अरे चोदु है क्या भाई

Are chodu hai kya bhai:

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मेरा नाम विवेक है। मैं मुंबई के एक होटल मैं वेटर हूं। हमारे होटल में अक्सर एक लड़की आया करती थी। उसका नाम रुपाली था और हमेशा मैं उसकी टेबल पर ऑर्डर लेने जाया करता था। वह भी मुझसे मुस्कुरा कर बात करती थी। और मैं भी उससे बात कह  बात कर करता था। धीरे धीरे मुझे बहुत रुपाली बहुत अच्छी लगने लगी। एक दिन मैंने सोचा कि मैं उसे अपने दिल की बात बताऊ। लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हुई। मुझे तो अभी ये भी पता नही था कि वह भी मुझे पसंद करती है भी या नही। फिर मैंने सोचा कि जब वह मुझसे ऐसे मुस्कुरा के बात करती है तो शायद वह भी मुझे पसंद करती होगी।

एक दिन किसी तरह मैंने हिम्मत करके उससे अपने दिल की बात कर दी और अपने प्यार का इजहार किया। लेकिन उसने मेरी वहां पर सबके सामने बेज्जती करी। उसने मुझे वहीं होटल के बाहर अपने पति से मिलाया और कहा कि यह मेरे पति है। मुझे पता नहीं था कि वह शादीशुदा है। अगर मुझे यह पता होता तो मैं उसे कभी यह बात नहीं कहता और मुझे उस समय यह पता लगा कि उसका पति उसी होटल का मालिक था। जिस होटल में मैं काम करता था। इसीलिए वह अक्सर वहां आती रहती थी और मैंने उस होटल की नौकरी छोड़ दी। होटल से जाने के बाद मैं एक बड़ी सी दुकान पर गया और उस दुकान के मालिक से जाकर मिला। उनसे मैंने उनकी दुकान पर नौकरी मांगी लेकिन उनके यहां कोई जगह खाली नहीं थी। इसलिए उन्होंने मुझे वहां नौकरी नहीं दी और वहां से जाने के लिए कहा। मैं वहां से भी चला गया। मैं इधर उधर भटकता रहा लेकिन मुझे कहीं नौकरी नहीं मिल रही थी। फिर मैं एक स्टोर  पर गया मैंने वहां भी उनसे नौकरी के लिए कहा। उन्होंने मुझे वहां अपने स्टोर पर रख लिया। अब मैं उसी  स्टोर में काम करता था। मुझे वह होटल वाली बात अब तक बहुत बुरी लग रही थी। मैंने अपने मन में सोच लिया था कि मैं एक दिन इतने पैसे कमाऊंगा की वह होटल खरीद सकू। मैं उस स्टोर पर काम करने लगा था। उस स्टोर के बाद मैं दूसरी जगह भी नौकरी करता था। मैं दिन रात खूब मेहनत करता था। मैं हमेशा यही सोचता था कि काश मुझे एक दिन कोई बड़ा काम मिले। जिस काम को करके मेरे पास खूब सारे पैसे आ जाये। मैं दूसरे कुछ अच्छे काम के लिए इधर उधर जाता रहता था। और एक दिन मुझे एक बड़ा काम मिल ही गया।

उस काम से मुझे बहुत ज्यादा पैसे मिल गए थे और मेरी आमदनी काफी बढ़ गई थी। मैंने सोचा कि कहीं पर कुछ काम शुरू कर लेता हूं। मुझे होटल का काम काफी अच्छे से आता था तो मैंने होटल में ही आजमाने की सोची मैंने एक होटल खोल लिया था। मेरा काम बहुत अच्छा चलता था उसमें मैंने रेस्टोरेंट का सेक्शन भी बनाया था जो बहुत ज्यादा चल पड़ा। जिसे मेरा मुनाफा काफी बढ़ गया ऐसे ही मैं काफी सारे होटल्स और रेस्टोरेंट खोलता गया और मेरे पास इतना पैसा हो चुका था कि मैं कुछ भी खरीद सकता था। तब मुझे वह बात ध्यान आई जब मुझे वहां से निकलना पड़ा था। मैंने उस होटल के बारे में पता करवाया तो मुझे जानकारी मिली कि वह कुछ खास नहीं चल रहा है और बिकने की कगार पर है। मैंने सोच लिया था कि मैं उस होटल को खरीद कर ही रहूंगा अब जब उसकी बोली लगी तो मैंने वह होटल मैं सबसे ज्यादा बोली लगाई। उस होटल को मैं खरीद चुका था मैंने उसी होटल में काफी सारा पैसा खर्च करवा कर उसे बहुत बढ़िया बना दिया था। अब वह अच्छा चलने लगा भी था।

एक दिन मेरे पास एक रिज्यूम आया मैंने उस रिज्यूम में रुपाली की फोटो लगी हुई देखी। मैंने तुरंत ही उसे फोन  करके बुलवा लिया। वह इंटरव्यू देने आई तो उसने मुझे देखा तो वहां एकदम से चौंक गई। उसने मुझे कहा कि तुमने इतने सारे पैसे कैसे कमा लिए हैं। मैंने उसे बोला कि मैंने दिन रात बहुत मेहनत की है अब मैंने इतने पैसे कमा लिए है कि मैं कुछ भी खरीद सकता हूं। मैंने उसे बोला तुम मेरी छोड़ो तुम अपनी बताओ तुम्हें क्या जरूरत पड़ गई नौकरी की उसने बताया कि मेरे पति का दिवालिया निकल चुका है। वह दिन रात शराब पीते रहते हैं हमारे घर की माली स्थिति भी ठीक नहीं है। इस होटल को भी कर्जे में बेचना पड़ा जिससे जाकर थोड़ा बहुत हमें राहत मिली। मैं यह सब सुनकर बहुत ज्यादा खुश हो रहा था। मैंने उसे कहा कि मैं तुम्हें एक शर्त पर नौकरी दूंगा। तुमने जिस तरीके से मेरी बेइज्जती की थी मुझे उसका बदला लेना है। उसने कहा ठीक है तुम्हें जो करना है तुम कर लो। मैंने अपनी पैंट की जिप खोलते हुए अपने लंड को बाहर निकालते हुए। उसे पहले चूसने के लिए कहा उसने पहले यह सब मना कर दिया। मैंने उसे कहा कि मैं तुम्हारी सारी जरूरतें पूरी कर सकता हूं और  तुम्हें एक अच्छी जिंदगी भी दे सकता हूं। तुम सोच लो तुम्हें क्या करना है उसने तुरंत मेरे लंड को पकड़ लिया और अपने मुंह के अंदर तक लेने लगी।  वह बहुत ही अच्छे से मेरे लंड को चूस रही थी। मैंने उसे तब तक अपने लंड को चूसाया जब तक कि मेरा माल नहीं गिर गया। मेरा माल गिरने वाला था तो मैंने अपने वीर्य को उसके मुंह के अंदर ही घुसा दिया। जिससे कि उसका पूरा मुंह भर गया था और वह उस पूरे माल को अंदर ही निगल गई। मैंने उसकी पेंट को उतारते हुए अपने लंड पर ऐसे ही बैठा लिया।

वह अपनी चूतड़ों को मेरे लंड के ऊपर नीचे करती जाती जिससे मेरा मन बहुत खुश हो रहा था और मैं भी नीचे से ऐसे ही झटके मारे जा रहा था। कुछ समय तक मैंने उसे ऐसे ही चोदा उसके बाद मैंने उसकी शर्ट को उतारते हुए। उसके स्तनों को अपने मुंह में लेना शुरू किया। उसके स्तन बहुत ही अच्छे थे मैंने उनको अच्छे से रसपान किया। अब मैंने उसे घोड़ी बना दिया अपने टेबल पर उसके दोनों हाथ रख दिए। उसकी गांड को अपने हाथ से पकड़ते हुए उसकी चूत में मैंने अपने लंड को डाला। मैने अब धक्का मारना शुरू किया मैं जैसे ही झटका मारता तो उसकी चूतडे मुझसे टकरा जाती और उसकी गाड लाल हो रही थी क्योंकि उसकी गांड एकदम गोरी गोरी थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था जब मैं उसे झटके मार रहा था। मैं ऐसे ही उसे बहुत देर तक चोदता रहा लेकिन मेरा झड ही नहीं रहा था। रुपाली का तो झड चुका था इसलिए वह बस ऐसे ही घोड़ी बनकर खड़ी रही और मैं ऐसे ही धक्के मारता रहा। मैंने स्पीड को अपनी बड़ी तेज कर लिया था और मैं बहुत तेज तेज उसे झटके मार रहा था। जिससे कि उसका पूरा बदन हिल जाता और उसके मुंह से चीख निकल पड़ती। वह मुझे कहते कि तुम बहुत अच्छे से चोद रहे हो मेरे पति ने तो मुझे   कितने दिनों से चोदा भी नहीं है। मैं यह सब सुनकर उसे कहने लगा कि तुम्हारे पति को क्या हो गया है। वो कहने लगी छोड़ो वह सब बात तुम सिर्फ मुझे झटक मारते रहो।

मैं ऐसे ही उसे झटके मारते जा रहा था और उसकी चूत मेरा लंड से टकराकर धराशाही हो जाती। अब मेरा वीर्य भी बड़ी तेजी से झड़ गया और वह उसकी योनि में ही जाकर गिर गया। मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और अपनी कुर्सी पर आराम से बैठ गया वह भी मेरे सामने वाली कुर्सी में नग्नावस्था में बैठी हुई थी। उसकी चूत से मेरा वीर्य टपक रहा था और उसे अपनी बात पर शर्मिंदगी महसूस हो रही थी। जो उसने मेरी सबके सामने बेज्जती की थी। मैंने उसे दोबारा से अपने लंड चूसने के लिए बुलाया वह अपने हाथों से मेरे लंड को हिला रही थी और मेरा लंड मोटा और सख्त हो गया। उसने दोबारा से अपने मुंह में लेकर मेरे लंड को चूसना शुरू किया दो मिनट तक उसने ऐसे ही मेरे लंड को अपने मुंह के पूरे अंदर तक लेकर चुसती रही। उसके बाद मेरा भी दोबारा से उसके मुंह में जा गिरा और उसने वह अंदर ले लिया।

मैंने अपने कपड़े पहने और उसने भी अपने सारे कपड़े पहन लिए अब मैंने उसे नौकरी पर रख लिया और उसे कहा कि आइंदा से तुम कभी किसी की बेइज्जती नहीं करोगी। वह मेरी पर्सनल सेक्रेटरी है मैं डेली उसे अपने ऑफिस में ही चोदता हूं। मैं उसके सारे खर्चे उठाता हूं और मैंने उसे अपनी एक रंडी की तरह रखा हुआ है वह मेरी एक रखैल है।

 


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