अन्तर्वासना के चक्कर में लड़की की गांड और चूत दोनों को फाड़ा

Antarvasna ke chakkar me ladki ki gaand aur chut dono ko fada:

हेल्लो मेरे प्यारे दोस्तों मुझे आप से आज भी एक कहानी कहना है और मेरा नाम तो आप जानते ही हैं | जी हाँ मेरा नाम है लोडेश प्रसाद गांडू मुझे किसी भी नाम से बुला लो पर मैं रहूँगा तो लोडेश ही | वैसे तो मुझे प्यार से लोडेश ही बुलाते हैं पर मेरे दोस्त मुझे चुदास भी कहते है | मैंने सेक्स के कॉलेज से डिग्री प्राप्त की है और मैं चाहता हूँ कि मुझे कुछ न कुछ नया करने को मिलता रहे जिसके लिए मैं हमेशा तैयार रहता हूँ | मुझे तो यह भी नहीं पता कि चूत असलियत में दिखती कैसी है क्यूंकि मैंने ये सब सिर्फ तस्वीर में ही देखा है | मैंने कई बार कोशिश की लड़कियों से बात करने की पर कुछ भी उखाड़ नहीं पाया क्यूंकि वो सा मुझे मीठा समझती हैं | दोस्तों आप ही बताओ रात दिन चूत के बारे में सोचने वाला मीठा कैसे हो सकता है और मुझे ये बिलकुल भी नहीं पसंद कि कोई मुझे मीठा बुलाये | मैंने कई बार कोशिश की कि मैं एक मर्द की तरह दिखूं पर हर बार मैंने मुह की खाई है | सबसे बड़ा रोड़ा मेरी जिंदगी मैं आजकल का चाल चलन है साला समझ ही नहीं आता लड़के लड़कियों की तरह बाल बाँध लेते हैं और लडकियां छोटे छोटे बाल रखती है | उसके ऊपर से दाढ़ी बढ़के चलेंगे और लडकियां भी बस इन्ही लड़कों को देखती है | मुझे उनसे एक सवाल करना है क्या बिना दाढ़ी वालों के पास लंड नहीं होता | अरे होता है यार एक बार आजमा के तो देखो साला इतना बड़ा है कि आपकी चूत के दो टुकड़े कर देगा | पर चोदो इन बातों को क्यूंकि मुझे तो एक बार चूत के दर्शन हो चुके हैं पर ये बात ज्यादा पुरानी नहीं है | मुझे तो ये भी नहीं पता था की वो लड़की इतनी आसानी से मुझे दे देगी पर किस्मत जब मेहरबान होती है तो गाढ़ा भी पहेल वान बन जाता है और ये चीज़ मेरे केस में बिलकुल सही है | मैंने तो अपनी पूरी तैयारी कर थी कि मैं इस बार चोद के निकल जाऊँगा पर ऐसा चस्का लगा चूत का कि मेरे सारे तोते उड़ गये और अभी तक ज़मीन पे आने का नाम नहीं ले रहे है | तो दोस्तों आरंभ करता हूँ मैं अपनी कहानी |

तो बात शुरू हुयी थी पिछले महीने जब मैं अपनी पढ़ाई की तैयारी कर रहा था और मुझे बिलकुल भी मज़ा नहीं आ रहा था क्यूंकि मुझे सब चुदास कह के बुलाने लगे थे |  मैंने सोच ही लिया था कि मैं इस एग्जाम से पहले किसी न किसी लड़की को तो चोद के रहूँगा और मेरा मन कह रहा था की मुझे वो लड़की ज़रूर मिलेगी | होता ये था कि लड़की मिलती तो थी पर वो मुझे भैया बना के चली जाती थी | मैंने भी इंतज़ार में था कि कब आएगी वो हुस्न की परी जो मुझे सैयां बोलेगी और मेरी उम्मीद भी कहातम होती जा रही थी धीरे धीरे | पर मेरी एक अच्छी आदत ये थी की मैं पड़ने में बहुत अच्छा था और पूरी क्लास के लड़के लडकियां मुझसे एग्जाम के समय पूछते थे और मैं बता देता था पर इस बार ऐसा नहीं होने वाला था | मैं लाइब्रेरी में पढने जाता था रोज़ और वह एक गन्दी सी लड़की बैठी रहती थी | वो भी पढने मैं बहुत अच्छी थी पर मैं कुछ ज्यादा ही आगे था | मैंने सोचा कि उसी को पता लेता हूँ पर फिर लगा यार पहले ही नाम चुदास पड़ा हुआ है अगर इसको पटाया तो कही चूतिया न बोलने लगें सब | मैंने इसी डर के कारन उससे बात नहीं की पर मुझे नदर से लगता था की अगर इस लड़की को थोडा सा सजा दिया जाए तो ये बड़ी ही खूबसूरत लड्गेगी और इसके सामने कोई भी लड़की पसीने छोड़ देगी | पर मुझे तो चूत से मतलब था क्यूंकि उसके अलावा मुझे कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा था | उसके बादमैंने कुछ करने का सोचा जिससे की ना तो मैं मुसीबत मैं आता और न ही वो | पर साला मुझे तो पता ही नहीं था की गन्दी लड़कियों में भी इतनी अकड़ होगी मुझे ये नहीं पता था | मैंने उससे कहा क्यों क्या तुम मेरी दोस्त बनोगी तो साली ने अपना मुह घुमा लिया पर मुझे  भी तो लग रहा था कि साली को वही पे पटक के चोद दूँ पर मुझे लग रहा था कि अगर इसे सेट करके चोदुंगा तो ज्यादा मज़ा आएगा मुझे | इसलिए मैंने उसके पीछे दम हिलाना चालु कर दिया इसलिय मैंने जो जरूरी लगा वो किया |

मुझे इन सब चीजों पे बड़ी गुस्सा आ रही थी क्यूंकि कभी भी अपनी जिंदगी में मैंने ऐसा नहीं किया था पर इस लड़की ने मुझे ये सब करने पे मजबूर कर दिया था | अब मैं क्या बताऊँ दोस्तों ये तो मेरी तकदीर थी और मुझे इस चीज़ से होक गुज़ारना था | मैंने तो उसकी चुम्मी लेने के लिए बी उसकी चड्डी धोयी थी | पर वो बहन की लौड़ी समझ ही नहीं रही थी | फिर आखिर वो दिन आ ही गया जिस दिन मैंने उसे पटा ही लिया और अब वो मेरे नीचे झूला झूलने को तैयार थी | मैंने भी उसकी माँ चोदने की पूरी तैयारी कर ली थी और मैंने सोचा जितना इस बहनचोद ने मेरे को तंग किया है उतना मैं इसकी गांड मारूंगा | फिर वो धीरे धीरे मेरे चंगुल में फसती गयी और मुझे मज़ा आने लगा | उसके बाद मैंने सोचा कि अब इसको मज़ा चखाता हूँ और जो लडकियां मेरा मज़ाक उड़ाती थी उन सब को भी | एग्जाम शुरू होने वाले थे और मुझे पता था अब सब मेरी बड़ी इजात करेंगे | पहला एग्जाम हुआ और सब मुझसे पूछते रह गये पर मैंने उनको एक चीज़ भी नही बताई | वो सब लोग मुझे देख के हैरान थे क्यूंकि उन सब लोगों को मैं हर बार पास करवा देता था | सब मुझे घोर घूर लके देखने लगे थे पर मुझे किसी भी चीज़ का डर नहीं था | लडकिया मुझसे विनती कर रही थी कि प्लीज यार अगले पेपर में दिखा देना नहीं तो हम सब फ़ैल हो जाएंगे | पर मैंने अगले पेपर के दिन भी यही किया और जब बाहर निकला तो एक लड़के में मेरा कालर पकड़ा और कहा आज तो तू गया | मैंने भी कहा हाथ लगा और मार आज तो मार्लेगा पर कल तू नहीं बचेगा | वो डर गया मुझसे और कहने लगा भाई पास करा दे यार और वो लड़की भी आई जिसको मैंने पटाया था |उसने भी कहा यार कल का पपेर बड़ा टफ है प्लीज मेरी मदद कर देना और मुझे पास करवा देना और हमलोगों को बचा लेना | मैंने कहा एक शर्त पे तो उसने कहा कैसी शर मैं उसे कोने में ले गया और कहा मुझसे आज रातभर चुदवा ले और मैं तुझे कल पास करवा दूंगा और बाकी सब को भी |

वो बड़े अकड़ के साथ सबके सामने गयी और कहा तुम लोग चिंता मत करो मैंने सब संभाल लिया और ये कल का पेपर निकलवा देगा और सबकी ज़िम्मेदारी मेरी | मैंने उससे कहा चल मेरे साथ घर चल और वो तैयार हो गयी | जब हम घर पहुंचे मैंने तुरन उसे पकड़ा और उसे किस करने लगा और जोर जोर से उसके दूध दबाने लगा | वो तो ऐसी पागल हुए जा रही थी जैसे की उसका उराना सपना सच हो गया हो | फिर उने खुद ही अपना कुरता उतारा और एक निप्पल मेरे मुंह में दे दिया और कहा चूस डाल खाली कर दे इसे आज तो | मैंने कहा ठीक है मेरी जान और आधे घंटे तक चूसा उसका एक एक निप्पल | अब उसने कहा मेरी चूत से लबालब पानी निकल रहा है उसको चाट के साफ़ कर दे प्लीज | मैंने कहा ठीक है मेरी जान आज तो तेरी चूत को फाड़ दूंगा | मैंने उसकी चूत को चाटा और एक घंटे तक मस्त उसे अपनी जीभ से ही चोदता रहा | उसके बाद मैंने उसकी उसकी गांड में भी ऊँगली डालके उसको छोड़ा और वो चार बार झड़ चुकी थो और लस्त पड़ चुकी थी | वो कह रही थी बस पर मैंने अपना लंड उसकी चूत पे रखा और बड़ी वेराह्मी से अन्दर तक घुसा दिया | वो चिल्लाने लगी ऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्ह बस कर निकाल बाहर | मैंने कहा मादरचोद बड़ा भाव खाया है तूने आज तो तेरी चूत और गांड दोनों फाड़ के रख दूंगा | उसने मुझे बीख मांगी की बस कर पर मैंने उसे चोदना जारी रखा | तीन घंटे की जबरदस्त चुदाई के बाद वो अब थक गयी थी | पर मेरा लंड शांत नहीं हुआ था और मैंने अब उसकी गांड मरने का फैसला किया | मैंने उसे कुतिया बनाया और पेल दिया लंड उसकी गांड में ऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्ह मार डाला रे | मैंने पूरी रात उसको चोदा और अगले दिन वो ढंग से चल भी नहीं पा रही थी | उस दिन अमिएं किसी को पेपर ,में कुछ नहीं दिखाया और क्लास के सबी लोगों ने उसकी गांड मार ली अब उसे समझ में आगया था कि मैंने उससे बहुत गन्दा वाला बदला निकाला था पर वो कुछ बोल नहीं सकती थी क्यूंकि गलती उसने शुरू की थी |

 


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