा था पूरा मैने उसका पूरा बूब्स हाथ मे लिया और ज़ोर से दबा दिया वो मेरी ओर गुस्से देखने लगी मैने कहा क्या हुआ वो बोली बहन को भी कोई ऐसे छेड़ता है किसी ने देख लिया तो? और मेरे हाथ को पकड़ लिया.

अब मैने उसकी उंगलियों मे अपनी उंगलियां डाल दी वो अब भी गुस्से मे थी मैने कहा यार कुछ नही हुआ और धीरे से बोला नाराज़ मत हो वो बोली सब के सामने ऐसा क्यों कर रहे हो? मैने कहा सब बच्चे हैं और अंधेरा हो चुका है अब मेरा हौंसला और बढ़ गया अब मैं धीरे धीरे उसके बूब्स दबाने लगा और वो हल्का हल्का विरोध कर रही थी और वो बोली की तुम्हारी आदत खराब हो गयी है यहाँ पर भी तुम्हारी नज़रें मुझ पर ही रहती हैं कहीं मम्मी पापा को शक हो गया तो बहुत बुरा होगा इस तरह हम घर पहुँच गये हमने साथ मे खाना खाया वहाँ भी आयशा साथ मे थी और हम में किसी प्रकार का झगड़ा नही था और कोई भाई बहन पर शक भी नही करता.
अब मैने आज रात को ही आयशा को पाने की सोच रहा था पर मौका नही मिल रहा था कल शादी थी इसलिये सब जाग रहे थे और सब अपनी अपनी तैयारी मे लगे थे पर मेरा मन अभी तक बेचैन था इस बीच आयशा ने कहा मैं कपड़े चेंज करके आती हूँ ये उसने मुझे सुनाते हुये कहा था वो उपर जा रही थी तो में उसकी बल खाते भारी पिछवाड़े को ही देख रहा था मेरा तो लंड तन गया उसने ज़रा पीछे मूड कर मेरी तरफ देखा मेने आँख मार दी तो वो जीभ निकाल कर मुझे चिढाते हुये उपर चली गयी मैं मौका पाकर उपर चला गया वहा कोई नही था आयशा जिस कमरे मे थी उसकी लाइट जल रही थी मैं बाजू वाले रूम मे चला गया वहा कोई नही था और आयशा के बाहर निकलने का वेट करने लगा जैसे ही आयशा उस रूम से निकली.

मै उसका हाथ पकड़ कर उसे कमरे के अंदर ले आया वो बोली क्या है भैया छोड़ो मेरी कलाई उसके चहरे पर बनावटी गुस्सा था वो बोली यहाँ क्यो लाये हो? मैने कहा एक बात करनी है वो बोली क्या बात करनी है जल्दी कर लो मैने हिम्मत जुटा कर उसे बाहों मे भर लिया वो कुछ कहती उसके पहले ही मैने उसके होठो पर अपने होंठ रख कर चूसने लगा वो अपने आप को छुड़ाने का नाटक कर रही थी पर मैने उसे कस कर पकड़ रखा था मेरे दोनो हाथ उसकी कमर से होते हुये उसके भारी चूतडो पर जम गये थे वो अपने आप को छुड़ाने का नाटक करते हुये बोली गाड़ी मे इतना सब किया तब भी जी नही भरा मैने कहा उससे तो और प्यास बड़ गई है अब मैं अपने एक हाथ से उसका बूब्स दबाने लगा और दूसरे से नितंभो को दबाने लगा उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली भैया अब जाने दो कोई आ जायेगा मैने कहा कोई नही आयेगा और फिर से मैं उसका बूब्स दबाने लगा.

मेरा लंड अब ज़्यादा तन चुका था और आयशा को चोदने को बेकरार था वो छुड़ा कर जाने लगी अब मैने उसे पीछे से पकड़ लिया और अपना तना हुआ लंड उसकी गांड पर गड़ा दिया इस समय हम दोनो ने कपड़े पहन रखे थे पर मेरे खड़े लंड का अहसास उसकी मतवाली गांड को हो गया था और अब दोनो हाथो को आगे लाकर उसके दोनो बड़े-बड़े बूब्स दबाने लगा क्या बूब्स थे उसके एकदम टाइट टाइट मेरे हाथो मे समा नही रहे थे आयशा बोलने लगी भैया छोड़ दो ना कोई आ गया तो फंस जायेगे मैने कहा एक शर्त पर छोड़ दूँगा कल मिलोगी दिन मे? वो बोली कैसे मिलू कहाँ मिलू ? मैने कहा एक प्लान है वो बोली ठीक है बता देना अभी जाने दो कोई उपर ना आ जाये कल प्लान बता देना.

मैने उसके होंठो का फिर किस लिया तो उसकी सिसकारी निकल गयी वो बोली अब छोड़ भी दो सारा प्यार आज ही करोगे क्या बाकी कल कर लेना मैने कहा ठीक है फिर उसे छोड़ दिया वो भाग कर बाहर चली गई और कुछ देर बाद मैं भी नीचे आ गया हम बातचीत कर रहे थे सब साथ मे बैठे थे आयशा की नज़र मुझ पर ही थी और मैं भी उस पर नज़र जमाये हुये था यूँ रात बीत गयी सुबह हो गई आज शादी थी और सुबह से ही रस्म रिवाज शुरू हो गये थे लड़की वाले यही आकर शादी करने वाले थे तो बारात घर से ही निकलने वाली थी समय दोपहर का था मैने आयशा को समझाया जब बारात निकल जायेगी तब घर मे कोई नही होगा तब हम बारात के बीच से घर वापस आ जायेगे फिर बारात भवन पहुँचने मे टाइम लगेगा हम रास्ते मे फिर जॉइन कर लेगे किसी को कोई शक नही होगा उसने कहा ठीक है पर कोई रिस्क तो नही है.

मैने कहा नही ज़रा भी नही दोपहर की तेज धूप मे करीब 1 बजे बारात निकली प्लान के अनुसार मैं कुछ दूर जाने के बाद आयशा को खोजने लगा पर वो नही मिली मैं अब किसी से पूछ भी नही सकता था किसी को शक हो गया तो मुसीबत हो जायेगी तब मैने बच्चो से स्टाइल से पूछा की मेरी बहन आयशा नही दिख रही उसको नचाओ बहुत अच्छा डांस करती है बच्चे बोले उनके सर मे दर्द हो रहा है वो नही आई मैं खुश हो गया की वो वही है मैं लोगो से नज़रे चुराता हुआ घर पहुँचा और घर मे उस समय कोई नही था मैंने पहले कन्फर्म किया खाली एक दो काम वाली ही थी वो सफाई कर रही थी में झट से उपर पहुँचा देखा जिस कमरे मे आयशा थी वहा बाहर से ताला लगा था मैं इधर उधर देखने लगा पर कुछ नही दिखा.

मैने सोचा ये गई कहा कही पागल तो नही बना दिया तभी खिड़की थोड़ी खुली और आयशा ने फुसफुसाते हुये कहा पीछे के दरवाजे से आ जाओ मैं पीछे से कमरे के अंदर पहुँचा कमरे मे हल्का अंधेरा था थोड़ी सी रोशनी उपर की विंडो से आ रही थी आयशा ने वही सूट पहना था मैने कहा क्या फुल प्रूफ काम किया है यार कमरे मे बाहर से ताला अंदर से बंद कोई शक भी नही करेगा अब मैं ज्यादा टाइम वेस्ट करना नही चाहता था वो जानती थी की मै यहा क्यो आया हूँ और मै उसे बाहों मे भर कर उसके होंठ चूसने लगा अब वो भी मेरा पूरा सहयोग कर रही थी मै लगातार लिप्स चूस रहा था ओर उसने भी मुझे अपनी बाहों मे दबोच लिया और मेरे कान मे फुसफुसा कर बोली एक बार तो मुझे लगा की भैया आप नही आयेगे आइ लव यू भैया अब मैने बिना देर किये उसकी कुर्ती उतार दी.

अब वो वाइट ब्रा मे थी अब अंधेरा कम हुआ और अब कुछ कुछ दिखने लगा था और मैं पहली बार उसे इस पोज़िशन मे देख रहा था सचमुच उसके बूब्स काफ़ी बड़े-बड़े थे वो कुछ गर्म हो गई थी अब वो मेरे होंठ चूसने लगी और जीभ को मेरे मुँह मे डाल दिया मे पूरा मस्त हो कर उसकी जीभ चूसने लगा और मेरा एक हाथ उसके बूब्स दबा रहा था और दूसरा नितंभो को भींच रहा था मैने एक हाथ को उसकी पीठ पर ले जा कर उसकी ब्रा का हुक खोल दिया जो की बहुत टाइट थी अब पहली बार आयशा को टॉपलेस देख कर मैं पागल हो गया मैने सीधे अपने मुँह को उसके राइट बूब्स पर लगा दिया अब वो मेरे शर्ट के बटन खोलने लगी और में पागलो के जैसे उसके बूब्स चूस रहा था आयशा मधहोश हो कर अपने हाथो से खुद सलवार का नाडा खोलते हुये बोली की भैया जो करना है जल्दी कर लो कोई उपर आ गया तो मज़ा किरकिरा हो जायेगा..

यह कह कर उसने सलवार निकाल दी और केले के तने जैसी चिकनी गोरी जाँघो को खोल कर ताज़े कमल के फूल जैसी फूली हुई चूत मेरे सामने परोस दी मेरी रानी के थोड़े से जो बाल उगे होंगे वो भी साफ़ कर रखे थे मेने उसके भारी चूतडो के नीचे हाथ रख कर फूली चूत को मुँह मे भर कर चूसने लगा जी करता था खा जाऊं वो पालग पर लेटी हुई थी वो पूरी तरह नंगी थी क्या गोरा-गोरा बदन चिकना बिल्कुल वीनस की मूर्ति की तरह वो सिसकारी ले रही थी अब उसने मेरा लंड जो बिल्कुल तना हुआ था देखकर उसे पकड़ लिया और बोली की वहाँ भी ये ऐसे ही खड़ा था मेने पूछा की तुम्हे कैसे पता? तो वो बोली मेरा ध्यान इस पर ही था फिर वो लंड को सहलाने लगी.

मैने आयशा से पूछा कभी पहले करवाया है तो उसने कहा नही तुम ज़्यादा याद आते हो तो उंगली से कर लेती हूँ मेने पूछा की मैं तुम्हे याद भी आता हूँ वो बोली और नही तो क्या तुम घर मे भी तो आस पास ही प्यासे भंवरे की तरह मंडराते रहते हो और तुम्हारा ये तो मुझे देखते ही खड़ा हो जाता है बोलो में सच कह रही हूँ ना? सच डार्लिंग तूने तो मेरा चैन ही ले लिया है मेने अब उसकी चूत मे जीभ डाली वो पूरी तरह से गीली हो चुकी थी वो फिर सिसकारी लेते हुये बोली की भैया जल्दी कर लो कोई देख ना ले वो चुदने के लिये बेचैन हो गयी और अब में भी उसे चोदने के लिये तैयार था अब मै उसकी टांगो के बीच मे आ गया और उसकी टांगो को और फैलाया और फिर उसकी चूत को एक बार फिर चाटने और चूमने लगा.

वो बोली डार्लिंग देर मत कर अब जल्दी कर लो जाना भी है मैने कहा ठीक है एक किस तो और कर लूँ और मेने उसकी रोटी जेसी चूत का भरपूर चुम्मा लिया उसकी जांघे अपने आप ही और फैल गयी मेने पूरी चूत को जीभ से चाट चाट कर भीगो दिया फिर वो मेरे गधे जैसे मोटे लंड को पकड़ कर बोली की इसे भी गीला करना पड़ेगा नही तो इतना मोटा कैसे अंदर जायेगा यह कह कर वो मेरे लंड को चूमने और चाटने लगी उसने पूरा मुँह खोल कर लंड को मुँह मे लेना चाहा पर मुश्किल से आधा सुपाड़ा ही मुँह मे गया था की मुँह ब्लॉक हो गया लेकिन सुपाडे को चाट चाट कर उसने और फूला दिया अब मैने अपना पूरी तरह खड़ा मोटा लंड उसकी चूत के मुँह पर रख कर उसकी चूत मे अपने लंड का सूपड़ा उसके अंदर रगडने लगा वो सिसकियां भरने लगी मैने कहा कुछ नही हुआ अभी तो तुम पहले ही चिल्ला रही हो वो अपनी मधहोश आवाज़ मे बोली डार्लिंग जल्दी करो ना और अपने हाथो से मुझे अपनी ओर खींचना चाहा.

मैने उसके द्वारा गीले किये गये सूपडे को चूत के मुँह पर लगाया और उसकी गीली चूत मे धीरे-धीरे डालने लगा वो भी अपनी गांड उछाल कर लंड को अपने अंदर लेने की कोशिश करने लगी मैं उसके ऊपर आ गया और उसके पैरो को और चौड़ा करके चूत मे लंड डालने लगा अब तक थोड़ा ही सूपड़ा ही अंदर गया था की वो दर्द के कारण आहे भर रही थी अब मैने उसके होंठ पर अपने होंठ रख दिये और चूसने लगा अब मौका था की लंड को पूरा का पूरा उसकी चूत मे डाल दूँ मैने एक ज़ोरदार झटका मारा की 75% लंड अंदर चला गया चूत के टांके टूट गये अगर मैं उसके होंठ नही चूस रहा होता तो वो इतना ज़ोर से चिल्लाती की सब आ जाते और फिर वो बोली मुझे बहुत दर्द हो रहा है प्लीज़ धीरे धीरे डालो मैने कहा ठीक हो ज़ायेगा.

अब मै अपनी स्पीड बड़ाने लगा और ज़ोर ज़ोर से अपनी गांड को उपर नीचे करने लगा कुछ देर बाद वो भी अपनी गांड वो उपर नीचे कर मेरा सहयोग करने लगी मैने पूछा दर्द हो रहा है उसने कहा कुछ नही हो रहा है बस मज़ा आ रहा है और जल्दी कर और मैने अपनी स्पीड और बड़ा दी और पूरा 10 इंच का लंड उसकी चूत मे जड़ तक घुसेड दिया अब वो सिसकियां भरने लगी आ… आ… आ… आ… करने लगी उसकी ये आवाज़ मुझे और मधहोश कर रही थी कुछ देर मे आयशा का बदन अकड़ गया और वो झड़ गई उसके कारण उसकी चूत और गीली हो गई लेकिन मेरा लंड अब भी फंस कर अंदर बाहर हो रहा था जैसे कस कर मुठी मे भीच रखा हो क्योंकि चूत बिल्कुल ताज़ा थी उसके हाथ मेरी कमर पर थे.

मैं पूरा पसीना पसीना हो गया था हालांकी आयशा ने फेन भी चालू कर दिया था थोड़ी देर मे आयशा बस बस करने लगी और दुबारा झड़ कर मुझसे ज़ोर से बस..बस करके मुझसे ज़ोर से चिपक गयी और बुरी रह फिर झड़ गयी टाइट चूत जल्दी झड़ती है मुझे लगा की मैं भी झड़ जाऊंगा मैने अपना लंड बाहर निकाला जो आयशा के पानी से नाहया हुआ था आयशा ने तुरंत लंड को मुँह मे भर लिया और जल्दी-जल्दी चूसने लगी फिर मेरे लंड से वीर्य की तेज धार निकली और आयशा अपनी आँख बंद करके मेरा सारा वीर्या पी गयी फिर उसने लंड को दबा-दबा कर सारा वीर्य निचोड़ लिया और चाट गयी आयशा बहुत संतुष्ट लग रही थी उसने कहा भैया अब आप जाओ मैने अपने आप को साफ किया और जल्दि से कपड़े पहन कर निकल गया आयशा अभी भी बिना कपड़ो के लेटी हुई थी.

इस तरह मैने पहली बार आयशा को चोदा और वापस बारात मे शामिल हो गया और किसी को पता नही चला ये सब काम मैं आधे घंटे मे करके वापस आ गया था किसी ने नही पूछा की कहा थे बारात पहुंचने मे अभी भी टाइम था कुछ ही देर मे आयशा भी वहां आ गई मैने उसकी तरफ देखा उसकी भी नज़रे मिली वो मुस्कुराई मैने अनदेखा कर दिया मैने सोचा किसी को शक ना हो ज़ाये बारात अब पहुँचने वाली थी वहा पहुँच कर हम लोग खाना खाने मे बिजी हो गये आयशा भी मेरे पास खड़ी होकर खाना खा रही थी मैं एक बार और आयशा को चोदने का प्लान बनाने लगा क्योक़ि अभी जल्दी जल्दी मे मज़ा नही आया और अब मैने सोचा अब मौका मिला तो कन्डोम लगा कर चोदूगां पर उसके लिये आयशा से बात करनी ज़रूरी थी पर ये मौका नही मिल रहा था.

करीब 7 बजे शादी हो गई सब घर जा रहे थे तब मैने आयशा को बुलाया और कहा आयशा कुछ काम है वो बोली आपका काम हो गया अब क्या काम है उसकी आवाज़ मे थोड़ी नाराजगी थी मैने कहा अरे यार नाराज़ मत हो मज़ा नही आया तुम भी जल्दी मे थी कुछ और प्लान बनाओ ना उसने कहा तुम्हे प्लान सूझ रही है मेरी सूज गई है अभी भी दर्द है कितनी ज़ोर से किया है प्लीज़ अबकी बार आराम से करूँगा और पहली बार तो दर्द होता ही है मैने कहा प्लीज़ मान जाओ तुम तैयार हो तो मैं कुछ ना कुछ कर लूँगा उसने कहा मैं नही जानती आप जानो आपका काम जाने मैने कहा ठीक है.

रात को रिशेप्शन था हम लोग तैयार हो रहे थे तब आयशा उसी कमरे मे घुसी जहाँ मैने उसे चोदा था शायद तैयार होने गई थी हम जल्दी तैयार हो कर रिशेप्षन हॉल मे पहुँच गये कुछ देर बाद आयशा भी पहुँच गई उसने ब्लू कलर का लंहगा पहना था क्या सेक्सी लग रही रही थी वो चोली मे उसके क्लवेज अब और साफ साफ नज़र आ रहे थे मैने उसके पास जाकर कहा बहुत प्यारी लग रही हो उसने कहा अच्छा जी तुम्हे तो हरदम यही सूझता रहता है मैने कहा क्या प्रोग्राम है उसने कहा किस बात का मैने कहा जो बात बची है उसने कहा कोई बात नही बाकी और कोई मौका भी नही है मेने कहा अभी घर मे सब लेटे है सब इतना थक गये है की कोई यहा आना नही चाहता मैने कहा मेरे पास प्लान है उसने कहा आपका दिमाग़ कही और भी चलता है की दिन भर यही बाते सोचते हो मैने कहा तुम अगर पास होगी तो और क्या होगा.

मैने कहा रात को मैं प्लान बताऊंगा तो वो बोली ठीक है देखते है रिशेप्शन ख़त्म हो गया और हम घर आ गये मैने धीरे से आयशा से कहा कहा सोओंगी कहाँ ? वही बच्चो के साथ मैने कहा ठीक है मैं आऊंगा रात 1 बजे मैं उठा और आयशा के कमरे की तरफ गया उसका दरवाजा खुला था मैने आयशा को उठाया वो हड़बड़ा गई लेकिन मुझे देखते ही चुप हो गयी उस समय आयशा नाइटी मे थी मैने उसे इशारे से पीछे आने को कहा मै उसे सीधे छत पर ले गया वो बोली ये क्या है भैया यहा क्यो लाये हो मैने कहा कोई कमरा खाली नही है इसलिये वो बोली ज़रूरत क्या थी दोपहर को कर तो लिया था ना मैने कहा मज़ा नही आया वो बोली यहाँ कहाँ होगा मैने उसे दिखाया वहा पर पानी की टंकी और छत की पिंजरी के बीच में कुछ जगह थी जहा मैने पहले से एक कंबल लगा रखा था दिसम्बर का महीना था और ठंड अपने जोरो पर थी इसलिये कंबल ओढ़ने के लिये मिला था.

उसे मै उपर ले आया और बिछा दिया वो बोली भैया बहुत बदमाश हो मैने छत का दरवाजा अंदर से बंद किया और दोनो बैठ गये उसने कहा भैया नाइटी मत उतारना ऐसे ही कर लो मैने कहा ठीक है अब वो बिना किसी टेन्शन के लेट गई मैने उसकी टांगो से उसकी नाइट उपर की और उसकी पेंटी को उतार दिया और उपर की ब्रा भी खोल दी और उसके बूब्स को आज़ाद कर दिया वो बोली कुछ मत निकालो ना मैने कहा कैसे होगा तो तब उसने अपनी नाइटी उपर तक उठा दी बूब्स तक वो पूरी नंगी हो गई थी मैने लोवर और बनियान पहनी थी दोनो निकाल दिये मेरा लंड तो तना हुआ था वो आयशा के बिल मे जाने के लिये तड़प मार रहा था उपर छत पर टेंट लगा था और चारो ओर से कवर था इसलिये कही से कोई देखने का खतरा नही था.

अब मैने आयशा को चूमना शुरू किया और बूब्स चूसने और दबाने लगा हवा थोड़ी उन पर्दो से हल्की हल्की आ रही थी और हम दोनो को मधहोश कर रही थी अब हम दोनो उस खेल मे इतना खो गये की हमें होश ही नही था की हम लोग कहाँ है मै उसे अब भी प्यार कर रहा था उसकी चूत अब पूरी तरह गीली हो चुकी थी तो वो बोली भैया पहले जीभ से प्यार करो ना मेने झुक कर उसकी पूरी चूत को मुँह मे भर लिया और आम की तरह चूसने लगा फिर नीचे से लेकर उपर तक जीभ से चाटने लगा अब वो मुझे उपर की तरफ खींचने लगी तो मैने अपने तने हुये लंड को उसकी चूत पर रख कर अंदर डालने लगा उसने टाँगे और फैलाई लंड को अंदर लेने की कोशिश करने लगी और अपनी गांड उठा रही थी मैने उसकी टाँगे मोड़ दी और दंड पेलने की तरह उसे चोदने लगा लंड धीरे धीरे अन्दर जा रहा था और वो स्सस्सस्स कर रही थी लंड पूरा का पूरा अन्दर जा चुका था.

अब मैने जोर लगाना शुरू कर दिया फिर आयशा को अपने उपर ले लिया और उसकी नाइटी उतार दी अब उसके बूब्स को मसलते हुये मैने उसे उपर नीचे होने को कहा और वो ऐसा करने लगी बहुत देर तक ऐसा ही चलता रहा कभी वो उपर या नीचे होती वो मेरे उपर थी की वो झड़ गई अब मैने उसे नीचे किया और फिर उसे ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा और वो बोलने लगी डार्लिंग क्या खा कर आये हो मैने कहा कुछ नही तुम्हारा प्यार है और मेरी स्पीड बरकरार थी फिर हम एक साथ ही झड़ गये मेरा गर्म–गर्म वीर्य उसके गर्भ मे गिर रहा था और वो आँख बंद कर आनंद मे डुबी हुई थी हम दोनो अलग हुये तो देखा आयशा अभी भी लंबी लंबी साँसे ले रही मैने पूछा क्या हुआ वो थक गई थी वो बोली अब मैं जा रही हूँ मैने कहा जल्दी क्या है.

मैने उसे दूसरी बार चोदने के लिये मनाया बहुत कहने पर मान गई और फिर उसके उपर चढ़ गया दोनो झड़ कर शांत हुये तो मैने कहा अब कब मिलेगे ज़ान एक बार और दे दो वो बोली तुम्हारा दिल नही भरने वाला मे तो चली मेने उसके प्यारे मुँह को चूमा और कहा की क्या तुम अपने भैया से सच्चा प्यार नही करती वो बोली आप तो मेरे दिल मे बसे हो लेकिन वक़्त का भी तो ख्याल करो सवेरा होने वाला है यह कह कर उसने उसकी नाइटी से अपनी चूत साफ की और टाँगे उठा कर बोली की एक बार और ले लो पर जल्दी कर लो अब मैने फिर से उसे जम कर चोदा और हम दोनो संतुष्ट हो गये अब हम दोनो ने कपड़े पहने और नीचे आ गये उस समय सुबह के 5 बज चुके थे कही कोई उठ ना जाये इसलिये दोनो जाकर सो गये.

सुबह मै देर तक सोता रहा जब उठा तो घर मे काफ़ी शोर था सब मेहमान वापस जाने की तैयारी कर रहे थे पर आयशा कही दिखाई नही दे रही थी मेरी निगाहे उसे ढूंढ रही थी फिर मैने सोचा की वो अभी तक सो रही होगी पर थोड़ी देर मे देखा आयशा मेरी तरफ ही आ रही थी वो मुझसे बोली भैया चलो हम भी घर चले मेने थोड़ा सा नज़दीक हो कर कान मे कहा की आज भी यहीं रुक जाते है और उसकी तरफ आँख मार दी उसने मेरी तरफ नाक मरोड़ कर कहा,” लगता है यहाँ ज़्यादा ही दिल लग गया है पराये घर मे ये सब रिस्की है चलो घर जा कर मौका निकाल लेंगे मे बोला की अच्छा ये बताओ दिन वाली मूवी अच्छी थी या रात वाली वो मुस्कुराई और बोली दोनो अच्छी थी मैने कहा ज्यादा अच्छी कौन सी थी वो शरमाते हुये बोली रात वाली मैने कहा ठीक है तो जल्दी चलो वो बोली घर चल कर मम्मी पापा का ध्यान रखना कहीं जाते ही ना मुझ पर टूट पड़ना.

मेने कहा अच्छा बाबा जैसा कहोगी वैसे करूँगा और अपने घर मे ही रात वाली मूवी देखेंगे मेरी चुदाई से आयशा का चेहरा खिल उठा था घर पहुँचे तो मम्मी ने कहा हम तुम्हारा ही इंतज़ार कर रहे थे कल अमावस्या है में तेरे पापा के साथ मे हरिद्वार जा रही हूँ गंगा स्नान करके कल आयेगे हम दोनो की खुशी छुपाये ना छुप रही थी मम्मी ने हिदायत दी की तुम घर पर ही रहना आयशा को अकेले घर पर छोड़ कर ना जाना मेने कहा ठीक है मम्मी मैं आयशा का पूरा ख्याल रखूँगा आयशा मंद-मंद मुस्कुरा रही थी जैसे ही मम्मी पापा घर से निकले तो मम्मी ने कहा की अंदर से दरवाजा बंद करके रखना मे अंदर से दरवाजा बंद करके जैसे ही मुड़ा तो आयशा दौड़ कर मुझसे लिपट गयी और बोली लो भैया वहाँ की सारी कमी पूरी कर लो मे बिल्कुल मना नही करूँगी.

मे बोला की आयशा शादी मे तू गांड मटका-मटका कर चलती थी तो मेरा दिल तेरी गांड मारने का बहुत करता था आज तो पहले मे तेरी गांड मारूँगा ठीक है भैया अब मेरी चीख भी निकली तो किसी को सुनाई नही देगी मेरा दिल भी गांड मरवाने को करता है मे फटाफट आयशा को बेड पर ले गया और अपने कपड़े उतार दिये आयशा ने भी जीन्स और टॉप उतारे और घोड़ी बनकर मेरे खड़े लंड को देखने लगी उसने पेंटी और ब्रा नही पहने थे मेरे सामने उसके चौड़े और भारी नितंभ थे मेने पीछे से उसके चिकने मसल कूल्हे पकड़े और गांड का चुम्मा लिया फिर मे गांड को पागलो की तरह चाटने लगा आयशा के मुँह से लगातार सिसकियां निकल रही थी.

फिर मेने अपने लंड के मोटे सूपाडे को उसकी गांड पर रखा तो उसके मुँह से मीठी सी सिसकारी निकली “हाय भैया आहिस्ता-आहिस्ता डालना मेरी गांड कुँवारी है”मेने थोड़ा ज़ोर लगाया तो गधे जैसे लंड के सूपाडे ने गांड के टांके तोड़ दिये और सूपाड़ा गांड मे घुस गया आयशा की आँखो से आँसू निकल आये वो बोली भैया सूखा ही मारोगे लाओ मे तुम्हारे लंड को भी गीला कर देती हूँ मेने लंड निकाला तो आयशा ने उसे मुँह मे लेकर चूसना शुरू कर दिया वो कह रही थी की आपका सूपड़ा ही मेरे मुँह मे मुश्किल से आता है पूरा लंड तो मेरी गांड का बुरा हाल कर देगा अच्छी तरह लंड चूसने के बाद वो फिर घोड़ी बन गयी उसके मोटे मोटे चूतडो पर मेने दाँत गड़ा दिये.

मेने फिर उसकी गांड को चूमा और जीभ से चाटा आयशा ने पीछे मूड कर विनती की अब आ भी जाओ भैया तवे को गर्म देख कर मे घोड़े की तरह चढ़ गया और एक जोरदार धक्के के साथ लंड को उसकी गांड मे घुसेड दिया मेरा आधा लंड गांड को फाड़ता हुआ अंदर घुस गया आयशा चिल्लाई ज़रा रूको भैया मे मरी मेने रुक कर उसकी सुन्दर गर्दन को चूमा उसका मुँह पीछे की तरह करके गालों को मुँह मे भर कर चूसने लगा मेने महसूस किया की उसने अपनी जांघे पूरी फैला ली हैं और लंड को एड्जस्ट कर लिया है मेने एक हाथ नीचे ले जाकर उसकी चूत के लहसुन को सहलाना शुरू कर दिया इससे उसके नितंब हरकत करने लगे मे समझ गया की गांड अब और ज़्यादा लंड माँग रही है.

मेने एक ज़ोरदार शॉट मारा और मेरे अंडकोष उसके गद्देदार चूतडो से जा टकराये पूरा 10 इंच का लंड उसकी गांड मे घुस गया था अब मेने आहिस्ता-आहिस्ता शॉट लगाने शुरू कर दिये उसके भारी चूतड़ भी ताल से ताल मिलाने लगे कुछ ही देर मे लंड के धक्कों और उसकी सिसकारियों मे तेजी आ गयी और वो बस बस करके झड़ने लगी मे भी सारा वीर्य उसकी गांड मे डाल कर उसके उपर ही ढेर हो गया हमने मम्मी पापा के आने तक ना दिन देखा ना रात बस चुदाई मे लगे रहे जैसे 2 दिन बाद दुनिया का अंत होने वाला हो उसके बाद तो आयशा को मेरे लंड का ऐसा चस्का लगा है की मम्मी पापा के सोने के बाद वो रोज़ मेरे कमरे मे आ जाती है और सुबह तक चुदाई चलती है फिर चुपके से अपने रूम मे चली जाती है तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी अच्छी लगे इसे शेयर जरूर करें.


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