अपने मोटे लंड को अवंतिका की चूत पर सटाया

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Apne mote lund ko awantika ki chut par sataya महेश कुछ दिनों के लिए दिल्ली आया हुआ था महेश मेरे दोस्त का छोटा भाई है और वह हम लोगों के साथ ही कुछ दिन हमारे घर पर रुका। महेश को अपने ऑफिस का कुछ जरूरी काम था इसलिए वह दिल्ली आया हुआ था और कुछ दिन हमारे पास रुकने के बाद वह वापस जयपुर चला गया था। मैं पापा के बिजनेस को संभाल रहा हूं और पापा के बिजनेस को मैं बखूबी संभाल रहा हूं। हम लोगों की घर की आर्थिक स्थिति बहुत ही मजबूत है और जब से मैंने पापा के बिजनेस को संभाला है तब से मैंने पूरी मेहनत से उनके बिजनेस को आगे बढ़ाने की कोशिश की है और हमारा बिजनेस बड़े ही अच्छे तरीके से चल रहा है। जिस तरीके से पापा और मैं अपने बिजनेस को आगे बढ़ा रहे हैं उससे मैं और पापा बहुत ज्यादा खुश हैं। भैया की शादी कुछ समय पहले ही हुई है और पापा मम्मी चाहते हैं कि मैं भी शादी कर लूं लेकिन फिलहाल मैं शादी करने के मूड में नहीं था। मैं अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीना चाहता हूं मैं चाहता था कि मैं अपनी पसंद से ही शादी करूं।

एक शाम मैं अपने दोस्त निखिल से मिला जब मैं निखिल से मिला तो मुझे निखिल से मिलकर बड़ा ही अच्छा लगा और निखिल भी मुझसे मिलकर बहुत खुश था। निखिल से मैं काफी लंबे समय के बाद मुलाकात कर रहा था और निखिल को बड़ा ही अच्छा लगा था जब उस दिन मैंने निखिल से बात की। हम दोनों ने उस दिन साथ में काफी अच्छा समय बिताया निखिल मेरे साथ स्कूल में पढ़ता था और निखिल से इतने लंबे समय बाद मिलकर मुझे बहुत ही अच्छा लगा था। उस दिन मैं निखिल से मिलकर घर वापस लौटा तो पापा ने मुझसे कहा कि बेटा आज हम लोग हमारे एक दोस्त की पार्टी में जा रहे हैं। मैंने भी पापा से कहा कि मैं भी आप लोगों के साथ चलता हूं। घर पर मैं अकेला ही था भैया भी अपने काम से कोलकाता गए हुए थे इसलिए मुझे लगा कि मुझे भी पापा मम्मी के साथ चले जाना चाहिए। उस दिन हमारी पूरी फैमिली पार्टी में गई और भाभी भी हमारे साथ ही थी।

पार्टी के दौरान भाभी मेरे साथ ही थी उस दिन पार्टी के दौरान भाभी की सहेली हमे मिली और भाभी ने मुझे अपनी सहेली अवंतिका से मिलवाया। जब भाभी ने मुझे अवंतिका से मिलवाया तो मुझे अवंतिका से मिलकर बड़ा ही अच्छा लगा। उस दिन हम लोगों ने पार्टी में खूब इंजॉय किया और फिर हम लोग वापस लौट आए थे। अब हम लोग वापस लौट आए थे और मेरे दिमाग से अवंतिका का ख्याल भी निकल चुका था। एक दिन मैं शॉपिंग करने के लिए गया हुआ था और उस दिन मैं जब अवंतिका को मिला तो अवंतिका से मिलकर मुझे बड़ा ही अच्छा लगा और अवंतिका भी मुझसे मिलकर बहुत ज्यादा खुश थी। हम दोनों की मुलाकात उस दिन हुई तो हम दोनों ने साथ में समय बिताया। हालांकि मैं अवंतिका को पहचान नहीं पाया था लेकिन अवंतिका ने मुझे देखते ही रोक लिया और उसने मुझसे बातें की। हम दोनों की उस दिन काफी बातें हुई और मुझे बड़ा ही अच्छा लगा जब उस दिन मैंने अवंतिका से बातें की और हम दोनों ने उस दिन साथ में अच्छा समय बिताया। मैं वहां से घर वापस लौट चुका था और जब मैं घर वापस लौटा तो उस दिन भैया जल्दी घर पर आ चुके थे भैया ने मुझसे कहा कि राजेश क्या तुम भाभी को उनके घर तक छोड़ आओगे। मैंने भैया से कहा कि हां भैया मैं भाभी को उनके घर तक छोड़ आता हूं।

भाभी का घर हमारे घर से ज्यादा दूर नहीं है इसलिए मुझे ही भाभी को उनके घर तक छोड़ना पड़ा। भैया की तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए मैंने ही भाभी को उनके घर पर छोड़ा और फिर मैं वहां से वापस घर लौट आया था। भाभी कुछ दिनों के लिए अपने मायके में ही रहना चाहती थी इसी वजह से उन्होंने भैया से इस बारे में कहा था और भाभी कुछ दिनों के लिए मायके में ही रही। मेरी जिंदगी में अवंतिका ने कदम रख लिया था और अवंतिका के मेरी जिंदगी में आने से कहीं ना कहीं मेरी जिंदगी में खुशियां लौट चुकी थी। अवंतिका और मैं एक दूसरे को हमेशा ही मिलते हैं और जब भी हम दोनों एक दूसरे को मिलते हैं और एक दूसरे के साथ होते तो हमें बड़ा ही अच्छा लगता है। मैं बड़ा ही खुश था जिस तरीके से हम एक दूसरे के साथ होते हैं और जब भी हम दोनों एक दूसरे के साथ में होते तो हमें बड़ा ही अच्छा लगता था। हम दोनों हमेशा ही कोशिश करते हैं कि एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। मैं अवंतिका के साथ हद से ज्यादा टाइम स्पेंड करने की कोशिश किया करता और जब भी मैं अवंतिका के साथ में होता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता था।

एक दिन अवंतिका और मैं साथ में थे उस दिन जब अवंतिका और मैं साथ में थे तो अवंतिका ने मुझसे कहा कि आज हम लोग कहीं लॉन्ग ड्राइव पर चलते हैं। मैं और अवंतिका उस दिन लॉन्ग ड्राइव पर साथ में जाना चाहते थे क्योंकि हम दोनों चाहते थे कि हम दोनों साथ में अच्छा टाइम स्पेंड करें और हम दोनों उस दिन लॉन्ग ड्राइव पर चले गए। हम दोनों जब लॉन्ग ड्राइव पर गए तो हमें बड़ा ही अच्छा लगा हम दोनों ने उस दिन काफी ज्यादा इंजॉय किया उसके बाद हम लोग घर वापस लौट आए थे। जब हम लोग घर वापस लौटे तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगा, अवंतिका भी बहुत ज्यादा खुश थी। जिस तरीके से अवंतिका और मैंने उस दिन साथ में समय बिताया उससे हम दोनों को बड़ा अच्छा लगा और हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे। रात को मैं अब घर लौट आया था और जब मैं रात को घर लौटा तो मैंने उस दिन अवंतिका से फोन पर बातें की। हम दोनों ने फोन पर काफी देर तक बात की तो हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगा था जिस तरीके से हम दोनों ने उस दिन फोन पर बातें की। एक दूसरे के साथ हम दोनों ने काफी देर तक बातें की और बातें करते करते मुझे पता ही नहीं चला कि कब मुझे नींद आ गई।

अगले दिन मुझे अपने ऑफिस जल्दी जाना था और मैं जब सुबह के वक्त ऑफिस गया तो मुझे अवंतिका का फोन आया और अवंतिका और मैं एक दूसरे से बातें करने लगे थे। पापा को कुछ जरूरी काम था इसलिए पापा ने कहा कि मैं कुछ दिनों के लिए जयपुर जा रहा हूं। पापा कुछ दिनों के लिए जयपुर चले गए थे तो मुझे ही सारा काम संभालना था और मैं ही ऑफिस का सारा काम संभाल रहा था इस वजह से अवंतिका से मेरी बात नहीं हो पाई थी और हम दोनों एक दूसरे से मिल भी नहीं पाए थे। काफी लंबा समय हो गया था हम लोग एक दूसरे को मिले नहीं थे और हम दोनों सिर्फ फोन पर ही एक दूसरे से बातें कर रहे थे। काम के चलते मैं बहुत बड़ा बिजी हो गया था इसलिए मैं अवंतिका से कुछ दिनों तक मिल नहीं पाया था और अवंतिका भी मुझसे मुलाकात नहीं कर पाई थी। जब पापा वापस लौट आए थे तो मैं अवंतिका से मिलना चाहता था और मैं अवंतिका को मिला। जब हम दोनों एक दूसरे को मिले तो हम दोनों चाहते थे हम दोनों एक दूसरे के साथ अच्छा टाइम स्पेंड करे। हम दोनो कुछ देर तक कॉफी शॉप में बैठे उसके बाद हम दोनों शॉपिंग करने के लिए चले गए और शॉपिंग करने के बाद हम दोनों शाम के वक्त एक रेस्टोरेंट में बैठे हुए थे।

वहां पर हम दोनों ने डिनर करने का फैसला किया हम दोनों ने साथ में डिनर किया। डिनर करने के बाद मेरा मन अवंतिका के साथ में टाइम स्पेंड करने का था और मैं चाहता था अवंतिका और मैं साथ में रूके। मैंने अवंतिका से कहा मैं तुम्हारे साथ आज रहना चाहता हूं। वह पहले इस बात के लिए तैयार नहीं थी लेकिन फिर वह मेरी बात मान गई और हम दोनों एक दूसरे के साथ ही रहे। हम दोनों एक दूसरे के साथ ही चले गए। जब वहां पर हम दोनों गए तो यह पहली बार था जब अवंतिका और मैं एक दूसरे के होठों की गर्मी को शांत कर रहे थे। जब हम दोनों एक दूसरे के होठों से चूसते तो हम दोनों को ही अच्छा लगता हम दोनों पूरी तरीके से गर्म होने लगे थे। मैंने अवंतिका से कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को पूरी तरीके से बढा चुके थे। हम दोनों अब रह ना सके मैं अवंतिका के कपड़े खोलने के बाद जब उसके बदन को महसूस करने लगा तो वह गर्म होने लगी। मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए अवंतिका की चूत पर सटा दिया। मैंने अपने मोटे लंड को अवंतिका की चूत पर सटाया तो मुझे मजा आने लगा और अवंतिका को भी मजा आ रहा था।

हम दोनों गर्म होते चले गए मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था और अवंतिका भी मेरी गर्मी को झेल नहीं पा रही थी। मैंने जब अवंतिका की चूत के अंदर बहार अपने लंड को करना शुरू किया तो वह गरम होने लगी और मुझे कहने लगी मुझे तुम ऐसे ही धक्के देते जाओ। अवंतिका और मैं एक दूसरे के साथ ऐसे ही मजे ले रहे थे। मेरा लंड अवंतिका की चूत के अंदर बाहर हो रहा था वह जोर से सिसकारियां लेकर मेरी गर्मी को बढाए जा रही थी। अब हम दोनों गर्म हो चुके थे जैसे ही मैंने अपने वीर्य को अवंतिका की चूत में गिराया तो वह खुश हो गई और मुझे बोली आज मुझे मजा आ गया। हम दोनों ने उसके बाद भी एक दूसरे के साथ दो बार सेक्स किया और एक दूसरे की गर्मी को शांत कर दिया था।


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