अमित की मर्दानगी का मजा

Amit ki mardangi ka maja:

antarvasna, kamukta

मेरा नाम रुचि है मैं मुंबई की रहने वाली बिंदास गर्ल हूं मेरी उम्र 27 वर्ष है और मैं अपने जीवन में हमेशा ही खुश रहती हूं। मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती हूं, सुबह मैं घर से जल्दी निकल जाती हूं, मैं मुंबई की लोकल ट्रेन से ही ट्रैवल करती हूं और शाम को भी लोकल ट्रेन से ही घर लौटती हूं। मेरे ऑफिस से मेरे घर तक मुझे आने में एक घंटा लग जाता है इसी वजह से मुझे सुबह जल्दी निकलना पड़ता है और शाम को भी मैं ऑफिस से सीधा स्टेशन जाती हूं और वहां से अपने घर लौट आती हूं। मेरे ऑफिस में एक लड़का है जिसका नाम रवि है, वह मुझे अक्सर देखता रहता है लेकिन मैंने कभी भी रवि की तरफ नहीं देखा। एक दिन मुझे रवि ने प्रपोज़ कर दिया और कहने लगा मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं, मैंने रवि से कहा कि मैं इन सब चीजों में नहीं पड़ना चाहती हालांकि मेरे दिल में रवि के लिए इज्जत है लेकिन फिर भी मैं उसे रिलेशन का रूप नहीं देना चाहती और ना ही मेरे दिल में रवि के लिए कुछ ऐसी बात थी।

मुझे रवि अच्छा लगता है लेकिन मैं उसके साथ रिलेशन में नहीं रहना चाहती, मैंने रवि से कहा कि हम दोनों एक अच्छे दोस्त बन कर रह सकते हैं लेकिन मैं तुम्हारे साथ रिलेशन में नहीं रह सकती। रवि ने भी मेरी बातों का सम्मान किया और अब हम दोनों एक अच्छे दोस्त हैं। मैं रवी के साथ घूमने भी जाती हूं और हम दोनों एक दूसरे को बहुत अच्छे से अंडरस्टैंड करते हैं। एक बार मुझे कुछ पैसों की आवश्यकता थी तो उस वक्त रवि ने हीं मेरी मदद की, रवि बहुत ही अच्छा लड़का है यह बात मुझे पता है लेकिन मैं रवि के साथ रिलेशन में नहीं रह सकती। उसके दिल में अभी भी यही बात थी और मेरे ऑफिस की लड़कियां भी मुझे यही कहती कि तुम्हें रवि को हां कह देना चाहिए, वह बहुत ही अच्छा लड़का है लेकिन मेरे दिल में रवि को लेकर कभी भी ऐसे ख्याल पैदा नहीं हुए। एक बार मैं ऑफिस के लिए सुबह घर से निकली तो उस दिन मेरा रास्ते में ही एक महिला के साथ झगड़ा हो गया, मैं स्टेशन में बड़ी तेजी से चल रही थी और उसकी टक्कर मुझसे हो गई। जब उसकी टक्कर मुझसे हुई तो मैंने उन्हें सिर्फ इतना कहा कि क्या आप देखकर नहीं चल सकती, वह उस बात पर ही भड़क गई और मुझे उन्होंने बहुत ही बुरा भला कह दिया।

मैं भी गुस्से में आ गई और मेरा झगड़ा उनके साथ हो गया, उस दिन सुबह से ही मेरा पूरा मूड खराब था। मैं जब ऑफिस पहुंच गई तो ऑफिस में भी मेरा बिल्कुल मन नहीं लग रहा था, रवि मेरे पास आया और कहने लगा आज तुम किसी से भी बात नहीं कर रही हो, मैंने उसे सुबह की घटना के बारे में बताया और कहा कि सुबह ही आज मेरा एक महिला के साथ झगड़ा हो गया, सुबह से मेरा मूड बहुत ज्यादा खराब है। रवि कहने लगा तुम अपना मूड क्यों खराब कर रही हो, मैंने रवि से कहा कि उस महिला ने मेरा आज पूरा दिन खराब कर दिया और मेरा बिल्कुल भी काम में मन नहीं लग रहा है लेकिन उस दिन जैसे कैसे मैंने काम किया और जब शाम को मैं घर लौट रही थी तो मैं स्टेशन पर ही ट्रेन का इंतजार कर रही थी, जब मैं ट्रेन इंतजार कर रही थी तो एक लड़का बड़ी तेजी में आया और वह मेरा पर्स छीनते हुए भागने लगा। वह जैसे ही पर्स लेकर भाग रहा था तो एक नौजवान युवक ने उसे दबोच लिया और जब उसने उसे पकड़ा तो उसके बाद वहां पर बहुत भीड़ जमा हो गई। उस लड़के ने मुझे मेरा पर्स लौटाया, मैं भी वहीं पर खड़ी थी, तब तक वहां पर रेलवे पुलिस भी आ गई और जब पुलिस आई तो वह चोर को अपने साथ ले गई, तब जाकर वहां का माहौल थोड़ा शांत हुआ। मैंने उस लड़के को धन्यवाद कहा और कहा कि तुमने मेरा पर्स चोरी होने से बचाया, वह कहने लगा मैं काफी देर से उस लड़के को देख रहा था और मुझे उस पर शक भी था कि वह एक चोर है, वह जैसे ही तुम्हारी तरफ दौड़ा तो मैंने भी उसे देख लिया था। मैंने उस लड़के का नाम पूछा, उसका नाम अमित है। मैं अमित की बहादुरी से बहुत ज्यादा प्रभावित हो गई, मैंने उसे कहा कि यदि वह तुम्हें कुछ कर देता तो, अमित कहने लगा ऐसी घटनाएं अक्सर होती रहती हैं यदि हम लोग डर जाएंगे फिर तो हर कोई चोरी कर के भाग जाएगा। अमित एक बिंदास किस्म का लड़का है, मैं उसके साथ काफी देर तक बात करती रही।

मैंने उससे पूछा कि तुम्हे कहां जाना है, उसने बताया कि मुझे विरार जाना है, मैंने उसे कहा कि मेरा घर भी उसी तरफ है हम दोनों ही एक साथ ट्रेन में जा रहे थे और मैं अमित के साथ काफी देर बात करती रही। अमित के साथ बात करना मुझे अच्छा लग रहा था और अमित भी मेरे साथ बहुत खुलकर बात कर रहा था। अमित ने मुझे कहा तुम कहां जॉब करती हो, मैंने उसे अपने ऑफिस के बारे में बताया और कहा कि मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करती हूं। अमित भी किसी कंपनी में जॉब करता है और वह मुझे कहने लगा मैं भी अक्सर इसी वक्त ऑफिस से लौटता हूं। मैं अमित को बड़े ही ध्यान से देख रही थी और अमित भी मुझे देख रहा था। ट्रेन में काफी भीड़ थी और बहुत धक्का मुक्की हो रही थी। मुझे एक व्यक्ति ने धक्का मारा तो मैं अमित से जाकर चिपक गई। जब मैं अमित से चिपकी तो अमित ने अपने दोनों हाथों से मुझे पकड़ लिया उसके हाथ मेरी गांड से टकरा रहा थे मेरे अंदर से गर्मी बाहर निकलने लगी।

अमित ने मुझे अपनी बाहों में ले लिया और मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था उसकी छाती की गर्मी मेरे मुंह से टकरा रही थी मैंने भी अमित के लंड पर हाथ लगा दिया अमित भी पूरा उत्तेजित हो चुका था। मैं उसके साथ विरार चली गई अमित ने स्टेशन के पास ही छोटे से होटल में रूम ले लिया। जब अमित ने मुझे नंगा किया तो मेरी योनि से पानी बाहर की तरफ को निकल रहा था। अमित ने भी मेरी योनि के अंदर उंगली डाल दी, मैं बहुत ज्यादा मचलने लगी मुझसे बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हुआ मैंने भी कुछ देर बाद अमित के मोटे से लंड को अपने मुंह में ले लिया और अच्छे से सकिंग करने लगी। मैंने उसके लंड को चूसते चूसते अपने गले के अंदर तक समा लिया और बहुत देर तक मैं उसके लंड को चुसती रही। जब अमित पूरे मूड में आ चुका था। अमित ने मुझे घोड़ी बना दिया और जैसे ही उसने मेरी नरम और मुलायम योनि के अंदर अपने लंड को डाला तो मैं मचलने लगी और मुझे बहुत ज्यादा दर्द हुआ मेरी चूत से इतना ज्यादा तरल पदार्थ बाहर की तरफ निकल चुका था कि मुझे अच्छा महसूस होने लगा। अमित ने भी मेरी बडी चूतडो को पकड़ लिया अमित मुझे कहने लगा तुम्हारी चूतडे तो बहुत ही सेक्सी है। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैने अमित से कहा मुझे तुम्हारे साथ  मैं सेक्स कर के बहुत मजा आ रहा है। अमित मुझे बड़ी तेज गति से धक्के दे रहा था और मैं भी अपनी चूतडो को उससे मिला रही थी। अमित और मेरी पहली मुलाकात ही यादगार बन गई मैंने अमित से कहा मुझे तो बिल्कुल भी यकीन नहीं हो रहा कि हम दोनों ही पहली मुलाकात में एक दूसरे के साथ इतना नजदीक आ गए कि तुमने अपने लंड को मेरी योनि के अंदर डाल दिया। अमित कहने लगा मुझे भी बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। मैंने अमित से कहा मैं ना चाहते हुए भी तुम्हारी तरफ आकर्षित होने लगी और तुमने जिस प्रकार से मुझे प्रभावित किया मैं तुमसे बहुत ही खुश हो गई। अमित ने इतनी तेज तेज धक्के मारने शुरू कर दिए की अमित के लंड से मेरी योनि पूरी तरीके से छिल चुकी थी और मेरी चूत से खून बाहर की तरफ निकल रहा था। अमत कहने लगा तुम्हारी योनि तो बहुत ज्यादा टाइट है मुझे तुम्हें चोदकर बहुत ही आनंद आ रहा है। मैंने अमित से कहा तुम ऐसे ही मुझे चोदते रहो अमित ने मुझे 15 मिनट तक बड़े अच्छे से चोदा लेकिन जब अमित का माल गिरा तो मैं बहुत खुश हो गई। मैंने अपने कपड़े जल्दी से पहन लिए उसके कुछ देर बाद मेरे घर से फोन आ गया मैंने अपनी मम्मी से कहा बस कुछ देर मे आ रही हूं। जाते जाते भी अमित ने मुझे एक बार चोदा। मैंने अमित का नंबर ले लिया था और मैं अमित की हो चुकी थी।


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