अनिल का मोटा लंड लिया

Antarvasna, kamukta:

Anil ka mota lund liya सुबह के 7:00 बज रहे थे अनिल जब उठे तो वह मुझे कहने लगे कि अदिति क्या अखबार आ चुका है मैंने अनिल को कहा हां अनिल अखबार आ चुका है। उसके बाद अनिल अखबार पढ़ने लगे मैं भी घर की साफ सफाई करने लगी मेरी सासू मां भी उठ चुकी थी वह मुझे कहने लगी कि बहु मेरे लिए तुम चाय बना देना। मैंने अनिल को कहा कि क्या आपके लिए भी मैं चाय बना दूं तो अनिल कहने लगे कि हां मेरे लिए भी तुम चाय बना देना। मैंने अनिल और अपनी सासू मां के लिए चाय बनाई अनिल अखबार पढ़ चुके थे और वह मुझसे कहने लगे कि मैं सोच रहा हूं कि आज हम लोग दीदी के घर जाएं। मैंने अनिल को कहा कि क्या आज आप ऑफिस नहीं जा रहे हैं तो अनिल मुझे कहने लगे कि नहीं अदिति आज मैं ऑफिस नहीं जा रहा हूं मैंने कुछ दिनों के लिए ऑफिस से छुट्टी ले ली है। मैंने अनिल को कहा लेकिन आपने तो मुझे इस बारे में कुछ बताया ही नहीं अनिल मुझे कहने लगे कि बस ऐसे ही सोच रहा था कि तुम लोगों के साथ कुछ समय बिताऊं। घर पर हम लोग ही रहते हैं मेरी शादी को अभी 6 महीने ही हुए हैं अनिल और मैं पहली बार एक दूसरे को उस वक्त मिले थे जब मेरी बड़ी दीदी ने मुझे अनिल से मिलवाया था वह लोग अनिल को पहले से ही जानते थे लेकिन मैं उस वक्त अनिल से पहली बार ही मिली थी।

अनिल का स्वभाव मुझे बहुत ही पसंद आया और अनिल के बात करने का तरीका मुझे काफी अच्छा लगा जिससे कि मैं काफी ज्यादा प्रभावित थी। अनिल एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करते हैं इसलिए मेरी फैमिली को इस रिश्ते से कोई भी एतराज नहीं था और उन लोगों ने मेरी अनिल से शादी करवाने के बारे में सोच लिया था। हम दोनों की शादी को 6 महीने हो चुके हैं और मैं अनिल के साथ काफी खुश हूं अनिल ने मुझे कहा कि अदिति मैं बाथरूम में जा रहा हूं अनिल अब नहाने के लिए चले गए और वह कुछ देर बाद नहा कर आए तो मैं भी रसोई में अपना काम पूरा कर चुकी थी। मैंने नाश्ता तैयार कर लिया था उसके बाद हम सब लोगों ने साथ में नाश्ता किया और नाश्ता करने के बाद अनिल ने मुझे कहा कि अदिति तुम तैयार हो जाओ। मैंने अनिल को कहा ठीक है मैं तैयार हो जाती हूं और मैं अब तैयार होने लगी, थोड़ी देर में मैं तैयार हो चुकी थी और मेरी सासू मां भी तैयार हो चुकी थी और हम लोग अनिल की दीदी के घर चले गए। अनिल की दीदी का नाम पायल है और वह हमारे घर से कुछ दूरी पर ही रहती हैं। जब हम लोग उनके घर पर गए तो वह लोग काफी खुश हो गए उन्हें तो यह पता ही नहीं था कि हम लोग उनके घर पर आने वाले हैं लेकिन वह हमारे आने से काफी ज्यादा खुश थे। उस दिन हम लोग उनके घर पर ही काफी समय तक रहे और फिर हम लोग घर लौट आए।

शाम के वक्त हम लोग घर लौट आए थे जब हम लोग घर लौटे तो मैं अनिल को कहने लगी कि अनिल क्या हम लोग पार्क में चले अनिल कहने लगे कि ठीक है अदिति। हम दोनों पार्क में चले गए थे हमारी कॉलोनी के बाहर ही एक पार्क है और हम लोग वहां पर टहलने लगे। हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे मैंने अनिल को कहा कि अनिल आपने मुझे बताया नहीं कि आपने अपने ऑफिस से कितने दिनों की छुट्टी ली है। अनिल ने मुझे कहा कि मैंने अपने ऑफिस से 5 दिनों की छुट्टी ली है इस हफ्ते मैं घर पर ही रहूंगा। मैंने अनिल को कहा चलो यह तो अच्छी बात है कम से कम इतने समय बाद हम लोगों को साथ में समय बिताने का मौका तो मिल पाएगा। अनिल कहने लगे कि हां अदिति तुम ठीक कह रही हो मैंने भी यही सोच कर अपने ऑफिस से छुट्टी ली है।

मैंने अनिल से कहा कि क्या हम लोग इस बीच पापा मम्मी से मिल आये तो अनिल कहने लगे की ठीक है हम लोग पापा मम्मी से मिल आते हैं। अनिल मेरी बातों को कभी भी टालते नहीं है वह हमेशा ही मेरी बात मान लेते है इसलिए मैं और अनिल एक दूसरे के साथ काफी ज्यादा खुश हैं और हम दोनों को एक दूसरे का साथ काफी अच्छा लगता है। अगले दिन मैं और अनिल पापा मम्मी से मिलने के लिए चले गए जब हम लोग पापा मम्मी को मिलने के लिए गए तो वह लोग भी काफी ज्यादा खुश थे और मुझे भी काफी अच्छा लग रहा था की इतने समय बाद मैं पापा मम्मी को मिल पा रही हूं। हम लोग उस दिन वहीं रुकने वाले थे तो उस दिन हम लोग वहीं रुक गए और अगले दिन हम दोनों घर लौट आए थे। जब हम लोग कर लौटे तो मेरी सासू मां की तबीयत कुछ ठीक नहीं थी उन्होंने कहा कि अनिल बेटा मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं है तुम मुझे डॉक्टर के पास ले चलो।

अनिल और मैं उन्हें डॉक्टर के पास लेकर गए जब हम लोग उन्हें डॉक्टर के पास ले गए तो डॉक्टर ने कहा कि इन्हें काफी तेज बुखार है। डॉक्टर ने कुछ दवाइयां दी और उसके बाद हम लोग उन्हें घर ले आए थे जब हम लोग उन्हें घर लेकर आए तो वह घर पर आराम करने लगे। मैंने अनिल को कहा कि अनिल मैं मां के लिए कुछ बना देती हूं अनिल कहने लगे की हां अदिति तुम मम्मी के लिए कुछ बना दो। मैंने उनके लिए खाना बना दिया था लेकिन उन्होंने खाना नहीं खाया, वह अब पहले से ठीक थी। वह अपने आपको अब पहले से काफी ज्यादा बेहतर महसूस कर रही थी। अनिल और मेरे बीच सब कुछ अच्छे से चल रहा था आकश मुझे बहुत ज्यादा प्यार भी करते हैं। उस रात जब मै और अनिल साथ में लेटे हुए थे तो मेरा मन था कि मैं अनिल के साथ सेक्स करू।

जब मैंने उनके सामने अपने कपड़ों को खोला तो वह बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो गए। उन्होंने मुझे अपनी गोद में बैठा लिया। मैं जब अनिल की गोद में बैठी तो अनिल का लंड तन कर खड़ा हो रहा था और मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था। जब अनिल का लंड पूरी तरीके से तन कर खड़ा हो चुका था और अब मेरे अंदर की गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। मैंने अनिल के लंड को अपने हाथों में लेकर उसे हिलाना शुरू किया। जब मैंने ऐसा करना शुरू किया तो अनिल को बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा और वह मुझे कहने लगे मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है। मैंने अनिल के लंड से पानी बाहर निकाल दिया था।

मैंने अनिल को कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। अनिल ने मुझसे कहा तुम अपने पैरों को चौड़ा कर लो। मैंने अपने पैरों को खोल लिया और अनिल ने मेरी पैंटी को उतारते हुए मेरी चूत पर अपनी उंगली को लगाया और धीरे-धीरे वह अपनी उंगली से मेरी चूत को सहलाते चले गए। मेरी चूत के अंदर जैसे ही अनिल ने अपनी उंगली को घुसाया तो मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था और अब मेरे अंदर की गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी। मुझे बहुत ही ज्यादा मज़ा आने लगा था और अनिल को भी मजा आ रहा था। अनिल ने मेरी चूत की गर्मी को इतना ज्यादा बढा दिया था कि अब मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी। मैंने अपने पैरों को खोल कर अनिल को कहा तुम मेरी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दो।

अनिल ने ऐसा ही किया जब मैंने अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया तो अनिल ने मेरी चूत पर अपने लंड को लगाकर अंदर की तरफ धकेलना शुरू किया। अनिल का मोटा लंड मेरी चूत के अंदर जा चुका था मेरे मुंह से एक जोरदार चीख निकली। अनिल ने मेरे मुंह पर अपने हाथ को रखते हुए मेरे पैरों को कसकर पकड़ लिया था। अब अनिल ने मेरी दोनों मोटी जांघें को कसकर पकड़ लिया था जिससे कि मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था। अनिल ने मुझे अपनी पूरी ताकत के साथ पेलना शुरू कर दिया। जब अनिल ऐसा करते तो मुझे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था। अनिल मुझे कहने लगे मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा है। अनिल ने मेरी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को बड़ी ही तेजी से करना शुरू कर दिया था। अनिल ने मुझे कहा अब तुम मेरे ऊपर से आ जाओ। मैंने अनिल के लंड से अपनी चूत को निकाला और फिर अनिल के लंड को दोबारा से अपनी चूत मे ले लिया।

मैं अनिल के ऊपर से लेटी हुई थी अनिल मेरे स्तनों को चूस रहे थे। उन्होंने मेरी गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ा कर रख दिया था अब मेरी गर्मी बढ चुकी थी। अनिल जिस प्रकार से मुझे धक्के मार रहे थे और मैं जिस प्रकार से अपनी चूतडो को ऊपर नीचे कर रही थी उससे मुझे बहुत ज्यादा मजा आता। मेरे अंदर की गर्मी इतनी अधिक हो चुकी थी कि मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी और मैंने अनिल को कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। अनिल ने मेरे स्तनो को चूसना शुरू कर दिया था। मैंने अपनी चूतडो को ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया जिससे कि मेरी चूत से जो गर्मी बाहर निकल रही थी उसे अनिल का लंड झेल ना सका और अनिल का माल मेरी चूत के अंदर ही गिर गया। अनिल का माल मेरी योनि में गिरते ही मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आया और अनिल को भी बहुत ज्यादा अच्छा लगा जब अनिल ने मेरी चूत के अंदर अपने माल को गिरा दिया था। हम दोनों ही काफी ज्यादा खुश थे।


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