बड़ा हुआ तो सीधा चोदा भाभी को

Bada hua to sidha choda bhabhi ko:

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मेरा नाम रमन है और मैं 40 वर्ष का व्यक्ति हूं। मैं एक सरकारी कर्मचारी हूं। मैं दिल्ली का रहने वाला हूं। मरी पत्नि और बच्चे मेरे साथ रहते हैं। मेरे मां पिताजी गांव में ही रहते हैं। मेरी पत्नी का नाम लता है और वह भी अपना छोटा सा बुटीक चलाती है। उसका काम भी बहुत अच्छे से चल रहा है और मेरा भी काम अच्छे से चल रहा है। हम लोग सिर्फ छुट्टी के दिन ही साथ में समय बिता पाते हैं। अन्यथा उसके अलावा उसके पास भी कम समय होता है और मुझे भी टाइम नहीं मिल पाता है। मैंने दिल्ली में एक छोटा सा घर खरीद लिया है और हम लोग उसमें ही रहते हैं लेकिन अब मैं सोच रहा था कि कहीं पर कोई बड़ा सा घर ले लू। उसके लिए मैंने बैंक में लोन के लिए अप्लाई करवा दिया लेकिन मेरी लोन की फाइल पास ही नहीं हो रही थी। मुझे बहुत ही दिक्कत हो रही थी। कि मेरा लोन क्यों पास नहीं हो रहा है। मेरे पास समय न होने के कारण मैं बैंक भी नहीं जा पाता था। एक दिन मैंने सोचा कि आज समय निकालके  बैंक चला ही जाता हूं। जब मैं बैंक गया तो मैंने बैंक मैनेजर से मुलाकात की। बैंक मैनेजर का नाम रविंद्र है। मैंने उनसे कहा कि मैंने आपके यहां पर लोन के लिए अप्लाई किया था लेकिन अभी तक मेरा लोन पास नहीं हुआ है। वह कहने लगे कि आप की फाइल लगी हुई है। जैसे ही लोन पास हो जाएगा तो हम आपको सूचित कर देंगे।

लेकिन ना जाने क्यों मेरा बैंक का लोन अभी तक पास नहीं हुआ। सारे डॉक्यूमेंट मैंने उसमें लगाए हुए थे। मैंने मैनेजर से कहा भी कि मैंने सारी फॉर्मेलिटी पूरी कर दी है। उसके बावजूद भी मुझे लोन नहीं मिल रहा है। यह तो बड़ी समस्या वाली बात है। मुझे जल्दी से एक घर खरीदना है और आप मेरा लोन जल्दी पास करवा देते तो अच्छा रहता।  वह कहने लगा कि मेरे हाथ में कुछ नहीं है। मैंने आपकी फाइल लगा रखी है। मैंने मैनेजर से कहा  कि आपके हाथ में तो सब कुछ है। आप चाहेंगे तो मेरा लोन भी पास हो जाएगा और मुझे किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी। क्योंकि मुझे जल्दी से ही कोई बड़ा घर लेना है और अपने पुराने वाले घर को मैं किराए पर देना चाहता हूं। यह कहते हुए मैंने मैनेजर से बहुत ही रिक्वेस्ट की। उन्होंने मुझे कहा कि तुम अगले हफ्ते मेरे पास आ जाना उसके बाद हम लोग इस बारे में बात करेंगे। अगर तब तक तुम्हारी फाइल पास हो जाएगी तो मैं तुम्हें सूचित कर दूंगा। अब मैं बैंक से सीधा अपने घर चला गया। मेरी पत्नी मुझसे पूछने लगी कि आपने वहां बैंक में लोन के लिए अप्लाई किया था उसका क्या हुआ। मैंने उसे बताया कि अभी तक मेरा लोन पास नहीं हुआ है और मैं भी इसी चक्कर में हूं कि जल्दी से मेरा लोन पास हो जाए। ताकि हम लोग कोई नया घर खरीद लें और वहां पर रहने के लिए चले जाएं।

वह भी कहने लगी हां मैं भी यही चाहती हूं कि जल्दी से हमे  लोन मिल जाता और हम दूसरे घर में चले जाते। क्योंकि यहां पर जगह हमें कम पड़ रही है और मैं वहां पर दुकान भी खोल लूंगी जिससे मेरा किराया भी बचा करेगा। मैं अगले हफ्ते दोबारा से मैनेजर के पास गया और मैनेजर मुझसे कहने लगे कि आपका लोन अभी पास नहीं हुआ है। उसमें थोड़ा समय लग जाएगा। मैंने मैनेजर से कहा कि सर आप कुछ तो कीजिए। ताकि मेरा जल्दी से लोन अप्रूवल हो जाए। मैंने मैनेजर से बहुत रिक्वेस्ट किया और वह कहने लगे कि मैं तुम्हारे घर पर आता हूं। उसके बाद वह कहते है कि तुम्हारे घर के पेपर यदि गिरवी रख दिया जाए तो तुम्हें लोन  मिल जाएगा। मैंने उन्हें कहा कि आप मेरे घर पर आ जाइए। मैं आपको अपना घर दिखा दूंगा और आप उसकी वैल्यू निकाल लीजिएगा। अब मैनेजर कुछ दिनों बाद मेरे घर आए। घर आने से पहले उन्होंने मुझे फोन कर दिया था। जब वह मेरे घर आए तो उसे मेरी पत्नी भी घर पर ही थी। वह जब वह हमारे घर पहुंचे तो उन्होंने अपनी पत्नी से हमे मिलाया। उसके बाद मैनेजर ने हमारे घर की वैल्यू निकाली और वह हमारे घर से चले गए लेकिन अब भी हमारा लोन पास नहीं हो पा रहा  था। मुझे बहुत ही चिंता हो रही थी कि जल्दी से जल्दी हमारा लोन पास नहीं हुआ तो हम लोग नए घर में शिफ्ट नहीं हो पाएंगे। क्योंकि मैंने किसी से बात की थी कि मैं उनके वहां पर प्रॉपर्टी लूंगा और वह घर मैंने देखा भी था। वह मुझे बहुत ही पसंद आया था लेकिन फिर भी मैनेजर मेरी फाइल आगे करने को तैयार नहीं था और ना ही वह मेरा लोन को पास कर रहा था। मेरी पत्नी मुझसे बार-बार पूछने लगी कि लोन पास हुआ या नहीं। मैं उसे कहता कि अभी तो नहीं हुआ है। मैंने इसके चलते छुट्टियां भी बहुत ले ली थी और मैं नहीं चाहता कि अब मैं ज्यादा छुट्टियां लूं। इसलिए मैं मैनेजर से फोन पर ही बात कर दिया करता था।

एक दिन मैंने मैनेजर को फोन करके कहा कि मेरा लोन अभी भी पास नहीं हुआ है तो उसके लिए मुझे क्या करना पड़ेगा। वह कहने लगा कि आप अपनी पत्नी को हमारे पास भेज दीजिए और हम आपका लोन कल ही कर देंगे। मैं उसकी बातों को समझ चुका था और मैंने अपनी पत्नी को उसके ऑफिस में भेज दिया मेरी पत्नी को कुछ भी नहीं पता था। मैं भी मैनेजर के ऑफिस में बैठकर सब देख रहा था मैं अंदर के कमरे से सब देखता जा रहा था और मैनेजर अपने बाहर वाले केबिन में बैठा हुआ था। जैसे ही मेरी पत्नी वहां आई तो उसने मेरी पत्नी के होठों को चूसना शुरू कर दिया। मेरी पत्नी को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था तभी मैनेजर ने उसे कहा कि तुम्हारा लोन पास तभी होगा जब तुम अपनी चूत मुझसे मरवाओगी। मेरी पत्नी को भी अपने बूटीक की चिंता थी इस वजह से उसने भी उसके होंठों को चूमना शुरू कर दिया। वह ऐसे ही उसके होठों को बहुत देर तक किस कर रही थी। मैनेजर ने मेरी पत्नी के पूरे कपड़े खोल दिया और वह उसके सामने नग्नावस्था में थी। मैं अंदर से सब कुछ देख रहा था। उसने उसकी चूत को चाटना शुरु किया और वह बहुत ही ज्यादा उत्तेजित होने लगी मेरा भी मन उसे चोदने का हो रहा था लेकिन मैं अंदर से सब कुछ देख रहा था।

थोड़ी देर बाद मैनेजर ने अपने मोटे लंड को उसके मुंह के अंदर डाल दिया। जैसे ही उसने अपने मोटे और काले लंड को उसके मुंह में डाला तो उसने उसके लंड को गले तक ले लिया और उसे अच्छे से चूसने लगी। मैनेजर ने उसे अपनी टेबल पर लेटाते हुए उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया और बड़ी ही तीव्र गति से उसे चोदने लगा। उसकी आवाज मेरे कानों तक भी आ रही थी और मैं अंदर से सब कुछ देखे जा रहा था। वह बड़ी तेजी से उसे धक्के मारता और उसने उसके दोनों पैरों को कसकर पकड़ रखा था। वह ऐसे ही उसे बड़ी तीव्र गति से चोदता जा रहा था जिससे कि उसका पूरा शरीर हिल रहा था और मैं अंदर से सब देख रहा था। थोड़ी देर बाद उसने उसे अपने ऊपर बैठा दिया और मेरी पत्नी उसके लंड पर अपनी चूतडो को बहुत ही अच्छे से हिलाती जा रही थी। उसे इतने अच्छे से हिला रही थी कि उसने मेरे साथ भी कभी इतने अच्छे से सेक्स नहीं किया होगा। कुछ देर तक उन्होंने ऐसा ही किया उसके बाद मैनेजर ने उसकी दोनों जांघों को पकड़ते हुए अपने ऊपर बैठा लिया और उसकी चूत पर धक्के मारने लगा। वह बड़ी तेजी से उसे धक्के मार रहा था और मेरी पत्नी के मुंह से आवाज निकलती जा रही थी। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था यह सब देखकर मेरा भी खड़ा हो चुका था। उसके बाद मैनेजर ने उसे दोबारा से अपने नीचे लेटा दिया और उसे ऐसे ही झटके मारने लगा और थोडे समय बाद मैनेजर ने अपना माल गिरा दिया।

कुछ देर बाद वह वहा से चली गई और मैनेजर ने मेरी फाइल पर साइन कर दिया मेरा लोन पास हो चुका है। रात को मैंने अपनी पत्नी की गांड मारी बहुत ही अच्छे से मैंने अपने लंड पर सरसों का तेल लगाया वह चिल्लाती जा रही थी और मैंने अपने लंड को उसकी गांड के अंदर डाल दिया था। वह मुझे कहती कि आज तुम्हारा मन मेरी गांड मारने का कैसे हो गया। मैंने उसे कहा बस ऐसे ही आज मेरा मन हो रहा था तो तुम्हारी गांड मार ली। अब वह बहुत खुश थी और हमारा लोन भी पास हो चुका था हम लोग अब नए घर में शिफ्ट हो गए थे।


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