बड़ी दीदी की प्यास बुझाई

Badi didi ki pyas bujhai:

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मेरा नाम अजय है और मैं शादीशुदा पुरुष हूं। मैं एक सरकारी दफ्तर में कार्यरत हूं और मैं काफी समय से वहीं पर काम कर रहा हूं। हमारे यहां पर कई लोग आते हैं और कई लोग जाते हैं। मुझे अब यहां 3 वर्ष पूरे होने वाले हैं। शायद इस बार मेरा ट्रांसफर भी हो जाएगा। फिलहाल मैं यही दफ्तर में कार्य कर रहा हूं। हमारे दफ्तर में ही एक नई मैडम ने जॉइनिंग ली है। उनका नाम कोमल है। जब वह हमारे दफ्तर में आई तो उन्होंने सबसे पहले मुझसे ही बात की और उसके बाद उन्होंने दूसरों से बात की। जब मैंने उनसे पूछा कि आप शादीशुदा हैं तो वह कहने लगी हां मेरी शादी हो चुकी है। मेरी शादी को 2 वर्ष हो गए हैं। उसने मुझसे मेरे बारे में पूछा और कहने लगे कि क्या आपकी शादी हो चुकी है। मैंने उन्हें बताया कि मुझे इस दफ्तर में 3 वर्ष होने वाले हैं और शायद मेरा कुछ समय बाद यहां से ट्रांसफर भी हो जाएगा। फिर मैंने उन्हें बताया कि मैं भी एक शादीशुदा पुरुष हूं और मैं अपनी पत्नी के साथ ही रहता हूं। हम लोगों की बहुत सी बातें होती थी और मुझे कोमल बहुत ही अच्छी लगने लगी। एक दिन दफ्तर में ही मैं बड़ी जल्दी में आ रहा था और कोमल भी तेजी से आ रही थी।

हम में से किसी ने भी एक दूसरे को नही  और अचानक से हम दोनों की टक्कर हो गई। टक्कर होते ही वह मेरे ऊपर गिर गई। मुझे ऐसा लगा कि यह कोई फिल्मी सीन है लेकिन यह तो हकीकत में मेरे साथ ही हो रहा था। मुझे कोमल से अब और भी ज्यादा लगाव होने लगा लेकिन वह भी शादीशुदा थी और मैं भी शादीशुदा था। इस वजह से मैं उससे इस बारे में ज्यादा बात नहीं कर सकता था। कि मैं उसे पसंद करता हूं लेकिन वह बहुत ज्यादा खुशमिजाज वाली महिला थी और जब भी हम लोगों के पास समय होता तो वह कुछ ना कुछ चुटकुले सुना दिया करती थी। जिससे हमारे दफ्तर के सब लोग हंसने लग जाते और मुझे उसकी स्माइल देख कर बहुत ही अच्छा लगता था। मैं सोच रहा था कि मैं उससे इस बारे में बात करूंगा। मेरा अट्रैक्शन उसकी तरफ हो रहा था लेकिन मुझे बहुत डर लगता था कि कहीं वह मुझे कुछ कहना दे और ऑफिस में सब लोग मेरे बारे में कुछ गलत धारणा ना बना ले। इसलिए मैंने उसे कुछ भी नहीं कहा।

एक दिन वह कहने लगे कि आज मेरे पति का जन्मदिन है। तो आप हमारे घर पर जरुर आइएगा। मैंने उसे कहा कि ठीक है। मैं आपके घर पर आ जाऊंगा। आप मुझे अपने घर का पता दे दीजिए। कोमल ने मुझे अपने घर का पता दिया और हमारे सारे ऑफिस वालों को अपने घर पर इन्वाइट किया था। हम सब लोग वहां गए थे। जब हम उनके पति से मिले तो वह हमें बहुत ही अच्छे लगे लेकिन वह थोड़ा गुस्से वाले थे। अगर कभी कोमल से कोई गलती हो जाती तो वह उसे डांट देते थे। यह बात मुझे थोड़ा अटपटी लग रही थी। क्योंकि वह बहुत ही गंदे तरीके से उससे बात कर रहे थे। मैंने इस बारे में कोमल से भी कहा कि क्या तुम्हारी तुम्हारे पति से नहीं बनती। वह कहने लगी ऐसी कोई बात नहीं है  वह बहुत ही गुस्से वाले व्यक्ति हैं। इसलिए कई बार हम दोनों के बीच में झगड़ा हो जाता है और मैं बिल्कुल भी नहीं चाहती कि हमारे बीच में झगड़े हो लेकिन हमारे झगड़े हमेशा होते ही रहते हैं। पर आज उनका जन्मदिन है।  इसलिए मैं कुछ भी ऐसा नहीं चाहती कि हम दोनों के झगड़े सबके सामने हो। यह बात कहते हुए वह चली गई। हम लोग बहुत ही अच्छे से सब लोगो से बातें कर रहे थे।

जब पार्टी खत्म हुई तो मैं भी अपने घर के लिए निकल पड़ा। मैं जब घर पहुंचा तो मेरी पत्नी कहने लगी आज तुम बहुत देर में आ रहे हो। मैंने उसे बताया कि आज ऑफिस में किसी फ्रेंड के पति का जन्मदिन था। इसलिए मुझे वहां जाना पड़ा और सब ऑफिस के लोग वहां पार्टी में गए थे। इस बात से वह थोड़ा नाराज हो गई और कहने लगी कि कहीं तुम्हारा कुछ चक्कर तो नहीं चल रहा है। मैंने उसे बताया ऐसी कोई बात नहीं है। तुम फालतू में गलत मतलब निकाल रही हो। अब वह खुद ही चुप हो गई और कहने लगी कि शायद हो सकता है मेरे दिमाग में ही कुछ फितूर बैठ गया हो। मैं तुम्हें आज के बाद कभी ऐसी बात नहीं कहूंगी जिससे कि तुम्हें बुरा लगे। यह बात कहते हुए वह चली गई।

अगले दिन जब मैं ऑफिस गया तो  चुपचाप अपने टेबल में बैठकर काम कर रहा था। मैं किसी से भी बात नहीं कर रहा था क्योंकि रात को मेरा मूड बहुत ज्यादा खराब हो गया था। मेरी पत्नी ने मुझे बहुत अनाप-शनाप कह दिया था इसलिए मैं चुपचाप ऐसे ही बैठ कर अपना काम कर रहा था।

कुछ देर बाद कोमल मेरे पास आई और कहने लगी तुम्हारा मूड क्यों खराब है। मैंने कहा कुछ बात नहीं है लेकिन वह कहने लगी कुछ तो बात हुई है जिस वजह से तुम बहुत ही शांत और चुपचाप बैठे हो। वह मुझसे बहुत जिद करने लगी और उसने मुझसे पूछ ही लिया मैंने जब उसे यह बात बताई कल रात को मेरी पत्नी से मेरा झगड़ा हो गया। यह बात सुनकर मुझे कहने लगी कि इसमें कोई झगड़े वाली तो बात थी ही नहीं जिस वजह से तुम्हारी पत्नी ने तुमसे झगड़ा किया। मैंने उसे कहा मैं क्या करूं तुम ही बताओ वह मुझसे फालतू में झगड़ा कर रही है और मेरा मूड आज बहुत खराब है। उसने मुझे कहा कि तुम अपना मूड खराब मत करो और मुझे ऑफिस के पीछे वाली झाड़ियों में मिलना।

मैंने उसे कहा तुम्हें वहा क्या काम है मैंने उससे जब यह बात पूछी तो वो कहने लगी कि तुम वही आना मैं तुम्हें वहीं पर बताती हूं। अब वह ऑफिस के पीछे झाड़ियों में चली गई मैं भी वहा चले गया। मैंने उससे बोला कि क्या बात हो गई है उसने अपनी साड़ी को ऊपर करते हुए मेरी तरफ अपनी गांड को कर दिया। मैंने जब उसकी गांड को देखा तो मुझे बहुत ही मजा आया। उसकी बहुत बड़ी-बड़ी गांड थी जिसे देख कर मेरा मन उसकी तरफ आकर्षित हो गया और मैंने उसकी गांड को अपने हाथ में पकड़ लिया। जैसे ही मैंने उसकी गांड को अपने हाथ से पकड़ा तो मैं उसकी गांड पर बड़ी तेज तेज अपने हाथों से प्रहार करने लगा और उसकी चूतडे पूरी लाल हो गई। मैंने उन्हें अपने मुंह से चाटना शुरू कर दिया और बहुत देर तक उसकी गांड के छेद को मैं चाटता रहा। मैंने उसकी गांड के अंदर अपने खड़े लंड को डाल दिया और जैसे ही मैंने उसके गांड मे अपने खड़े लंड को डाला तो वह बहुत तेज चिल्लाने लगी और कहने लगी कि तुम्हारा तो बहुत ही मोटा है।

मैंने उसे कहा तो तुमने मुझे अपनी गांड ही क्यों दिखाई। वह कहने लगी कि तुम्हारा मूड ठीक करने के लिए अब मैं उसे ऐसे ही धक्के दे रहा था और उसकी गांड मार रहा था। उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था अपनी गांड मरवाने में अब वह अपनी गांड को मेरी तरफ टकराने लगी। वह काफी मजे करने लगी और बहुत तेज तेज चिल्लाती जाती। मैं भी उसे बड़ी तेज तेज धक्के दे रहा था। उसकी गांड का साइज बहुत बड़ा था और जब वह झुकी हुई थी तो वह और भी ज्यादा बड़ी हो रखी थी उसने बड़े-बड़े हिल वाले सेंडल पहने थे और मैं उसकी बड़ी बड़ी गांड को पकड़कर ऐसे ही धक्के मारता जाता। मुझे उसकी गांड देखकर कुछ अलग ही एहसास हो रहा था और ऐसा लग रहा था कि मैं कभी भी इसकी गांड को छोडू नहीं लेकिन थोड़ी देर बाद मेरा वीर्य उसके गांड के अंदर जाकर गिर गया और मेरा गुस्सा थोड़ा ठंडा हुआ। लेकिन उसकी गांड को देख कर मेरा मन अभी भरा नहीं था और मैंने उसकी गांड को दोबारा से पकड़ते हुए अपने लंड को उसकी गांड के अंदर दोबारा से डाल दिया। मेरा वीर्य उसके चूतड़ों के अंदर से टपक रहा था और मै उसे ऐसे ही धक्के देने लगा। मैं बड़ी तेज गति से झटके दे रहा था और उसके गले से बहुत ही तेज आवाज निकलने लगी। मुझे बहुत ही आनंद आ रहा था जब मैं उसे धक्का मार रहा था। वह बड़ी तेजी से अपनी गांड को मुझसे टकराने लगी और मैं भी बड़ी तेजी से उसे धक्के दे रहा था। थोड़ी देर बाद मेरा वीर्य दोबारा से उसके अंदर गिर गया। मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए अपने कपड़े पहनते हुए अपने ऑफिस में आ गया मुझे उसकी गांड मारने में मजा आ गया।

 


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