बदलती किस्मत -1

Badalti kismat 1:

हेल्लों दोस्तों, मेरा नाम सुभाष(बदला हुआ नाम) है और मैं जबलपुर में रहता हूँ | मैं एक बिल्डर हूँ और मेरा नाम जाने मने बिल्डर्स में से एक है | मेरी उम्र 34 साल है और मैं शादीशुदा हूँ, मेरे दो बेटे और एक बेटी है | अभी मेरे तीनो बच्चे स्कूल में पढाई करते है | दोस्तों, ये मेरी पहली कहानी है इसमें में आप लोगो को ये बताना चाहता हूँ कि किस्मत बड़ी कुट्टी चीज़ होती है साली कभी भी पलट जाती है | और मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है | चलिए मैं आपको बताता हूँ कि ये सब मेरे साथ कैसे हुआ |

ये बात आज से करीब 14 साल पहले कि है, मैं उस समय 24 साल का था ताब मैं एक मामूली साल लड़का हुआ करता था, उस समय मेरे घर में मेरे पापा जो मजदूर थे और मम्मी आया थी और मेरी बहुत छोटी थी तो मम्मी उसे अपने साथ ही थोडा बहुत काम सिखाने के लिए ले जाती थी | मैंने भी बस 8 कक्षा तक ही पढाई किया था | मैं उस समय कोई काम धंधा नहीं करता था | हम बहुत ही गरीब थे और बड़ी गरीबी में हमारी दुनिया चल रही थी, मैं एक लड़की से प्यार करता था पर कभी उससे प्यार का इज़हार नहीं कर पाया था अपने प्यार का | वो बहुत सुंदर थी उसके पापा सरकारी कर्मचारी थे और मम्मी निजी स्कूल में टीचर थी और वो अकेली औलाद थी अपने मम्मी पापा की |  जिस लड़की से मैं प्यार करता था वो बहुत ही अच्छे स्कूल में पढ़ती थी और उसकी उम्र मेरे ही लगभग थी | मैं हमेशा उससे बात करने कि सोचता था पर मैं ये सोच कर चुप हो जाता था कि मैं गरीब हूँ और मेरे पास पैसे भी नहीं रहते तो क्या वो मुझसे बात करेगी या नहीं ? बस यही कारण था की मैं उससे कह नहीं पा रहा था कुछ भी |

एक दिन कि बात है दोस्तों, बहुत बारिश हो रही थी और मैं एक शॉप से कुछ पैसे चुरा कर लौट रहा था और मेरे पीछे बहुत सारे लोग भाग रहे थे मुझे पकड़ने के लिए फिर मैं उसी लड़की के स्कूल के पास जा कर छुप गया और उसी समय स्कूल की छुट्टी हो गयी थी और सारे बच्चे वहाँ से निकलने लगे थे | और वो भी उसी समय वहाँ से निकल रही थी, वो स्कूल के ड्रेस में बहुत क्यूट लग रही थी | जैसे ही मैंने उसे देखा तो मैंने सोचा कि यही सही मौका है इससे बात करने का तो जैसे ही मैं उसके पास तक पंहुचा ही था कि वो दुकानदार और उसके साथ के कुछ लोग  मुझे देख लिए और मुझे उसी के सामने पीटने लगे और वहाँ मौजूद सारे लोग मुझे पिटता देख सब हंस रहे थे और वो लड़की भी हंस रही थी | मुझे बहुत बुरा लगा था उन्होंने मुझसे 500 रुपय छीन  लिए थे और सब समझ गए थे कि मैं एक चोर हूँ, मुझे बहुत बुरा लगा था कि कम से कम मुझे उस लड़की के सामने न मारते जिससे मैं प्यार करता हूँ | फिर मैं अपने घर गया और रोने लगा और ये सोचने लगा कि मैं अपने अपमान का बदला कैसे लूं ? ऐसे दिन बीते जा रहे थे |

फिर दोस्तों एक दिन ऐसा आया की मैं चोरी करने एक दूकान पर घुसा था रात के करीब 12 के आस पास बज रहे होंगे तभी मुझे वहाँ एक औरत के चिल्लाने की आवाज आने लगी थी फिर उसी दूकान के मालिक ने बत्ती जला ली और मुझे वहाँ से भागना पड़ा | मैं भागते हुए उसी जगह पंहुच गया था जहाँ से उस औरत के चीखने की आवाज़ आ रही थी | मैंने देखा की तीन लड़के उसकी आबरू से खेल रहे थे और मेरे पास हमेशा बटनदार चाकू रहता था तो मैंने अंधाधुंध उनलोग पर चाकू चलने लगा तो उनलोग वहाँ से भाग गए मुझे गाली देते हुए तो मैंने कहा मादरचोदो गांड में कूबत है तो अभी लड़ लो पर वो वापस नहीं आए थे | फिर मैंने उस औरत कि मदद किया उनकी साड़ी उन्हें दिया और उन्होंने मुझे मेरा धन्यवाद दिया तो मैंने उन्हें कहा कि आप मेरे घर चलिए बहुत रात हो चुकी है आप ऐसी हालत में घर मत जाइये वैसे भी उनलोगों ने आपका पर्स चोरी कर लिए हैं तो आप अपने पति या अन्य किसी को भी मदद के लिए नहीं बुला सकती हो | तो उनसे मेरे साथ जाना ही सही समझा, करीब एक घंटे बाद हम मेरे घर पंहुचे तो वो अन्दर जाने से हिचकिचाने लगी क्यूंकि आप सभी जानते है कि मैं गरीब था तो मेरा घर एक झोपड़पट्टी वाला था पर मेरे बार बार कहने पर वो मान गई वो रात मेरे घर ही रुकी रही हमने उन्हें खाना भी खिलाया था | अगली सुबह वो अपने घर चली गई थी और अपना पता दे गई थी कि तुम मेरे घर आ कर मिलना |

फिर मैं उसी दिन उनसे कह दिया था कि मैं 1 बजे तक आपके घर आऊंगा | फिर मैं उस टाइम पर उनके घर पंहुचा, तो देखा कि वो बहुत रईस थी और अकेले ही रहती थी, जब मैं उनके घर पंहुचा तो देखा कि उन्होंने गाउन पहना हुआ है और वो बहुत सेक्सी लग रही थी मेरा तो लंड ही खड़ा हो गया था देख कर पर वो बहुत अमीर थी इस मैं उनके साथ कुछ गलत नहीं कर सकता था | फिर उन्होंने मुझसे कहा कि तुम बैठो मैं आती हूँ 5 मिनट से | फिर मैं वहीँ बैठ के इंतज़ार करने लगा, फिर वो आयीं तब उन्होंने जीन्स और टॉप पहनी हुई थी जिसमें उसके दूध उभरे हुए दिख रहे थे और गजब का फिगर लग रहा था मन तो कर रहा था कि वहीँ उसे पटक के चोद दूं पर मुझे अपने आप पर काबू रखना था | फिर उन्होंने मुझसे से मेरा नाम पुछा तो मैंने बताया कि मेरा नाम सुभाष है | फिर उन्होंने पुछा कि तुम क्या करते हो ? तो मैंने उन्हें अपनी सारी स्थिति बता दिया | तब उन्होंने मुझसे कहा की अगर तुम मेरा एक काम कर दोगे तो मैं तुम्हे अपना सारा कारोबार सँभालने को दे दूंगी और बस मुझसे उसमे से 50% चाहिए होगा तो मैंने झट से हाँ कर दिया तब उन्होंने मुझे ये कहा कि तुम मुझे संतुष्ट कर दो तो ही मैं तुम्हे अपना काम दे पाऊँगी (अब बहनचोद कोई झान्टू ही होगा जो ये काम के लिए मना करता) मैंने तुरंत ही हाँ कर दिया |
फिर वो मेरी जांघ पर हाँथ फेरने लगी मुझे अच्छा लगने लगा था तो मैंने उनसे कहा कि मैंने आज तक सेक्स नहीं किया हूँ तो उन्होंने कहा तुम चिंता मत करो मैं हूँ | फिर वो मेरे पास आई और मेरी जांघो में बैठ गई और अपने दोनों हाँथ मेरे गर्दन के पीछे करके आपस में बाँध ली, फिर वो मुझे किस करने लगी और मेरे होंठो को चूसने के साथ साथ  मेरी जीभ को चूस रही थी मुझसे बहुत अच्छा लग रहा था तो मैं भी उनका साथ देने लगा था | और वो धीरे धीरे मेरी शर्ट भी उतार दी किस करते हुए और मैं उन्हें किस करते हुए उनकी पीठ पर हाँथ से सहला रहा था | 10 मिनट तक हम लोग ने बस यही किये और फिर उन्होंने खड़े हो कर अपने सारे कपड़े उतार दिए माँ कसम क्या जिस्म था उसका बड़े बड़े दूध प्यारी सी चूत थी उसकी जब उसने पोजीशन बदल के अपनी गांड दिखाई हाय मैं तो तो मदहोश ही हो गया था इतनी गजब की गांड थी उसकी उभरी हुई | फिर मैं उसके लटकते हुए दूध को पीने लगा और वो ऊउन्न्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्म्ह उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह आअहाआ आआहा आआहा आआहा अआहा अआहा आआहा ऊउन्न्ह ऊउन्न्म्म कर रही थी | फिर इसके बाद मैं एक हाँथ से एक दूध को मसल रहा था और उसकी चुच्चिया दबा रहा था अपनी ऊँगली से और दुसरे दूध को मुंह में ले कर चूस रहा था वो बहुत गरम हो चुकी थी और सिस्कारियां भर रही थी और साथ में ऊउन्न्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्म्ह उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह आअहाआ आआहा आआहा आआहा अआहा अआहा आआहा ऊउन्न्ह ऊउन्न्म्म कर रही थी, मैं समझ चूका था कि वो अब चुदने के लिए तैयार हो चुकी थी पर मैं उसे और गरमाना चाहता था फिर मैं दूसरे को दूध को मुंह में ले कर चूस रहा था और वो ऊउन्न्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्म्ह उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह आअहाआ आआहा आआहा आआहा अआहा अआहा आआहा ऊउन्न्ह ऊउन्न्म्म  कर रही थी | 15 मिनट तक दूध चूसने के बाद मैं उसकी चूत चाटने लगा और वो ऊउन्न्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्म्ह उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह आअहाआ आआहा आआहा आआहा अआहा अआहा आआहा ऊउन्न्ह ऊउन्न्म्म करने लगी |

तो दोस्तों ये थी मेरी आधी कहानी जिसको पूरा मैं अगले भाग में करूँगा | आपका इस कहानी को पढने के लिए धन्यवाद !


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