बदन मखमल जैसा चूत और भी मखमली थी

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Badan makhmal jaisa chut aur bhi makhmali thi कॉलेज का मेरा आखिरी दिन था सब लोग बहुत ही खुश थे और कुछ लोग चिंतित भी थे। हमारे एग्जाम खत्म हो चुके थे और रिजल्ट आ चुका था तो सब लोगों ने उस दिन मिलने का फैसला किया और सब लोग उस दिन मिले। कॉलेज के ही हॉल में हमने छोटी सी पार्टी का आयोजन किया उस दौरान मैंने महिमा से कहा कि तुमने आगे क्या सोचा है तो महिमा कहने लगी कि अभी तक तो मैंने कोई फैसला नहीं किया है कुछ समय बाद ही मैं इस बारे में सोचूंगी। महिमा ने मुझसे पूछा तो मैंने महिमा को कहा कि मैं तो अब आगे जॉब के ट्राई करने वाला हूं महिमा ने मुझे कहा कि तुम्हारी जल्द ही किसी अच्छी कंपनी में जॉब लग जाएगी। हम लोगों की पार्टी हो जाने के बाद सब लोग वापस घर लौट गए थे। मैं अब अपने करियर को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित था और जब मेरी जॉब पुणे की एक मल्टीनेशनल कंपनी में लग गई तो मैं काफी खुश हो गया। महिमा से उस दिन मैं मिला भी था लेकिन जब मैं पुणे गया तो मेरा महिमा से काफी समय तक कोई संपर्क नहीं रहा क्योंकि पुणे जाने के बाद मेरे पास महिमा का नंबर नहीं था और महिमा से मेरा किसी भी प्रकार से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। शायद महिमा ने भी अपना नंबर बदल लिया था इसलिए महिमा से मैं ना तो मिल पा रहा था और ना ही उससे फोन पर मेरी कोई बात हुई।

पुणे में मुझे एक वर्ष से ऊपर हो चुका था और एक साल बाद जब एक दिन महिमा का मुझे फोन आया तो मैंने महिमा से कहा कि तुम्हें मेरा नंबर कहां से मिला। महिमा ने मुझे बताया कि मेरा नंबर उसने सोहन से लिया, सोहन हमारी क्लास में ही पढ़ा करता था और वह मेरे काफी करीब है। मैंने महिमा से कहा मैंने तुम्हें उसके बाद भी काफी कॉल करने की कोशिश की लेकिन तुम्हारा नंबर ही नहीं लगा तो महिमा ने मुझे बताया कि मैं अपनी दीदी के पास अमेरिका चली गई थी और कुछ दिन पहले ही वहां से लौटी हूँ। मैंने महिमा से कहा लेकिन तुम कर क्या रही हो तो महिमा ने मुझे कहा कि मैं फिलहाल तो कुछ भी नहीं कर रही अब सोच रही हूं कि अपना ही कोई बिजनेस शुरू कर लूँ। मैंने महिमा को कहा कि तुमने क्या इस बारे में कुछ सोचा है तो महिमा ने मुझे बताया कि हां मैं अपना कोई बिजनेस शुरू करना चाहती हूं। मैंने महिमा से पूछा लेकिन तुम किस प्रकार का बिजनेस शुरू करना चाहती हो तो महिमा ने मुझे बताया कि वह अपना परफ्यूम का बिजनेस शुरू करना चाहती है मैंने महिमा को कहा यह तो बहुत ही अच्छा है। उसके बाद मेरी महिमा से अक्सर बातें होने लगी थी और कुछ समय बाद महिमा ने भी अपना परफ्यूम का काम शुरू कर लिया था।

धीरे-धीरे उसका काम भी ठीक चलने लगा और महिमा ने एक शोरूम खोल लिया, उसने एक शोरूम नागपुर में खोल लिया था। महिमा ने मुझे बताया की मेरा काम काफी अच्छा चल रहा है मैं महिमा से मिल नहीं पाया था क्योंकि मैं अपनी जॉब के चलते काफी ज्यादा बिजी था। हम लोग अपने ऑफिस के प्रोजेक्ट में लगे हुए थे और जब वह प्रोजेक्ट खत्म हुआ तो उसके बाद मैंने अपने ऑफिस से कुछ दिनों का रेस्ट लिया और मैं नागपुर चला आया। मैं नागपुर आया तो मैंने महिमा को फोन किया और जब उस दिन मैं महिमा से मिला तो महिमा से मिलकर मुझे काफी अच्छा लगा महिमा को भी मुझसे मिलकर काफी अच्छा लगा। हम लोग काफी समय बाद एक दूसरे को मिल रहे थे तो मुझे बहुत ज्यादा खुशी थी की इतने समय बाद मैं महिमा को मिल रहा हूं। महिमा मुझे कहने लगी कि चलो राजेश कम से कम तुम से मेरी मुलाकात तो हो पाई मैं तो सोच रही थी कि तुमसे मैं मिल ही नहीं पाऊंगी। मैंने महिमा से कहा लेकिन तुम ऐसा क्यों सोच रही थी तो महिमा ने कहा कि तुम अपने काम के चलते कितना बिजी रहते हो और तुम घर भी कम ही आते हो तो मुझे लगा था कि शायद तुमसे मुलाकात नही हो पाएगी। मैंने महिमा से कहा हां मैं घर तो कम ही आ पाता हूं क्योंकि मेरे पास समय कम होता है। मैंने महिमा से पूछा कि तुम्हारा बिजनेस कैसा चल रहा है तो महिमा ने कहा कि मेरा काम तो बहुत ही अच्छा चल रहा है और मैं अपने काम से काफी खुश हूं। इतने लंबे अंतराल के बाद हम दोनों एक दूसरे को मिल रहे थे इसलिए हम दोनों बहुत खुश थे और उस दिन मैंने महिमा से कहा कि चलो आज हम लोग कहीं डिनर पर चलते हैं। महिमा भी मेरी बात मान गई और उस दिन हम दोनों ही साथ में डिनर के लिए चले गए।

मैं और महिमा उस दिन साथ में डिनर पर गए तो मुझे काफी अच्छा लग रहा था क्योंकि महिमा से मैं इतने सालों बाद जो मिल रहा था और महिमा ने भी मुझे बताया कि उसको शुरुआत में काम में किस प्रकार की परेशानी हुई लेकिन अब उसका काम बहुत ही अच्छे से चल रहा है। हम दोनों ने उस दिन साथ में डिनर किया और एक अच्छा समय साथ में बिताया उसके बाद हम लोग घर लौट आये थे। मैं जब घर लौटा तो उस वक्त मुझे काफी देर हो गई थी और पापा और मम्मी मेरा इंतजार कर रहे थे। कुछ देर उन लोगों के साथ बैठने के बाद मैं अपने रूम में सोने के लिए चला गया और जब मैं अपने रूम में गया तो उस दिन महिमा से मैंने फोन पर बात की। हम दोनों फोन पर एक दूसरे से इतनी बात करते थे कि मुझे उस दिन पता ही नहीं चला कि कब मुझे नींद आ गई मुझे बहुत गहरी नींद आ चुकी थी और मैं सो गया। जब मैं सुबह उठा तो मैंने देखा कि मेरा फोन मेरे तकिए के पास ही है मैं उस वक्त भी नींद में था इसलिए मैं दोबारा से सो गया। जब मैं उठा तो उस वक्त 11:00 बज रहे थे मां ने मुझे कहा कि बेटा तुम बहुत देर से उठ रहे हो, मेरे पास मां की इस बात का कोई जवाब नहीं था इसलिए मुझे मां से झूठ बोलना पड़ा, मैंने मां को कहा कि मेरे सर में दर्द था इसलिए मैं सो गया। मां कहने लगी कि अब तुम्हारी तबीयत कैसी है तो मैंने मां से कहा कि अब मेरी तबीयत ठीक है। महिमा ने शाम को मुझे फोन कर के मिलने के लिए बुलाया तो मैं महिमा को मिलने के लिए चला गया।

जब उस दिन हम दोनों मिले तो मैं और महिमा एक दूसरे से बातें कर रहे थे लेकिन हम लोगों ने साथ में समय बिताने के बारे में सोचो। मुझे नहीं मालूम था महिमा मेरे साथ अपनी जरूरतो को पूरा करवानी चाहती थी वह तडप रही थी और मै भी तडप रहा था। महिमा को मेरे साथ सेक्स करने से कोई एतराज नही था। मै उस दिन महिमा को एक होटल मे ले गया। जब हम लोग होटल मे गए तो हम दोनों ने पहली बार एक दूसरे को किस किया। हम दोनो ने काफी देर तक एक दूसरे को चुम्मा चाटी करते रहे। हम दोनों की आग बढ़ने लगी थी मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रहा था और वह भी अब रह नही पा रही थी। मैंने महिमा से कहा मुझे बहुत ही मजा आ रहा है। महिमा मुझे बोली अच्छा तो मुझे भी बहुत लग रहा है। महिमा की चूत से पानी बाहर निकलने लगा था। वह बहुत ही ज्यादा तड़पने लगी थी। मैंने भी अपने लंड को बाहर निकाल लिया था। महिमा मेरे लंड को देखकर खुश थी। जब मैंने अपने लंड को बाहर निकाला था तो उसने मेरे लंड को हिलाना शुरू कर दिया था उसको बहुत मजा आ रहा था। वह अब मेरे लंड को देखकर खुश हो गई थी। मैंने जब महिमा को अपने लंड को सकिंग करने के लिए कहा तो वह खुश थी और उसने मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में ले लिया। अब हम दोनों सेक्स करने के लिए तैयार थे। उसने मेरे लंड को चूसना शुरु कर दिया था और वह बहुत ही खुश थी। जब वह मेरे लंड को मुंह मे लिए जा रही थी। मै बहुत ही उत्साहित हो रहा था कि अब मै महिमा के साथ सेक्स करने वाला हूं। मैने महिमा की चूत को चाटकर उसकी चूत से पानी बाहर निकाल दिया था।

वह पूरी तरीके से मचलने लगी थी मै भी उत्तेजित हो गया था। मैने जब महिमा के बूब्स को दबाना शुरू किया तो मुझे मजा आ रहा था। जब मैं ऐसा करता तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था और महिमा को भी बड़ा मजा आ रहा था। मेरे अंदर की गर्मी अब बढ़ती ही जा रही थी मुझे बहुत मजा आने लगा था। मै महिमा की चूत की तरफ देख रहा था। वह मेरे लंड को चूत में लेना चाहती थी। मैंने महिमा की चूत को सहलाया, महिमा की चूत पर एक भी बाल नहीं था। वह बहुत ही ज्यादा मचलने लगी थी। मैंने महिमा की चूत पर अपनी उंगली को डालने की कोशिश की तो वह जोर से चिल्लाई। मैंने अब उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया था। मैं जब महिमा की योनि को चाट रहा था तो मुझे बड़ा मजा आ रहा था और उसे भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। महिमा बहुत ही उत्तेजित होने लगी थी अब वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही मजा आ रहा है तुम ऐसे ही मेरी चूत को चाटते रहो। वह मुझे अपने पैरो के बीच मे जकडने की कोशिश कर रही थी। मैंने महिमा से कहा मेरे अंदर की आग अब बढ़ने लगी है। अब हम दोनों ही तडपने लगे थे मैं अब अपने आपको ज्यादा देर तक रोक नहीं पाया। मैंने जब महिमा की चूत पर लंड को टच किया तो मुझे गर्मी का अहसास हो रहा था।

मैने अपने लंड को अंदर धकेलना शुरु किया तो वह बहुत ही जोर से चिल्लाई और बोली मेरी चूत फाड गई। मै हैरान था महिमा की चूत से खून निकल रहा है। मैंने देखा उसकी चूत से खून बह रहा था। महिमा को बड़ा ही मजा आ रहा था और मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था। मैं महिमा की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को किए जा रहा था जिससे कि मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। महिमा अब पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगी थी। मैंने महिमा के दोनों पैरों को आपस में मिला लिया था। महिमा के पैर आपस मे मिले हुए थे। उसके पैरों को आपस में मिलाने के बाद मै महिमा को तेजी से चोद रहा था महिमा बहुत उत्तेजित होती जा रही थी। महिमा की चूत मे माल गिराने के बाद मैने उसकी चूतड़ों को अपनी तरफ किया और उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाला तो वह जोर से चिल्लाई। अब उसकी चूतड़ों पर मुझे प्रहार करने मे मजा आ रहा था। महिमा की चूतड़ों का रंग भी लाल होने लगा था अब मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा था। हम दोनो को साथ मे संभोग करने मे मजा आ रहा था। महिमा की टाइट चूत अब और भी टाइट हो गई थी। मै समझ चुका था मेरा माल गिरने वाला है। मैंने अपने माल को महिमा की चूत पर गिरा दिया था। मेरा माल महिमा की चूत मे गिरने के बाद मैने महिमा को कस कर पकडा। हम दोनो अब एक दूसरे के साथ लेटे थे।


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