आखिरकार सुहागरात मना ही ली

Akhirkar suhagraat mana hi li:

Kamukta, antarvasna मैं पहले आगरा में पढ़ाया करता था परन्तु मेरा ट्रांसफर अब लखनऊ हो चुका था जब मेरा ट्रांसफर हुआ तो मैं उस दौरान ट्रेन से लखनऊ जा रहा था तभी मेरी मुलाकात ट्रेन में पायल से हुई। पायल भी स्कूल में टीचर है लेकिन हम दोनों की मुलाकात एक सफर के दौरान हुई थी लेकिन हम दोनों की किस्मत हमें मिलाना चाहती थी जो कि ना तो मुझे मालूम था और ना ही पायल को मालूम था। जब हम दोनों मिले तो हम दोनों एक दूसरे को बहुत ज्यादा नजदीकी से जानना चाहते थे क्योंकि मेरे अंदर भी पायल को जानने की बहुत इच्छा थी पायल भी मेरे बारे में जानना चाहती थी। पायल ने मुझसे ट्रेन में पूछा की आप किस स्कूल में टीचर है मैंने उसे बताया कि मैं पहले आगरा में पढाया करता था और अब मेरा ट्रांसफर लखनऊ में हो चुका है।

पायल भी लखनऊ की रहने वाली है और वह मथुरा में पढ़ाती है हम दोनों जब ट्रेन में मिले तो हम दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो चुकी थी और हम दोनों एक दूसरे से काफी बात करते रहे लेकिन पहली मुलाकात में ही शायद किसी के बारे में सब कुछ जान पाना बहुत मुश्किल होता है। मैं लखनऊ पहुंच चुका था, पायल अपने किसी रिलेटिव के घर से आ रही थी जो कि आगरा में रहते हैं हम दोनों ने कुछ देर तक तो स्टेशन के बाहर भी बात की और उसके बाद हम लोग वहां से चले गए मैं भी वहां से जा चुका था। मैंने लखनऊ में रहने की पहले ही व्यवस्था कर ली थी मैं लखनऊ में जिस जगह रहने वाला था वहां पर मैंने अपना सारा अरेंजमेंट कर लिया था। मैं अब स्कूल जाने लगा था मेरी बात पायल से फोन पर होती रहती थी हम दोनों की बातें फोन पर कम ही होती थी लेकिन हम दोनों जब भी एक दूसरे से फोन पर बात करते तो हम दोनों को अच्छा लगता और मुझे भी बहुत खुशी होती। पायल जब भी लखनऊ आती तो मुझसे वह जरूर मिला करती थी अब हम दोनों के बीच में अच्छी दोस्त हो चुकी थी पायल और मैं एक दूसरे को अच्छी तरीके से समझते थे।

एक बार पायल के घर में कोई प्रोग्राम था तो उसने कहा कि आपको हमारे घर में जरूर आना है मुझे आपको अपने परिवार वालों से मिलवाना है, मुझे नहीं मालूम था कि उसके दिल में क्या चल रहा है। पायल ने मुझे अपने परिवार वालों से मिलवाया और जब उसने मुझे अपने परिवार वालों से मिलवाया तो मुझे उनसे मिलकर अच्छा लगा। शायद पायल ने मुझे अपने परिवार वालों से इसलिए मिलवाया था कि वह चाहती थी कि हम दोनों के बीच में एक संबंध बने क्योंकि पायल शायद मुझसे शादी करना चाहती थी और उसे मेरे विचार बहुत पसंद आए थे। मैंने भी पायल से पूछा तुम्हारे परिवार वालों से तुमने मुझे क्यों मिलवाया तो वह कहने लगी बस ऐसे ही मैंने पायल से कहा क्या तुम मुझसे शादी करना चाहती हो वह कहने लगी हां मैं आपसे शादी करना चाहती हूं। मैंने पायल से कहा तुम बहुत ही अच्छी लड़की हो और मैं तुम्हारी बड़ी इज्जत करता हूं और मैं भी तुमसे शादी करना चाहता हूं पायल कहने लगी तो फिर किस चीज की रुकावट है। मैंने पायल से कहा लेकिन मैं चाहता हूं कि कुछ समय हम दोनों साथ में बिताए ताकि तुम भी मुझे जान सको और मैं भी तुम्हें अच्छे से जान सकूं पायल कहने लगी ठीक है हम दोनों एक दूसरे के साथ समय बिताते हैं। पायल जब भी लखनऊ आती तो मुझसे जरूर मिला करती थी मुझे पायल से मिलने में बहुत खुशी होती है और पायल को भी मुझसे मिलना अच्छा लगता। यह सिलसिला अब काफी समय तक चलता रहा हम दोनों एक दूसरे के साथ करीब 6 महीने तक मिलते रहे इस दौरान मुझे पायल के बारे में कई चीजों के बारे में पता चला पायल का नेचर बहुत ही अच्छा है और उसे क्या चीज पसंद है और क्या नहीं वह सारी जानकारी मुझे मिली। मुझे इस बात की खुशी थी कि कम से कम मैं पायल को अच्छे से जान तो पाया क्योंकि मुझे लगता था कि शायद मैं कभी पायल को जान ही नहीं पाऊंगा लेकिन मुझे पायल को नजदीक से जानने का मौका मिला और फिर मैंने पायल से शादी करने का फैसला कर लिया।

हम दोनों ने एक दूसरे से शादी करने का फैसला कर लिया था मैंने अपने परिवार में अपने माता पिता से भी पायल को मिलवाया हम दोनों के माता पिता ने एक दूसरे से बात की दोनों ही परिवार एक दूसरे से मिलकर खुश थे। मुझे बहुत अच्छा लगा कि मेरी शादी पायल से होने वाली है और अब हम दोनों की सगाई हो चुकी थी और हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे मैं पायल से ज्यादा फोन पर ही बात किया करता था क्योंकि उसकी पोस्टिंग अभी मथुरा में ही थी और मैं लखनऊ में ही पढता था। जब भी पायल छुट्टी लेकर लखनऊ आती तो हम दोनों साथ में ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश करते धीरे धीरे समय भी बीता जा रहा था हमारी शादी का समय नजदीक आने लगा। मैंने अपने लिए सारी शॉपिंग कर ली थी और मेरे जितने भी दोस्त थे उन सब को मैंने अपनी शादी के लिए इनवाइट किया मेरे पिताजी चाहते थे कि मेरी शादी धूमधाम से हो क्योंकि मैं घर में एकलौता हूं। उनका सपना था कि मेरी शादी हो तो बहुत ही तुम धाम से हो इसलिए उन्होंने मेरी शादी में कोई कमी नहीं रखी और सब कुछ बहुत बढ़िया से सजा रखा था। तभी उसी दौरान पायल का पैर सीढ़ियों से फिसल गया और उसे बहुत ज्यादा चोट आ गई।

शादी का समय नजदीक आ चुका था और कुछ ही दिनों बाद हमारी शादी होने वाली थी लेकिन पायल हॉस्पिटल में एडमिट हो गई मैंने घर वालो से कहा क्या हम लोग शादी को थोड़ा और लेट करवा सकते हैं या कुछ दिन और रुक सकते हैं। मैं पायल से मिलने गया था उसकी हालत काफी खराब थी उसे काफी चोटें आई हुई थी मैं नहीं चाहता था कि शादी इतनी जल्दी हो इसलिए हम लोगों ने थोड़ा रुकने का फैसला किया। पायल लखनऊ में ही थी मैं उसे हर रोज मिलने जाया करता था पायल एक दिन मेरा हाथ पकड़ कर मुझे कहने लगी मेरी वजह से हमारी शादी के लिए हम दोनों को इतने समय तक रुकना पड़ा। मैंने पायल से कहा इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं है तुम्हें कौन सा मालूम था कि तुम्हें चोट लगने वाली है तुम इसमें अपने आप को बिल्कुल भी दोषी मत ठहराओ। मैंने पायल को समझाया लेकिन पायल की आंखों में आंसू थर और वह बहुत ज्यादा भावुक हो चुकी थी मैंने पायल को कहा पायल कोई बात नहीं तुम ठीक हो जाओगी कुछ समय बाद तुम पूरी तरीके से ठीक हो जाओगी। पायल कुछ समय बाद धीरे-धीरे ठीक होने लगी थी और अब वह हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो चुकी थी और घर में उसके मम्मी पापा उसकी देखभाल कर रहे थे मैं भी उसे मिलने के लिए चला जाया करता था। हम दोनों की शादी अब तीन महीने बाद होने वाली थी पायल भी ठीक होने लगी थी और अब हमारी शादी भी होने वाली थी मैं नहीं चाहता था कि अब किसी भी वजह से हम दोनों की शादी में कोई रुकावट हो। हम दोनों की शादी बड़े ही धूमधाम से हुई सब कुछ बड़े ही अच्छे से हो चुका था मैं और पायल दोनों ही बहुत खुश थे हमारे सगे संबंधी और मेरे जितने भी दोस्त हैं लगभग सब लोग हमारी शादी में आए हुए थे और सब लोगों ने हमें हमारी शादी के लिए बधाइयां दी। हम दोनों की शादी हो चुकी थी मैं पायल के साथ शादी कर के खुश था जब हम दोनों की शादी की पहली रात थी तो उस दिन मैं कमरे में गया।

पायल ने घूंघट ओठा हुआ था वह शर्मा रही थी मैं पायल के पास जाकर बैठा। पायल से मैंने कहा तुम इतना क्यों शर्मा रही हो पायल मुझसे कहने लगी आज तो मुझे शर्माना ही पड़ेगा। मैंने पायल के घूंघट को उठाया और उससे कहा मुझसे तुम्हें भला क्या शर्माना, मैंने उसके ब्लाउज के बटन को खोलना शुरू किया और उसके स्तनों को मे दबाने लगा। वह उत्तेजित होने लगी थी मैंने उसके होठों को चूमना शुरू किया मै उसके होठों को किस करता तो उसे बड़ा मजा आता। जब मैंने उसके गोरे स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो वह भी अपने आपको बिल्कुल ना रोक सकी, उसके अंदर एक अलग ही जोश पैदा होने लगा। मैं बहुत खुश था क्योंकि मैं पायल के स्तनों को अपने मुंह में ले रहा था मैंने उसके बदन से सारे कपड़े उतार दिए। हमारे बिस्तर से एक अलग ही खुशबू आ रही थी, जब मैने पायल की योनि को देखा तो उसकी योनि में एक भी बाल नहीं था। मैंने उसे बड़े ही अच्छे तरीके से चाटा उसकी योनि को चाटने मे मुझे बड़ा मजा आया उसकी योनि को मैंने काफी देर तक चाटा। जब उसकी योनि से तरल पदार्थ बाहर निकलने लगा तो मैंने पायल से कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो।

उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसे बहुत देर तक सकिंग करने लगी। उसे बड़ा मजा आ रहा था वह मेरे लंड को अच्छे तरीके से चूस रही थी। मेरे अंदर भी जोश बढ़ता ही जा रहा था जैसे ही मैंने पायल की योनि के अंदर अपने लंड को घुसाया तो मुझे उसकी योनि में अपने लंड को डालने में बड़ा मजा आया उसकी योनि बहुत ज्यादा टाइट थी उसकी योनि से खून का बहाव तेज होने लगा। मैंने उसे तेजी से धक्के देने शुरू किए मैं उसे जितनी तेजी से धक्के देता तो उतनी तेजी से उसके मुंह से सिसकिया निकल जाती वह मेरा भरपूर तरीके से साथ दे रही थी। उसने मेरे कमर पर अपने नाखूनों के निशान भी मार दिए थे उसने अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया ताकी मेरा लंड आसानी से उसकी योनि में जा सके। मैं उसे बड़ी तेजी से प्रहार कर रहा था, वह बहुत ज्यादा खुश थी। काफी देर तक मैं उसकी योनि के मजे लेता रहा जब उसकी टाइट चूत में मेरा वीर्य गिरा तो मैंने पायल को गले लगा लिया। पायल मुझे कहने लगी आखिरकार हम दोनों की शादी हो ही गई और तुमने मुझे अपना बना ही लिया। मैंने पायल को अपनी बाहों में सुलाया और हम दोनों गहरी नींद में सो गए।


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