अकेले में समय बिताया करते

Akele me samay bitaya karte:

Antarvasna, kamukta मेरे भैया और मैं हार्डवेयर की दुकान संभालते हैं हम दोनों ही इस दुकान में 10 वर्षों से काम कर रहे हैं जब मेरे भैया ने यह दुकान खोली थी उसके बाद मैंने भी उनके साथ काम करना ठीक समझा। हम दोनों भाई अपनी पूरी मेहनत से काम करते हैं हम लोग ज्वाइंट फैमिली में रहते हैं और एक दूसरे से हमारा बहुत ज्यादा लगाव है हम दोनों एक दूसरे को बहुत ही अच्छे से समझते हैं। मेरे भैया और मैं जब भी घर से कहीं बाहर जाते हैं तो हम दोनों दुकान का काम हमारे दुकान में काम करने वाले राजू काका को देकर जाते हैं वह हमारे पास काफी सालों से काम कर रहे हैं उनकी ईमानदारी पर हमने कभी शक नहीं किया। राजू काका बहुत ही अच्छे हैं और वह हमारे परिवार के सदस्य की तरह ही हैं राजू काका ने एक दिन मुझसे कहा बेटा मुझे अपनी बेटी की शादी के लिए कुछ पैसे चाहिए थे। मैंने राजू काका से कहा ठीक है चाचा पैसे ले लीजिएगा आप बता देना आपको जब भी पैसे चाहिए होंगे चाचा कहने लगे मुझे कुछ दिनों बाद पैसे चाहिए मैने कहा ठीक है मैं भैया से बात कर लेता हूं और आपको मैं पैसे दे दूंगा।

राजू चाचा ने भी हमें अपने परिवार की तरह ही समझा है वह हमें बहुत मानते हैं और इसी सिलसिले में मैंने भैया से बात की तो भैया कहने लगे राजेश तुम राजू काका को पैसे दे देते मुझसे पूछने की क्या जरूरत है मैंने आकाश भैया से कहा भैया फिर भी आप से पूछना ठीक रहेगा इसलिए मैंने आपसे इस बारे में बात की। भैया ने मुझे एक ब्लैंक चेक दिया और कहा चाचा से पूछ लेना कितने पैसों की उन्हें जरूरत है और उन्हें यह चेक दे देना। मैंने चाचा से पूछा चाचा आपको कितने पैसे की आवश्यकता है तो चाचा ने कहा बेटा मुझे तीन लाख चाहिए फिर मैंने चाचा को चेक दे दिया उसमें मैंने अमाउंट भर दिया था उसके बाद चाचा वहां से बैंक में चले गए और उन्होंने अपने अकाउंट में वह चेक लगा दिया। चाचा जब दुकान में वापस आए तो मैंने उनसे पूछा चाचा आपने क्या वह चेक लगा दिया है चाचा कहने लगे हां बेटा मैंने चेक लगा दिया है राजू चाचा बनारस के रहने वाले हैं और उन्होंने मुझे कहा बेटा सब लोगों को शादी में जरूर आना है।

हमने चाचा से कहा हां चाचा क्यों नहीं आपकी लड़की हमारी बहन जैसी ही है हम लोग सब शादी में आएंगे और कुछ समय बाद चाचा की लड़की की शादी होने वाली थी चाचा की लड़की का नाम संगीता है। हम लोग जब उसकी शादी में गए तो राजू काका ने हमारी बहुत ही खातिरदारी की उन्होंने हमें किसी चीज की कोई कमी नहीं होने दी। उसी शादी में मेरी नजर गरिमा पर पड़ी गरिमा बहुत ही सुंदर लग रही थी और उससे मैं बात करना चाहता था लेकिन उससे उस दिन मेरी बात ना हो सकी मैं गरीमा को दिल ही दिल चाहने लगा। मैं सोच रहा था कि गरिमा से काश मेरी बात हो जाती उस वक्त मेरी गरिमा से कोई बात नहीं हो पाई और हम लोग दिल्ली वापस आ गए। फिर मैं अपने काम पर ही व्यस्त था शादी का फंक्शन बहुत ही अच्छे से रहा और हमारा पूरा परिवार संगीता की शादी में गया था कुछ दिनों तक हमने दुकान बंद भी की थी अब हम लोग दिल्ली वापस लौट आए थे। एक दिन राजू काका और मैं दुकान पर बैठे हुए थे मैंने चाचा से कहा संगीता कैसी है चाचा कहने लगे संगीता तो ठीक है मैंने चाचा से गरिमा के बारे में पूछा चाचा ने मुझे गरिमा के बारे में बताया और कहा गरिमा दिल्ली में ही पढ़ाई करती है। मैंने चाचा से पूछा क्या वह दिल्ली में पढ़ाई करती है चाचा कहने लगे हां बेटा वह दिल्ली में ही पड़ती है और उसके भी पापा दिल्ली में जॉब करते हैं उनकी फैमिली कुछ समय पहले ही यहां पर आई है लेकिन गरिमा तो पहले से ही यहां पढ़ाई करती है। मैं यह सुनकर खुश हो गया लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा था कि गरिमा का नंबर कैसे लिया जाए क्योंकि राजू काका से तो मैं गरिमा का नंबर नहीं ले सकता था। मुझे यह भी पता था कि गरिमा दिल्ली में रहती है इसलिए मैं अब उससे बात करना चाहता था लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा था कि आखिरकार उसका नंबर मैं किससे लूं। एक दिन मुझे राजू काका ने कहा बेटा क्या तुम मुझे संगीता के ससुराल ले चलोगे संगीता का ससुराल भी दिल्ली में ही है इसलिए मैं उनके साथ चला गया भैया उस दिन दुकान पर ही थे।

मैं जब संगीता से मिला तो संगीता बहुत खुश थी संगीता और मैं बात कर रहे थे तभी गरिमा की बात बीच में आ गई और मैंने संगीता से कहा क्या तुम्हारे पास गरिमा का नंबर है तो संगीता कहने लगी हां मेरे पास गरिमा का नंबर है मैं बहुत ज्यादा खुश हो गया और मैंने संगीता से गरिमा का नंबर ले लिया। मैंने जब संगीता से गरिमा का नंबर लिया तो मैंने उस दिन तो उसे फोन नहीं किया लेकिन कुछ दिनों बाद मैंने गरिमा को फोन किया और फिर मैंने गरिमा से बात करना शुरू किया। उससे बात करना मुझे अच्छा लगा लेकिन वह मुझे अच्छे से नहीं जानती थी इसलिए मेरी ज्यादा बात ना हो सकी परंतु मैंने उसे जब अपने बारे में बताया तो वह मुझे कहने लगी संगीता के पिताजी तुम्हारी बड़ी तारीफ करते हैं और कहते हैं कि तुम्हारी फैमिली बहुत ही अच्छी है। कम से कम वह अब मुझसे बात करने लगी थी और मुझे उससे बात करना अच्छा लग रहा था यह बड़ा ही अच्छा रहा कि संगीता से मुझे गरिमा का नंबर मिल चुका था गरिमा और मेरे बीच में फोन पर ही बात होती थी। एक दिन गरिमा ने मुझसे मिलने की बात कही मैंने कभी सोचा नहीं था कि गरिमा मुझसे मिलने की बात कहेगी, जब मैं गरिमा से उस दिन मिला तो मुझे बहुत अच्छा लगा मैं उस दिन बहुत बन ठन कर गया था।

मैं जब गरिमा से मिला तो मुझे उसे देख कर बहुत अच्छा लगा गरिमा से उस दिन मैंने काफी देर तक बात की हम लोगों ने करीब दो घंटे साथ में बिताए और इन दो घंटों में मुझे गरिमा के बारे में काफी कुछ चीजें पता चल चुकी थी। गरिमा के पिताजी सरकारी विभाग में है और गरिमा ने मुझे बताया कि मैं तो दिल्ली में ही पढ़ाई करती थी गरिमा से बात करना मुझे बहुत अच्छा लगा। जब मैं घर लौटा तो मुझे ऐसा लगा जैसे कि मेरी दिल की मुराद पूरी हो गई हो क्योंकि गरिमा से मैंने काफी देर तक बात की और अब उससे मेरी अच्छी दोस्ती हो चुकी थी इसलिए गरिमा से मैं फोन पर अक्सर बात किया करता था। गरिमा और मेरे बीच में बहुत बातें होती थी हम दोनों एक दूसरे को बहुत पसंद करते थे इसीलिए हम लोग अक्सर मिलने लगे थे गरिमा का कॉलेज भी पूरा हो चुका था और गरिमा और मैं एक दूसरे को दिल ही दिल चाहने लगे थे। हम दोनों अब हमेशा ही एक दूसरे को मिला करते थे जिस दिन भी हम लोग एक दूसरे को नहीं मिलते उस दिन बड़ा ही अजीब सा महसूस होता और ऐसा लगता कि जैसे जीवन में कोई चीज अधूरी रह गई हो उस दिन का दिन बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता। मैं अपने काम पर पूरा ध्यान दे रहा था और मेरी भी शादी की उम्र हो चुकी थी लेकिन मैं अब गरिमा से ही शादी करना चाहता था मैंने इसलिए अपने भैया से इस बारे में बात की तो भैया ने भी कहा ठीक है मैं एक बार गरिमा से मिलना चाहता हूं। भैया जब गरिमा से मिले तो उन्हें गरिमा अच्छी लगी और उन्होंने कहा गरिमा अच्छी लड़की है मुझे उसके पापा से बात करनी चाहिए। भैया ने उसके पिताजी से बात की तो वह कहने लगे अभी तो हम लोग गरिमा की शादी नहीं करवा सकते लेकिन हम दोनों अब भी एक-दूसरे को मिलते थे।

मैं गरिमा से मिलता रहता था उसे मिलना मुझे बहुत अच्छा लगता हम दोनों के बीच बहुत मुलाकात होती रहती थी। मैं जब भी गरिमा से मिलता तो मुझे अच्छा लगता हम दोनों एक दूसरे से खुल कर बात किया करते। मैं जब भी गरिमा के रसीले होठों को देखता तो मुझे उन्हें चूमने का मन होता एक दिन मैंने गरिमा के होठों को अपनी कार में किस किया और उसके रसीले होठों का मैंने रसपान किया वह पूरी तरह उत्तेजीत हो चुकी थी और मेरे अंदर भी जोश चढ चुका था। मैंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया और गरिमा ने अपने मुंह में ले लिया और मेरे लंड को चूसने लगी। हम दोनों के अंदर इतनी ज्यादा उत्तेजना आ चुकी थी कि हम दोनों ही अपने आप पर काबू नहीं कर पा रहे थे गरिमा की योनि से पानी निकलने लगा था। मैंने जैसे ही गरिमा की योनि के अंदर अपनी उंगली डालने की कोशिश की तो उसकी योनि से पानी बाहर निकल रहा था मैंने गरिमा के होंठों को बहुत देर तक किस किया अब हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स संबंध बनाना चाहते थे और इसीलिए मैंने गरिमा के साथ सेक्स संबंध बनाने की सोची।

मैं उसे अपने एक परिचित के घर ले गया वहां पर मैंने जब गरिमा को नंगा किया तो उसके गोरे बदन को देखकर मैंने उसे अपनी बाहों में ले लिया वह भी अपने आप पर काबू ना रख सकी और उसने मुझे कहा तुम जल्दी से अपने लंड को मेरी योनि में डाल दो। मैंने अपने लंड को उसकी योनि में घुसा दिया और जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि के अंदर बाहर होता तो वह चिल्ला जाती मैं बड़ी तेजी से धक्के मार रहा था और उसके बदन के मजे लेता जाता। उसे बहुत अच्छा लग रहा था वह अपने पैरों को चौड़ा करती जाती मैंने उसे बहुत देर तक चोदा और उसकी इच्छा पूरी कर दी। मैंने जब अपने लंड को उसकी योनि से बाहर निकाला तो मैंने देखा उसकी योनि से खून निकल रहा है। हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स कर के बहुत खुश थे हम दोनों कि अब तक शादी नहीं हो पाई है लेकिन हम दोनों के बीच प्यार बहुत ज्यादा है और हम दोनों एक दूसरे के साथ अक्सर अकेले में समय बिताया करते हैं। मुझे गरिमा के साथ अकेले में समय बिताना अच्छा लगता है और उसे भी मेरे साथ बहुत अच्छा लगता है।


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