अनोखा तोहफा आशिक के नाम

Anokha tohfa ashiq ke naam:

antarvasna, sex stories in hindi मेरे पति के गुस्से की वजह से मैं उनसे बहुत ज्यादा परेशान हो गई थी मेरी शादी को इतने साल हो जाने के बाद भी वह मुझे अभी तक नहीं समझ पाए थे, मैं उनके लिए बहुत कुछ करती लेकिन उसके बावजूद भी उन्हें कभी मेरी कदर नहीं हुई। उन्हें शराब की बहुत गंदी आदत थी जिसकी वजह से हर रोज हमारे घर पर झगडे होते थे, झगड़े होने की वजह से मेरा मेरे पति के प्रति रवैया पूरी तरीके से बदल चुका था और मुझे बिल्कुल भी उनसे अब किसी भी प्रकार की अपेक्षा नहीं थी, वह आए दिन मुझ पर हाथ उठाया करते थे। मेरे देवर का नेचर बहुत अच्छा था वह मुझे बहुत ही ज्यादा सपोर्ट करते थे उन्होंने कभी भी मुझे पैसे की तकलीफ नहीं होने दी और हमेशा ही वह मेरी मदद करते। हम लोग साथ में ही रहते थे लेकिन मेरे पति कुछ भी काम नहीं करते थे वह सिर्फ शराब के आदी हो गए, मेरी देवरानी भी मुझे हमेशा समझाती थी की दीदी आप चिंता मत कीजिए एक दिन जरूर भाई साहब बदल जाएंगे, मैं उसे कहती कि मैं भी इसी आस में हूं कि कब उनके व्यवहार में परिवर्तन आए।

एक दिन हम लोग आंगन में बैठ कर बातें कर रहे थे मेरी देवरानी मुझे कहने लगी दीदी कुछ दिनों के लिए आप मेरे साथ मेरे घर चलिए, मैंने उसे कहा कुछ दिनों के लिए तो आना संभव नहीं है पर हम लोग एक दिन के लिए तुम्हारे घर चलते हैं, वह कहने लगी ठीक है एक दिन के लिए हम लोग मेरे घर चलते हैं और अगले दिन वापस लौट आएंगे। मेरी देवरानी का मायका हमारे घर से कुछ दूरी पर ही है, मैं जब उसके साथ उसके मायके गई तो उसके माता-पिता का व्यवहार बहुत अच्छा है वह लोग मुझे अपनी बेटी ही समझते हैं, वह लोग मुझसे मेरे पति के बारे में पूछने लगे और कहने लगे क्या उनके व्यवहार में बदलाव आया है? मैंने उन्हें कहा वह तो अब शराब के आदी हो चुके हैं और उनसे यदि कोई सही तरीके से बात करता है तो उन्हें बहुत ही क्रोध आ जाता है इसलिए मैं उनसे बिल्कुल भी बात नहीं करती। हम लोग बैठ कर बात कर रहे थे तभी एक लड़का आया और वह कहने लगा चाचा जी कैसे हो, मैंने उसे पहली बार ही देखा था मुझे नहीं पता था कि वह कौन है, मेरी देवरानी ने मुझे उससे मिलाया उसका नाम रोहित है और रोहित मुझे कहने लगा मैं आपको पहचानता हूं, मैंने उससे कहा लेकिन मैं तुमसे पहली बार मिली हूं मैंने तुम्हें आज से पहले कभी नहीं देखा, वह कहने लगा हां शायद आपने मुझे नहीं देखा लेकिन सुजाता आपकी बहुत ही तारीफ करती हैं, सुजाता मेरी देवरानी का नाम है।

रोहित को मेरे बारे में सब कुछ पता था और जब मैंने उससे उस दिन बात की तो वह मुझे बहुत ही समझदार लगा, उसने मुझे बहुत समझाया और कहने लगा आप चिंता मत कीजिए आपके दुख को मैं अच्छे से समझता हूं। उसके साथ बात कर के मुझे एक अपनापन सा लगा, मुझे बहुत ही अच्छा लगा, रोहित के प्रति मेरा लगाओ होने लगा था जाते वक्त मैंने रोहित से कहा कि तुम कभी हमारे घर आ जाया करो, वह कहने लगा ठीक है मैं देखता हूं जब मुझे समय मिलेगा तो मैं आपसे मिलने आ जाऊंगा और अगले दिन ही हम लोग वहां से चले गए, कुछ दिनों बाद रोहित हमारे घर पर आया और जब वह घर पर आया तो मैंने उसे कहा तुमने बहुत अच्छा किया जो तुम मुझसे मिलने आ गए मैं तुम्हें याद ही कर रही थी। रोहित के साथ बात कर के मुझे एक अपनापन सा लगता है, रोहित भी मुझे अच्छे से समझने लगा हम दोनों के बीच अब प्यार पनपने लगा था मुझे मेरे पति से कोई भी मतलब नहीं था लेकिन यह बात हम दोनों ने किसी को भी नहीं बताई थी मुझे डर था कि कहीं यह बात मेरी देवरानी को पता चलेगी तो वह मेरे और रोहित के बारे में क्या सोचेगी लेकिन मेरे पास और कोई चारा नहीं था मुझे भी किसी का प्यार चाहिए था जो कि रोहित से मुझे मिल रहा था, रोहित मेरा बहुत ही ध्यान रखता है और जब भी मेरे पति मुझ पर हाथ उठाते तो उस समय मैं रोहित को फोन करती थी रोहित से बात कर के मुझे बहुत अच्छा लगता और अब मैं रोहित के साथ ही अपना जीवन बिताना चाहती थी लेकिन मुझे डर भी था कि सब लोग मेरे बारे में क्या सोचेंगे क्योंकि रोहित की उम्र मुझसे छोटी है और मैं नहीं चाहती थी कि मेरी वजह से रोहित पर सब लोग उंगलियां उठाएं, मुझे बहुत डर भी था।

रोहित कहने लगा कविता तुम चिंता मत करो मैं तुम्हारा साथ हमेशा देने के लिए तैयार हूं और मुझे अब किसी भी हालत में तुमसे शादी करनी है और तुम्हारे साथ ही आगे का जीवन बिताना है। मुझे रोहित बहुत ही अच्छा लगता था और मैं उसके बिना एक पल भी नहीं रह सकती थी, मुझे रोहित के साथ अपना जीवन बिताना था लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा था कि कैसे मैं रोहित के साथ अपना जीवन व्यतीत करूं क्योंकि मैं बिल्कुल भी नहीं चाहती थी कि रोहित को मेरी वजह से सब लोग गलत कहे। हम दोनों के बीच कभी भी सेक्स नहीं हुआ था एक दिन घर पर कोई नहीं था उसस दिन रोहित घर पर आ गया वह कहने लगा कविता आज मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है। मैंने उसे कहा आज तुम बडे जोश में दिखाई दे रहे हो वह मुझे कहने लगा आज पूछो मत मेरे एक मित्र ने मुझे पोर्न मूवी दिखाई तो मुझसे बिल्कुल नहीं रहा गया। मैंने उससे कहा लेकिन तुमने तो कभी मुझसे इस प्रकार की बात नहीं कि, वह कहने लगा मैंने तुमसे इस प्रकार की बात तो नहीं की लेकिन आज मुझे तुम्हारी चूत मारनी है। मुझे उसके साथ सेक्स करने में कोई आपत्ति नहीं थी क्योंकि मेरे और मेरे पति के बीच सेक्स नाम की जैसे कोई चीज ही नहीं थी। मैंने उसके सामने अपने सारे कपड़े खोल दिया जब उसने मेरे नंगे बदन को देखा तो वह मेरे बदन को ऊपर से लेकर नीचे तक चाटने लगा। उसने अपनी उंगली को जैसे ही मेरी चूत पर लगाया तो मेरे अंदर से करंट पैदा होने लगा।

मैं उस वक्त खड़ी थी उसने मेरे होठों को बड़े अच्छे से चूसा, जब मेरे होठों पर उसने अपने दांत के निशान मार दिए तो मैंने जो लिपस्टिक मैने अपने होंठो पर लगाए हुए थे वह उसके होठों पर लग गई। जब मैंने उसे कहा तुम मुझे बिस्तर पर लेटा दो उसने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया। उसने मेरे दोनों पैरो को खोलते हुए मेरी चूत चाटनी शुरू कर दी, वह अपनी जीभ से मेरी चूत को बहुत अच्छे से चाट रहा था। काफी देर तक उसने मेरी चूत का रसपान किया जब मेरी चूत से ज्यादा ही पानी का रिसाव होने लगा तो मैंने उसके लंड को पकड़ते हुए अपनी चूत पर लगा दिया। उसने भी अपने लंड को एक ही झटके में मेरी योनि के अंदर घुसा दिया। वह जिस प्रकार से मुझे धक्के मार रहा था मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा उसने मेरे दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए मेरी जांघो को अपने हाथों में पकड़ लिया। मैंने उसे कहा तुम ऐसे ही मजे से चोदते रहो मुझे उस दिन रोहित के साथ सेक्स करने में बहुत आनंद आ रहा था। वह लगातार तेज गति से मुझे चोद रहा था कुछ समय बाद जब उसका वीर्य पतन हो गया तो वह मुझसे लिपट कर लेट गया था। वह कहने लगा मैने आज तुम्हारे साथ पहली बार सेक्स किया है इसलिए मैं तुम्हें कुछ गिफ्ट देना चाहता हूं। मैंने उसे कहा तुम भला मुझे क्या गिफ्ट दोगे। वह कहने लगा मैं तुम्हारे लिए कुछ लेकर आया हूं उसने मुझे एक सोने की अंगूठी पहनाई और कहां यह मैं तुम्हारे लिए लाया हूं मैंने काफी समय से पैसे जमा किए थे मैने सोचा मैं तुम्हें कुछ दे दू। जब उसने मुझे सोने की अंगूठी पहनाई तो मैंने भी उसे कहा मैं तुम्हें कुछ देना चाहती हूं। मैंने उसके लंड को हिलाते हुए दोबारा खड़ा कर दिया मैने तब तक उसके लंड को संकिग किया जब तक उसका पूरा पानी मैंने निकाल नहीं दिया। वह इतना ज्यादा खुश हो गया वह कहने लगा मैं अब तुम्हारे बिना एक पल नहीं जी सकता। मैंने उसे कहा मैं भी तुम्हारे बिना एक पल नहीं रह सकती लेकिन मेरी भी मजबूरी है। हम दोनों एक दूसरे से मिलते हैं और एक दूसरे के साथ सेक्स संबंध बनाते हैं लेकिन मैं अब भी रोहित के साथ अपना जीवन नहीं बता पा रही हूं, मै अपने पति को नही छोड पा रही हूं।


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