और उंचाई से चुदेगी गांडू

Aur unchai se chudegi gandu:

indian sex stories, desi kahani

मेरा नाम गौरव है और मैं ट्रैवल एजेंसी चलाता हूं। मुझे यह ट्रेवल एजेंसी चलाते हुए बहुत समय हो चुका है। मेरी ट्रेवल एजेंसी बहुत ही अच्छी चलती है और मेरे पास स्टाफ भी बहुत है। मैं अपने स्टाफ का भी ध्यान अच्छे से रखता हूं और वह भी मुझसे बहुत खुश होते हैं। वह कहते हैं कि सर आपके साथ हमें काम करने में बहुत ही अच्छा लगता है। मैंने अपनी कंपनी की शुरुआत अपने घर से ही की थी और अब वह बहुत बड़ी हो चुकी है। आप हमारे पास बहुत बुकिंग होती है और मैंने खुद की भी कुछ गाड़ियां ले ली हैं। बाकी मैं बाहर से ही मंगवा लेता हूं जब मुझे जरूरत पड़ती है। एक दिन मेरा बचपन का दोस्त मुझे कहने लगा कि तुम्हारा काम कैसा चल रहा है। मैंने उसे बताया कि मेरा काम तो बहुत ही अच्छे से चल रहा है और मैं अपने काम को बहुत ही बखूबी से कर रहा हूं। उसने मुझे कहा कि तुम एक काम करो, मेरे साथ कुछ दिनों के लिए मेरे घर चलो। मैंने उसे कहा कि मैं तुम्हारे साथ गांव में क्या करूंगा। वह कहने लगा कि गांव में मेरा कुछ काम है। इसलिए मुझे गांव जाना पड़ रहा है और हम तुम्हारी गाड़ी ले चलेंगे। जितनी बुकिंग तुम्हारी बनेगी मैं तुम्हें वह दे दूंगा। मैंने उसे कहा कि पैसे वाली कोई बात नहीं है। तुम गाड़ी को अपने साथ ले जा सकते हो लेकिन वह बहुत ही जिद्दी है और कहने लगा कि मैं तुम्हें तुम्हारे पैसे दूंगा और तुम मेरे साथ मेरे घर चलोगे। मैंने उसे कहा ठीक है। कब चलना है। वह कहने लगा कि परसों हम लोग अपने गांव निकलते हैं। मैंने भी सोचा चलो कुछ दिन मेरा भी कहीं बाहर घूमने का हो जाएगा और अलग माहौल में भी कुछ अच्छा भी लगेगा। नहीं तो शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से थोड़ा परेशान तो मैं भी हो ही गया था।

अब अगले दिन मैं अपने दोस्त के साथ उसके गांव चला गया। जब हम उसके गांव पहुंचे तो गांव का माहौल ही कुछ अलग था। वहां पर बहुत ज्यादा शांति और सुकून था। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। ऐसा लग रहा था कि अब मैं गांव में ही आकर बस जाऊं लेकिन ऐसा संभव नहीं था। क्योंकि शहर में मेरा अच्छा कारोबार चल रहा है और गांव में आने का कोई मतलब नहीं। इस वजह से मैं बहुत ही खुश था। कि चलो कम से कम कुछ दिन मुझे सुकून भरी जिंदगी तो मिलेगी। अब जब हम उसके गांव पहुंचे तो गांव में उसके चाचा चाची लोग रहते हैं। हम लोग उनके पास ही रुके थे। उसके चाचा एक अच्छे इंसान है और उसकी चाची भी बहुत ही अच्छी है। उनके दो बच्चे हैं। एक तो अभी छोटी है वह स्कूल में पढ़ती है। उनकी एक बड़ी लड़की  है। उसकी उम्र 22 वर्ष की है और वह बहुत ही सुंदर है। जब मैंने उसे पहली बार देखा तो मुझे वह बहुत अच्छी लगी। मेरी शादी भी नहीं हुई थी। तो मैं सोच रहा था कि इसी से शादी कर लूं लेकिन मैं अपने दोस्त के सामने यह बात नहीं कह सकता था। नहीं तो वह मुझ पर खामखा गुस्सा हो जाता। हम लोग गांव में बहुत ही अच्छे से एंजॉय कर रहे थे। हम लोग खेत में भी जाते हैं और खेती बाड़ी का काम भी करते हैं। मुझे तो उसका गाँव बहुत ही अच्छा लग रहा था। उसके साथ गांव में हम लोग ट्यूबवेल में भी नहा रहे थे। जिसमें कि अलग ही आनंद आ रहा था। मेरा दोस्त कहने लगा कि यार मैं यहां पर कुछ जमीन के लेनदेन के सिलसिले में आया था। किसी ने हमारी जमीन पर कब्जा कर लिया है। उसे ही अपने नाम करवाना है। मैंने उसे कहा ठीक है। तो हम लोग उसके काम में लग जाते हैं। अब हम लोग उसी के सिलसिले में लगे रहे और जब हमने कार्रवाई की तब जाकर वह जमीन मेरे दोस्त को वापस मिली। नहीं तो उसमें किसी ने कब्जा कर लिया था।

अब मेरा मन कर रहा था कि मैं कुछ दिन गांव में और रहूं। हम लोग गांव में कुछ ही दिन और रुकने वाले थे। तब मैं उसके चाचा की लड़की से बात करने लगा। उसके चाचा की लड़की का नाम गौरी है। हम लोग बहुत बातें करने लगे। मुझे गौरी के साथ बात कर के बहुत ही अच्छा लगता और वह भी मुझे अपने साथ अपने गांव में घुमाने ले जाती। क्योंकि मैंने आज तक कभी भी गांव का माहौल नहीं देखा था। इस वजह से मुझे वह कुछ अलग ही तरीके का लग रहा था। मुझे ऐसा लग रहा था कि गांव में रहना बहुत ही अच्छा है। मेरा मन अब बिल्कुल भी शहर में जाने का नहीं था। क्योंकि वहां पर बहुत ही ज्यादा भागदौड़ हो जाती है और मैं सोच रहा था की कुछ दिन और गांव में रुक जाता हूं।

अब मैं अपना काम फिलहाल गांव से ही संभाल रहा था और इसी दौरान गौरी से भी मेरी नजदीकियां बढ़ती चली गई। वह भी अब मेरी तरफ मोहित होने लगी और मुझसे काफी अच्छे से बातें करने लगे। मुझे भी लगने लगा कि मैं इस बारे में अपने दोस्त से बात करता हूं लेकिन फिर कहीं ना कहीं मुझे डर भी लग रहा था कि कहीं इस बारे में मैंने अपने दोस्त से बात की तो वह कहीं गुस्सा ना हो जाए और मुझे कहने लगे कि इसीलिए मैं तुम्हें अपने साथ गांव में लाया था। इस वजह से मैंने उसे कुछ भी नहीं बताया और मैं और गौरी चुपके से मिलने लगे। हमने यह बात अभी किसी को भी नही बताई थी और न ही हमारे बारे में यह बात किस को पता थी।

एक दिन गोरी ने मुझे कहा कि तुम मुझे खेत में मिलने आ जाना मैं अब गौरी से मिलने खेत में चला गया। वह मेरे आगे चल रही थी और मैं उसके पीछे जा रहा था जैसे ही मैं खेत में गया तो वहा बहुत सारे गन्ने लगे हुए थे। वहा अंदर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था हम दोनों अब आराम से बैठे रहे। मैं गौरी से बात कर रहा था लेकिन अकेले में उसे देखकर मेरा मन खराब होने लगा और मैंने उसके होठों को किस कर लिया। जब मैंने उसके होठों को अपने होठों में लिया तो उसके अंदर की उत्तेजना भी जाग गई और वह भी मेरे होठों को चूमने लगी। मुझे बहुत ही अच्छा लगता जब वह मेरे होठों को अपने होठों में लेकर चूस रही थी। अब मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए उसके मुंह के अंदर घुसेड़ दिया। जैसे ही मैंने अपने लंड को उसके मुंह के अंदर डाला तो वह मेरे लंड को बहुत ही अच्छे से चूसने लगी। उसने चूस चूस कर मेरे लंड का बुरा हाल कर दिया। मुझे ऐसा लग रहा था कि कहीं मेरा वीर्य उसके मुंह के अंदर ही ना गिर जाए। मैंने उसके स्तनों को चूसना शुरू किया उसके स्तन बहुत ही मुलायम और छोटे-छोटे थे वह बहुत ही सुडोल थे और मुझे काफी आनंद आ रहा था उन्हें दबाने में और अपने मुंह के अंदर लेने में मैंने बहुत देर तक चूसना जारी रखा। मैंने उसके दोनों पैरों को खोलते हुए उसकी योनि में अपनी जीभ को लगा दिया और अपनी जीभ को अंदर बाहर करने लगा।

थोड़ी देर में उसके चूत से पानी गिरने लगा और मैं उस पानी को चाटने लगा। वह काफी तेज गति से गिर रहा था तो मैंने भी अपने लंड को उसकी योनि के अंदर एक ही झटके में घुसेड़ दिया। मैंने इतनी तेजी से घुसाया कि वह चिल्लाने लगी। वह कहने लगी गौरव तुम्हारा तो बहुत ज्यादा मोटा लंड है तुमने मेरी कमसिन चूत मारी मुझे बहुत ही मजा आ रहा है। वह ऐसे ही चिल्लाती तो मैं उसे बड़ी तेजी से झटके देने लगा। मैं उसे चोदे जा रहा था और उसका शरीर पूरा हिलने लगा मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसता जाता। उसका शरीर पूरा गर्म हो चुका था और हम दोनों को खेत के बीच में कोई भी नहीं देख सकता था क्योंकि वहां पर बहुत घने गन्ना लगा हुआ था। मैं उसे ऐसे ही लेटा कर चोदते जाता और वह बड़ी तेजी से चिल्ला रही थी। मैं उसको बहुत ही अच्छे से चोद भी रहा था और वह बहुत ही मजे में आ रही थी। मैंने इतनी तेजी से उसे झटका मारना शुरू किया कि उसका बदन पूरा कांपने लगा और वह मुझे कहती कि मेरे अंदर से करंट निकल रहा है। उसका अब झड गया तो वह शांत हो गई और मैंने उसे बड़ी तेजी से झटका मारा लेकिन मेरा भी थोड़ी देर बाद वीर्य पतन हो गया। अब हम दोनों काफी देर तक ऐसे ही लेटे रहे और उसके बाद हम दोनों वापस चले गए। अब मैं शहर वापस लौट चुका था लेकिन मैं अभी भी उसे बात करता रहता।

 


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