अंजलि के मुंह में मोटा लंड दिया

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Anjali ke muh me mota lund diya मैं आकाश के घर गया हुआ था लेकिन आकाश अभी तक अपने ऑफिस से नहीं लौटा था मैंने आकाश को फोन किया और उसे पूछा कि तुम ऑफिस से कब वापस लौट रहे हो। वह मुझे कहने लगा कि मैं बस थोड़ी देर बाद ही ऑफिस से वापस लौट रहा हूं लेकिन आकाश को आने में काफी देर हो गई थी इसलिए मैं घर वापस लौट आया था। जब मैं घर वापस लौटा तो आकाश का मुझे फोन आया और वह कहने लगा कि रास्ते में काफी ज्यादा ट्रैफिक था जिस वजह से मुझे देरी हो गई। आकाश ने उसके लिए मुझसे माफी मांगी मैंने उसे कहा कि नहीं कोई बात नहीं। उस दिन मेरी छुट्टी थी तो मैंने सोचा कि मैं आकाश को मिल लूं इसलिए मैं आकाश को मिलने के लिए उसके घर पर गया था लेकिन आकाश से मेरी मुलाकात हो नहीं पाई थी। मैं अपने ऑफिस जाने लगा जब अगले दिन मैं अपने ऑफिस गया तो ऑफिस में इतना काम था कि मुझे ऑफिस में देरी गई थी। मैं और आकाश एक दूसरे को संडे को ही मिल पाए थे और जब हम लोग एक दूसरे से मिले तो उस दिन मैंने आकाश से कहा कि आज हम लोग रोहित को मिल आते हैं। आकाश कहने लगा कि ठीक है।

आकाश और मैं रोहित से मिलने के लिए चले गए रोहित हमारे कॉलेज में पढ़ा करता था और जब हम लोग रोहित को मिलने के लिए उसके घर पर गए तो वह घर पर ही था। रोहित हम दोनों को देखकर बहुत खुश हो गया और कहने लगा कि तुम लोग आज इतने दिनों बाद घर पर आए हो मुझे काफी अच्छा लगा। जब उस दिन रोहित से मैं मिला तो रोहित ने हम लोगों को मनीषा के बारे में बताया और कहा कि मनीषा उसके ऑफिस में जॉब करती है और वह दोनों एक दूसरे को डेट कर रहे हैं। मैंने रोहित को कहा यह तो बहुत अच्छा है रोहित कहने लगा कि जल्द ही हम लोग इंगेजमेंट भी कर लेंगे मैं अपने घर पर मनीषा के बारे में बात करने वाला हूं। मैंने रोहित को कहा चलो यह तो बहुत ही अच्छा है और उस दिन हम लोग रोहित के घर पर काफी देर तक रहे फिर हम लोग वापस लौट आए थे। आकाश भी अपने घर चला गया था और मैं भी अपने घर लौट आया था। मुझे अपने ऑफिस के काम के सिलसिले में कुछ दिनों के लिए बाहर जाना था इसलिए मैं अपने काम के सिलसिले में कुछ दिनों के लिए बाहर चला गया।

जब मैं वहां से वापस लौटा तो मुझे एक दिन रोहित का फोन आया रोहित ने मुझे बताया कि वह मनीषा के साथ इंगेजमेंट करने वाला है और उसने मुझे उसमें इनवाइट किया था। मैंने आकाश को फोन किया तो आकाश ने मुझे बताया कि हां मुझे भी थोड़ी देर पहले रोहित का फोन आया था और मेरी उससे फोन पर बात हुई थी। हम दोनों एक दूसरे से बातें कर ही रहे थे कि मां ने मुझे कहा कि बेटा तुम नाश्ता कर लो मैंने मां से कहा कि हां मां मैं नाश्ता कर लेता हूं। मैंने नाश्ता किया और मैं अपने ऑफिस के लिए निकल गया। जिस दिन रोहित की इंगेजमेंट थी तो उस दिन हम लोग उसकी इंगेजमेन्ट के लिए चले गए मैं और आकाश साथ मे ही गए थे। उस दिन हम दोनों ने रोहित और मनीषा को उनकी सगाई की बधाई दी और उसी पार्टी के दौरान जब मनीषा ने हम लोगों को अपनी सहेली अंजलि से मिलवाया तो अंजलि से मिलकर बहुत ही अच्छा लगा। उस दिन जब अंजलि से हम लोग मिले तो मैं काफी खुश था और थोड़े ही दिनों के बाद मेरी मुलाकात एक दिन अंजलि से मॉल में हो गई। जब मैं अंजलि से मिला तो उस दिन अंजलि और मेरी बात हुई। मैंने पहली बार ही अंजलि से इतनी बात की थी। मैं अपने दीदी के घर गया हुआ था और जब मैं वहां से घर वापस लौट रहा था तो मुझे अंजलि मिली। मुझे नहीं मालूम था कि अंजलि दीदी के पड़ोस में ही रहती है लेकिन जब उस दिन अंजलि मुझे अपने साथ घर पर चलने के लिए कहने लगी तो मैं भी उसे मना ना कर सका और मैं अंजलि के घर पर चला गया हम लोग एक दूसरे से बातें कर रहे थे। अंजलि के परिवार वालों से मिलकर भी मुझे काफी अच्छा लगा और अंजलि भी बहुत ज्यादा खुश थी जब उस दिन मैं अंजली के घर पर गया था। हम लोगों की अब एक दूसरे से मुलाकाते बढ़ने लगी थी और हम दोनों के पास एक दूसरे का नंबर भी था इस वजह से हम दोनों एक दूसरे से बातें भी किया करते। मुझे अंजलि से बात करना अच्छा लगता है और अंजलि को भी बहुत अच्छा लगता है जब भी वह मुझसे बातें किया करती है। हम दोनों एक दूसरे से बातें कर के बहुत खुश रहते है। अंजलि और मैं उस दिन एक दूसरे के साथ बैठे हुए थे हम दोनों कॉफी शॉप में बैठे हुए थे और जब हम लोग एक दूसरे से बातें कर रहे थे तो मैं काफी खुश था और अंजलि भी बहुत खुश थी। अंजलि ने मुझे कहा कि मुझे आज तुमसे बातें कर के अच्छा लगा।

मैं अंजलि के साथ जिस तरह से बातें कर रहा था उससे मुझे काफी अच्छा लग रहा था और हम लोगों ने बहुत ही अच्छा समय साथ में मिलाया। हम दोनों एक दूसरे को दिल से चाहने लगे थे और अंजलि को भी मेरा साथ बहुत ही अच्छा लगता है इसलिए अंजलि और मैं एक दूसरे के साथ बहुत ही खुश हैं। हम दोनों एक दूसरे से बहुत ज्यादा प्यार भी करते हैं इसी वजह से हम लोग हर रोज एक दूसरे को मिलते हैं और जब भी हम लोगों का मिलना होता है तो हम दोनों को ही अच्छा लगता है। मैं अंजलि के साथ रिलेशन में बहुत खुश हूं और अंजलि भी मेरे साथ बहुत खुश है। जिस तरीके से अंजलि और मैं एक दूसरे के साथ होते हैं उससे अंजलि और मैं बहुत ज्यादा खुश है। अंजलि मुझे बहुत प्यार करती है वह मेरे बिना बिल्कुल भी नहीं रह सकती और मैं भी उसके बिना नहीं रह सकता। अंजलि और मैं दूसरे के बिना बिल्कुल भी नहीं रह सकते हैं इसलिए जब भी हम दोनों एक दूसरे के साथ होते हैं तो हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता है। मुझे बहुत ही खुशी है कि अंजलि और मैं एक दूसरे के साथ बड़े ही अच्छे तरीके से रिलेशन में है। हम दोनों के बीच पहली बार किस हुआ तो हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगा था। अब अंजली के दिल में भी मेरे लिए सेक्स करने की भावना जागने लगी थी इसलिए उसने मुझे एक दिन अपने घर पर बुलाया। वह घर पर अकेले ही थी और हम दोनों साथ में बैठे हुए बातें कर रहे थे।

मैं अंजलि को देखकर अपने आपको रोक नहीं पा रहा था। मैंने जब उसके स्तनो को सहलाना शुरू किया और उसे अपनी गोद में बैठाया तो वह चलने लगी। अंजलि अपनी चूतड़ों को मेरे लंड पर टकरा रही थी मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। अंजलि ने आप मेरे लंड को भी बाहर निकाल लिया था। अंजलि के हाथों में मेरा लंड था और वह उसे हिला रही थी। जब उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो मेरे अंदर की गर्मी बढ़ती ही जा रही थी और उसकी गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। वह बहुत ज्यादा गरम हो चुकी थी वह अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी ना तो मैं अपने आपको रोक पा रहा था।

इसी वजह से हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाए जा रहे थे। जैसे ही मैंने अंजलि के कपड़ों को उतारकर उसके सुडौल स्तनो और उसके होंठों का रसपान करना शुरू किया तो मुझे अच्छा लगने लगा और वह भी मचलने लगी थी। उसकी गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ने लगी थी कि वह अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी और मुझसे भी बिल्कुल रहा नहीं जा रहा था। मैंने अंजलि को कहा मैं बिल्कुल रह नहीं पा रहा हूं। वह बोली अब मेरी चूत भी तड़पने लगी है। मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को सटाते हुए अंदर की तरफ धकेलना शुरू किया। जब मैंने उसकी चूत के अंदर लंड को घुसाया तो वह जोर से चिल्ला रही थी और मैं उसे तेजी से धक्के दिए जा रहा था। मैंने उसके तेजी से धक्के दिए जिससे उसकी चूत के अंदर बाहर मेरा लंड बड़ी तेजी से होता जा रहा था। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था जब मैं उसे धक्के मार रहा था। अंजलि की गर्मी बढ़ती जा रही थी और अंजलि मुझे कहती मुझे और तेजी से धक्के देते जाओ। मैं अंजलि को बहुत तेजी से धक्के दिए जा रहा था और अंजलि को मजा आता जा रहा था। मैंने अंजलि के दोनों पैरों को ऊपर उठाया और देखा तो अंजलि की चूत से खून बाहर की तरफ को निकल रहा था। अंजलि मुझे कहती मुझे और तेजी से चोदते जाओ। मैं अंजलि को तेजी से धक्के दिए जा रहा था।

मैंने अंजलि को बहुत तेजी से धक्के दिए जिससे कि अंजलि और मैं एक दूसरे के साथ बड़े खुश थे। जिस तरीके से हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को शांत किया था उससे हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगा और अंजलि भी बहुत ज्यादा खुश थी। मेरा वीर्य अंजलि की चूत में गिर चुका था। अंजलि और मैं एक दूसरे की बाहों में थे परंतु मेरा लंड दोबारा से तन कर खड़ा होने लगा था। मैंने अंजलि की मुंह के सामने अपने लंड को किया उसने मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में समा लिया। मेरा लंड उसने चूसकर खड़ा कर दिया था। हम दोनों को मजा आता जा रहा था जब हम दोनों की गर्मी बढ रही थी तो हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पाए और मैंने अंजलि के दोनों पैरों को खोलकर उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो उसकी चूत में मेरा लंड चला गया था वह जोर से चिल्लाने लगी। मैं उसे तेजी से धक्के देने लगा था वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी और मैं भी बिल्कुल रह नहीं पा रहा था। हम दोनों की गर्मी बढ़ती चली गई मैंने अंजलि से कहा मैं तुम्हारी चूत में वीर्य गिराना चाहता हू। 5 मिनट के बाद मेरी गर्मी शांत हो गई।


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