अपने रिश्तेदार की शादी में अपनी सील तुडवाई

Apne rishtedar ki shadi me apni seal tudwayi:

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मेरा नाम मोनिका है। मैं अभी कॉलेज में पढ़ रही हूं और मेरा कॉलेज बहुत अच्छे से चल रहा है। कॉलेज में मेरे काफी सारे दोस्त हैं। वह सब मुझे बहुत पसंद करते हैं। क्योंकि मैं काफी नटखट किस्म की हूं। इसलिए वह सब मुझे बहुत ही पसंद करते हैं। घर में मैं एक लौटी लड़की हूं। मेरे पिताजी एक प्रॉपर्टी डीलर है और वह बहुत ही अच्छा काम कर रहे हैं। ऐसे ही उनका काम बहुत अच्छा चल रहा है। पहले हमने अपना बचपन बहुत ही गरीबी में बताया। लेकिन मेरे पिताजी ने बहुत मेहनत की जिसके बाद वह एक सफल कारोबारी बन गए और अब उन्होंने कई जगह पर अपनी प्रॉपर्टीया लेली है। जिससे कि अब हमें कोई भी समस्या या फिर कोई भी पैसों को लेकर तंगी नही है। हम लोग एक अच्छा जीवन यापन कर रहे हैं। और उन्होंने मुझे इसलिए कभी भी अब किसी चीज की कमी नहीं होने दी। वह मुझे एक अच्छे कॉलेज में पड़ा रहे हैं और उन्होंने मुझे एक अच्छी जिंदगी दी है। उन्होंने मुझे अभी मेरे बर्थडे में एक कार भी गिफ्ट की। जिससे कि मैं बहुत खुश हूं और मैं अपने दोस्तों के साथ कार में कई जगह घूमने जाती हूं। हम लोग खूब इंजॉय करते हैं और खूब सारी पार्टियां करते हैं। मेरे पिताजी मुझे कहते रहते हैं कि बेटा तुम अपनी जिंदगी को अच्छे से जी लो लेकिन उसके बाद तो तुम्हारी शादी हो जाएगी। मैंने मना करते हुए कहा कि मुझे शादी नहीं करनी है। यदि शादी करूंगी तो वह लड़का भी हमारे घर पर ही रहेगा। उन्होंने मुझे कहा की ऐसा संभव नहीं है।

मेरी मां भी मुझसे बहुत प्यार करती है और वह भी अपनी किटी पार्टियों में बिजी रहती है। वह बहुत ही मॉडर्न ख्यालातों की है और ऐसे ही हमारे घर पर भी उनकी सहेलियां आती रहती हैं जो मुझे कहती हैं कि तुम बहुत सुंदर हो और मेरी बहुत तारीफ करती हैं। वह मेरी मां की भी काफी तारीफ करती हैं। मेरी मम्मी अपनी जिंदगी को खुद अपने तरीके से जीती हैं और उन्होंने कभी भी किसी से अपने बारे में बुरा नहीं सुना है। घर में मेरी दादी भी हैं। जो सिर्फ अपने कमरे में ही बैठी रहती हैं और ज्यादा किसी से भी बात नहीं करती हैं। जब उन्हें कुछ काम होता है तो वह मेरी मां को कह देती है। तो मम्मी उनका वह काम कर देती है। जिससे कि मेरी दादी मेरी मां की बहुत ही तारीफ करती है और वह कहती है कि पहले से ही कभी भी तुम्हारी मम्मी ने मुझे किसी भी तरीके की कोई तकलीफ नहीं होने दी और ना ही कभी मुझ से ऊंची आवाज में बात की है। ये उसके अच्छे संस्कार ही हैं जो मुझसे इस तरीके का बर्ताव करती है। नहीं तो आजकल का जमाना बहुत खराब है। ऐसे ही मेरा कॉलेज चलता रहा और मैं अब सेकंड ईयर में आ चुकी थी। 1 दिन हम लोग सब साथ में बैठे हुए थे। मेरे पिताजी ने कहा कि हमारे कोई दूर के रिश्तेदार हैं उनके यहां पर शादी है तो मैं सोच रहा हूं कि इस बार सब लोग वहां पर हो आते हैं। काफी समय से हम लोगों ने एक साथ किसी की शादी भी अटेंड नहीं की है। तो मेरी मम्मी ने भी हामी भर दी और वह भी कहने लगी ठीक है हम लोग सब साथ में ही चलते हैं।

मैंने मम्मी से पूछा कि यह शादी कहां पर है तो उन्होंने मुझे बताया कि पानीपत में है। मैंने कहा चलो ठीक है इस बार शादी में ही हो आते हैं। हम लोगों ने थोड़ा बहुत सामान पैक कर लिया और अगले दिन शुबह ही  शादी के लिए निकल पड़े। जब हम शादी में गए तो वहां का माहौल बहुत ही अच्छा था। सब लोग अच्छे से नाच रहे थे और एक दूसरे से मुलाकात कर रहे थे। मेरी मुलाकात भी मेरे पिताजी ने हमारे कई रिश्तेदारों से करवाई। जिन्हें मैं आज तक कभी मिली भी नहीं थी। मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था कि मैं काफी समय बाद अपने पापा मम्मी के साथ शादी में आई हुई हूं और मैं उस शादी को काफी इंजॉय कर रही थी। मुझे वहां पर एक लड़का दिखा दो काफी अच्छा लग रहा था और तभी मेरे पिता जी ने भी उस लड़के से पूछ लिया कि तुम किसके लड़के हो? तो उसने अपने पिताजी का नाम लिया।

मेरे पिताजी मुझे कहने लगे कि वह मेरा दोस्त का बेटा है और हम रिश्तेदार भी हैं। उन्होंने उस लड़के से मेरी मुलाकात करवाई। उसका नाम रमन था। अब मेरी मुलाकात भी उससे हो चुकी थी और हम लोग एक ही उम्र के भी थे। तो मेरे पिताजी ने मुझे कहा कि तुम रमन के साथ इंजॉय करो और शादी का मजा लो। मैं अब  उसके साथ ही घूमने लगी और हमारी काफी बातें होने लगी। उसने मेरे बारे में पूछा कि तुम क्या करते हो तो मैंने उसे बताया कि मैं कॉलेज कर रही हूं। मैं उससे उसके बारे में पूछा तो उसने बोला कि मैं अपने पिताजी का ही बिजनेस संभाल रहा हूं और काफी अच्छे से बिजनेस को देख रहा हूं। अभी मैंने शुरुआत ही की है। ऐसे ही हमारी बातें काफी बढ़ने लगी। तभी मैंने भी रमन को अपनी मम्मी से मिलाया। मेरी मम्मी भी रमन से मिलकर काफी खुश हो गई और वह दोनों काफी अच्छे से बातें करने लगे। अब हम तीनो ही एक जगह पर बैठकर काफी देर तक बातें करते रहे थे। उसके बाद रमन अपने पिताजी के साथ कहीं चला गया थोड़ी देर बाद जब वह वापस लौटा तो उसने मुझे पूछा तुम शायद बोर हो रही होंगी। मैंने उसे बताया कि नहीं बोर तो नहीं हो रही हूं बस ऐसे ही बैठकर देख रही हूं कि सब लोग कैसे इंजॉय कर रहे हैं।

रमन मुझे कहना लगा मैं तुम्हें घुमा कर लाता हूं। अब हम ऐसे ही जहां हम शादी में गए थे उनके घर पर घूमने लगे वहां पर एक कमरा खाली था तो हम वहीं बैठ गए। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब हम उस कमरे में बैठे हुए थे। मेरे हाथों को रमन ने पकड़ लिया मुझसे भी अब रहा नहीं जा रहा था मैंने भी उसके हाथों को पकड़ लिया। उसने जैसे ही मेरी जांघों पर हाथ रखा तो मेरा मन मचल उठा। मैंने तुरंत ही उसे किस कर लिया जैसे ही मैंने उसे किस किया तो वह भी मुझे बड़ी तेजी से किस करने लगा और जिससे मै उत्तेजित होती। वह इतनी तेज किस कर रहा था कि मेरा शरीर में एक बेचैनी सी होने लगी और जैसे ही उसने मेरे स्तनों को छुआ तो मुझे ऐसा लगा कि पता नहीं मेरे अंदर से क्या हलचल पैदा हो रही है। उसने अब मेरी जींस के बटन को खोलना शुरू किया जैसे ही उसने मेरे बटन को खोला तो वह देखकर दंग रह गया। वह कहने लगा तुम्हारी चूत मे तो एक भी बाल नहीं है और तुम्हारी इतनी चिकनी चूत है। मैंने उसे कहा हां है। यह कहते ही उसने मेरी चूत को चाटना शुरू किया। जब वह चाट रहा था तो मुझे एक अलग तरीके की बेचैनी सी हो रही थी और मेरे चूत का पानी में गिरने लगा। वह मेरे सारे पानी को पी गया और मेरी गीली चूत को वह अपने मुंह में लेकर चूसने लगा। वह काफी देर तक ऐसे ही चाटता रहा।

उसने अब अपने मोटे लंड को मेरे चूत में डाल दिया और जैसे ही उसने मेरे चूत में डाला तो मेरे अंदर की आवाज निकाल उठी मेरी सील टूट चुकी थी और वह अब ऐसे ही धक्के मारे जा रहा था। मैं उसे कहती थोड़ा आराम से करो तब वह थोड़ा रुककर करने लगा लेकिन उसे मजा नहीं आ रहा था। जब वह मुझे धक्के मारने लगा और ऐसे ही बहुत देर तक मुझे चोदता रहा। अब उसे मेरे चूत की गर्मी बर्दाश्त नहीं हो रही थी और उसका भी वीर्य गिरने वाला था तो उसने तुरंत ही मेरे मुंह में अपने लंड को डाल दिया और मैंने उसके बड़े अच्छे से चूसना शुरू किया। मैंने देखा कि उसके लंड पर हल्का सा खून भी लगा हुआ है तब मुझे समझ आया कि मेरी सील टूट चुकी है। मैंने जैसे ही अपनी चूत पर उंगली लगाई तो उसे हल्का हल्का खून निकल रहा था लेकिन मैं ऐसे ही उसका लंड चूस रही थी। थोड़ी देर बाद उसका माल मेरे मुंह के अंदर ही गिर गया और मैंने वह सारा माल अपने अंदर निगल लिया। मुझे बहुत ही अच्छा लगा जब मैंने उसके वीर्य को अपने अंदर निगल लिया। हम दोनों ने जल्दी से कपड़े पहने और दोबारा से शादी फंक्शन में चले गए। अब रमन से मेरी काफी बातें होने लगी थी और हम फोन पर भी बातें किया करते थे लेकिन ना जाने अब उसको क्या हो गया है। वह मुझसे बिल्कुल भी बात नहीं करता है लेकिन मैंने भी अपना एक नया बॉयफ्रेंड बना लिया है और वह मुझे बराबर चोदता है।


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