बाप आखिर बाप होता है

Baap akhir baap hota hai:

antarvasna, hindi sex story मेरा नाम सुधीर है मेरी उम्र 50 वर्ष की है मुझे एक लड़का रोड के किनारे मिला था मैं उसे अपने घर ले आया उसका नाम मैंने कपिल रखा उसकी उम्र उस वक्त 6 वर्ष के आसपास रही होगी, मैंने ही उसे पाल पोस कर बड़ा किया मेरी पत्नी को भी इस बात से कोई दिक्कत नहीं थी, मेरा लड़का उससे 5 वर्ष बड़ा है लेकिन उसने भी कभी कपिल को कोई तकलीफ नहीं होने दी। कपिल जब बड़ा हो गया तो वह काम करने लगा और वह हम लोगों से भी बहुत प्यार प्रेम करता है, मैंने अब कपिल की शादी भी करवा दी कपिल की पत्नी का नाम कृतिका है लेकिन उसका व्यवहार शुरू से ही हमारे लिए अच्छा नहीं था, कपिल को यह बात बिल्कुल पसंद नहीं थी और उसने कई बार कृतिका को समझाने की कोशिश की लेकिन वह कपिल की बात नहीं मानती थी और उसे धमकी देने लगी कि मैं घर छोड़ कर चली जाऊंगी, कपिल हमारे सामने विवश था।

एक दिन वह मेरे साथ बैठा हुआ था उस दिन वह कहने लगा पापा आपने मेरे लिए इतना कुछ किया है लेकिन कृतिका की वजह से आपको बहुत तकलीफ हो रही है और कृतिका मम्मी के साथ भी झगड़ा करती है मुझे बिलकुल अच्छा नहीं लगता, मैंने कपिल से कहा देखो बेटा मैंने तुम्हें अपने बेटे से बढ़कर माना है और बचपन से मैंने तुम्हारे और रवीश के बीच में कभी भी कोई भेदभाव नहीं किया,जितना मुझसे हो सकता था मैंने तुम दोनों को उतने अच्छे से पढ़ाया और मैंने कभी तुम दोनों में कोई भेदभाव नहीं किया लेकिन मुझे बहुत खुशी है कि तुमने अपने बलबूते एक अच्छी नौकरी पाली है। वह कहने लगा लेकिन आप लोग कृतिका की वजह से बहुत दुखी होंगे मुझे भी बिलकुल अच्छा नहीं लगता जब वह मम्मी के साथ झगड़ा करती है मेरा आप लोगों के सिवा इस दुनिया में आखिरकार है ही कौन लेकिन कृतिका को यह बात समझ नहीं आती मैंने उसे कई बार समझाने की कोशिश भी की लेकिन वह उल्टा मेरे साथ ही झगड़ा कर लेती है, मैंने कपिल से कहा देखो बेटा तुम अपने दिमाग से यह बात बिल्कुल निकाल दो मुझे कृतिका से कोई भी तकलीफ नहीं है अभी वह नासमझ है और जैसे ही उसे इस बात का आभास होगा कि हम लोगों के बीच में कितना प्यार है तो वह कभी भी ऐसा व्यवहार नहीं करेगी।

उस दिन कपिल बहुत ज्यादा भावुक हो गया और मैं उसके चेहरे को देख रहा था कि वह काफी दुखी था, मैंने उसके बाद कभी कपिल से इस बारे में बात नहीं की लेकिन कृतिका का व्यवहार दिन-ब-दिन बदलता जा रहा था उसका और मेरी पत्नी का झगड़ा काफी होने लगा था, मेरी पत्नी का व्यवहार बहुत ही अच्छा है और वह कभी भी उससे इस बारे में बात नहीं करती लेकिन कृतिका को तो जैसे झगड़ा करने की आदत होने लगी थी इसी झगड़े से तंग आकर कपिल ने एक दिन कहा पापा मैं अब अलग रहना चाहता हूं आप लोगों को मेरी वजह से तकलीफ हो रही है और मैं नहीं चाहता कि मैं अब आप लोगों को और तकलीफ दू, मैंने कपिल से कहा यह तुम्हारा घर है और तुम्हारा इस पर पूरा अधिकार है तुम्हें कहीं जाने की जरूरत नहीं है लेकिन कपिल ने भी पूरा मन बना लिया था और वह कृतिका को अलग लेकर जाना चाहता था क्योंकि उसकी वजह से घर में झगड़े काफी बढ़ने लगे थे। मैंने कपिल से कहा बेटा तुम हमें छोड़कर मत जाओ लेकिन कपिल कहने लगा पापा मैं नहीं चाहता कि अब मेरी वजह से आप लोगों को और भी तकलीफ हो,  मैं आपसे मिलने आता रहूंगा, मैं भी उसे रोकने में नाकामयाब रहा वह भी हमारी बात को नहीं माना, यह पहली बार ही हुआ था कि कभी उसने अपना फैसला खुद ही लिया नहीं तो वह हमेशा मुझे पूछता कि पापा मुझे क्या करना चाहिए लेकिन उसकी इस बात से मैं बहुत दुखी हो चुका था और उसके जाने से मुझे बहुत दुख हुआ इसके लिए कृतिका ही पूरी तरीके से जिम्मेदार थी और मैंने कृतिका को जाते समय कहा भी था कि तुम कपिल को कोई तकलीफ मत होने देना वह बहुत ही सीधा लड़का है और तुम्हें ही उसका ध्यान रखना है, उसने मुझे कहा हां मैं ही उसका ध्यान रखूंगी। जब वह लोग अलग रहने चले गए तो कपिल हमसे मिलने आता रहता था उसका लगाव और उसका प्यार हमारे लिए पहले जैसा ही था लेकिन कृतिका की वजह से वह काफी परेशान रहने लगा, कृतिका उसे अकेले में बहुत परेशान करती।

एक दिन उसका सबर का बाण फूट गया और जब उसने मुझसे कहा कि पापा मैं बहुत परेशान हो चुका हूं, मैं सोच रहा हूं कृतिका को डिवोर्स दे दूँ, मैंने उसे कहा बेटा ऐसा क्या हो गया कि तुम इतने ज्यादा परेशान हो गए? वह कहने लगा उसका व्यवहार ही बिलकुल अलग प्रकार का है वह जैसे किसी को खुश देख ही नहीं सकती और वह मुझे भी हर चीज के लिए दोष देती रहती है वह कहती है कि मुझे तुम्हारे साथ शादी करनी ही नहीं चाहिए थी। मैंने कपिल से कहा ठीक है तुम चिंता मत करो मैं कृतिका से इस बारे में बात करता हूं, कपिल उसके बाद घर चले गया और जब कुछ दिनों बाद मैं कपिल से मिलने के लिए जा रहा था तो उस वक्त मुझे रास्ते में मेरे एक मित्र मिल गए, मैं उनके साथ ही काफी देर तक बैठकर बातें करता रहा हम लोग अपने पुराने दिनों की याद ताजा करने लगे लेकिन मैंने उन्हें कहा कि मुझे अपने बेटे के पास जाना है मैंने उन्हें सारी स्थिति के बारे में बताया इसलिए उन्होंने भी मुझे रोका नहीं और मैं वहां से कपिल के घर चला गया। मैं जब कपिल के घर गया तो मैंने कृतिका से पूछा कपिल कहां है। वह कहने लगी कपिल तो अभी बाहर चले गए मैंने उससे कहा कृतिका क्या मैं तुमसे कुछ देर बात कर सकता हूं। वह कहने लगी क्यों नही पापा जी, आप बैठिए मैं आपके लिए पानी ले आती हूं, वह मेरे लिए पानी ले आई।

मैं उसे समझाने लगा मैंने उसे कहा देखो बेटा तुम ऐसा मत करो कपिल हमारा बच्चा है हम उससे अलग नहीं रह सकते तुम हम लोगों को उससे क्यों अलग कर रही हो। वह मुझे कहने लगी मैंने कहा उसे आप से अलग किया है। वह अपनी गलती मानने को तैयार ही नहीं थी, मुझे इतना ज्यादा गुस्सा आ गया मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और कहा यदि तुम सुधरोगे नहीं तो मुझे अब दूसरा तरीका अपनाना पड़ेगा। वह मुझे कहने लगी पापा जी आप यह क्या कर रहे हैं। मैंने उसे कहा तुम अब मुझे सिखाओ मत मैं तुम्हें सिखाता हूं कैसे प्यार से रहा जाता है, तुम्हारे साथ मैं बहुत प्यार से रहा लेकिन अब मैं तुम्हें दिखाऊंगा कि आखिरकार बाप बाप ही होता है। मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिया उसे अपने नीचे लेटा दिया मैंने उसे जमीन पर ही लेटा दिया, वह कहने लगी आप मुझे छोड़ दीजिए लेकिन मैंने उसकी गांड मे लंड घुसा दिया वह दर्द से करहाने लगी और मुझे कहने लगी मुझे बहुत दर्द हो रहा है आप ऐसा मत कीजिए। मैंने उसकी एक न सुनी और उसे बड़ी तेजी से धक्के मारने लगा। मैंने उसकी गांड का कचूमर बना दिया था, उसकी गांड से खून आने लगा वह मुझे कहने लगी पापा जी मैं आपके हाथ जोड़ती हूं लेकिन आप अपने इस मोटे लंड को मेरी गांड से बाहर निकाल दीजिए आप ऐसा मत कीजिए। मैंने उसे कहा तुम्हारी वजह से मेरा बेटा हमसे अलग हो चुका है मुझे कितना दुख हो रहा है तुम्हें इसका अंदाजा भी नहीं लगा सकती। वह मुझे कहने लगी मुझे तो दर्द हो रहा है और मुझे मेरे दर्द का अंदाजा है, मेरी गांड मे अपने दर्द कर के रख दी है। कुछ देर बाद उसे भी अच्छा लगने लगा वह अपनी गांड को ऊपर उठाने लगी। जब वह अपनी गांड को थोड़ा सा ऊपर उठाती तो मैं उसे देखकर उसकी गांड पर तेज प्रहार करता। मैं उसकी गांड के मजे ज्यादा समय तक नहीं ले पाया जब मेरा वीर्य उसकी गांड के अंदर गिर गया तो वह मुझे कहने लगी अब तो आप अपने मोटे लंड को मेरी गांड से निकाल दीजिए। मैंने अपने मोटे लंड को उसकी गांड से बाहर निकाल दिया, मैंने उसे समझाया तुम घर वापस लौट आओ मैं नहीं चाहता कपिल हमसे अलग रहे। वह मुझे कहने लगी पापा जी मैं कल ही घर वापस लौट आऊंगी और आपको कभी भी शिकायत का मौका नहीं दूंगी। मैंने उससे कहा मैं आज के बाद कभी भी नहीं चाहता कि तुम लोग घर से दूर रहो। अगले दिन वह लोग घर वापस लौट आए कपिल मुझे कहने लगा पापा मैं बहुत खुश हूं।


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