अजीब दास्ताँ है ये

Ajeeb dastan hai ye:

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desi sex kahani

हेल्लो दोस्तों कैसे हैं आप सब मैं हूँ मोहन श्रीवास और मैं जबलपुर में रहता हूँ | मेरा काम धंदा कुछ नहीं है मैं बस लोगों के साथ मुन्ह्चोदी करता हूँ और गांड पे खाके वापस आ जाता हूँ | बचपन से मैं यही कर रहा हूँ और मेरी बीवी भी मेरी गांड मारती है | मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कभी मेरे साथ होगा पर मेरी किस्मत में लौड़े लिखे हैं तो मुझे पकोड़े कहाँ से मिलेंगे | ये मैं बस आपको संतावना लेने के लिए कह रहा हूँ क्यूंकि मैं अति मादरचोद किस्म का इंसान हूँ और मुझे हर चीज़ में ऊँगली करने की आदत है | तो दोस्तों आज मैं आपको अपनी बेटी कि कहानी बताने वाला हूँ जो स्कूल में ब्लू फिल्म देखते हुए पकड़ी गयी थी और उसके साथ मेरे दुश्मन के लड़के ने चोदम चुदाई का गन्दा खेल खेला | मतलब कोई इज्ज़त ही नहीं है बताओ अरे कम से कम किसी और से चुदवा लेती मैंने मना थोड़ी किया था | मैंने कभी नहीं सोचा था मेरी बेटी पास के कुत्ते से चुदवा के फस जाएगी | मैं आज बहुत दुखी हूँ क्यूंकि मुझे बाजु वाली ने गांड पे लात मार के कहा जा माँ के लौड़े तुझे अपनी चूत नहीं मारने दूंगी | तेरे बदबूदार लंड से मुझे नफरत है | परे मैंने हार नहीं मानी मेरे घर में एक काम करने वाली आती है भले ही वो काली है पर मैंने कभी किसी चूत के साथ भेदभाव नहीं किया | मेरी बीवी तो काम पे चली जाती है बेटी दुसरे शहर में चुदाई नहीं पढ़ाई कर रही है | वो कभी कभी सच मुंह पर आ ही जाता है | बेटा मेरा कॉलेज जाता है और मैं रह जाता हूँ अकेला | अब इस अकेले लंड का ख्याल कौन रखेगा |

तो अब मैं बताता हूँ कि मैं कैसे अपनी काम वाली मादरचोद बाई की चूत के लिए पागल हुआ | तो हुए ये कि एक बार मेरी बेटी के स्कूल से मुझे फोन आया कि आप जितनी जल्दी आ सकते हैं आ जाइये | मैंने सोचा कहीं मेरी बेटी को कुछ हों तो नहीं गया | मैंने तुरंत अपनी कार की चाबी उठायी और कार के पास जाके अपनी साइकिल उठा के निकल पड़ा | आप सोच रहे होंगे कि मैं कार से क्यूँ नहीं गया वो क्या है मेरी बीवी कार दहेज़ में लायी थी और मैं उसपे सिर्फ कपडा मारने का काम करता हूँ | अगर मैं गलती से कार को छु भी लेटा हूँ तो वो मेरी गांड में डंडा डालती है पेट्रोल लगा के | और मुझे अब तो इसमें मज़ा भी आने लगा है | पर अब मैं अपने मज़े को छोड़ते हुए आपको मुद्दे की बात बता देता हूँ | मैं जैसे ही पहुंचा स्कूल तो मैं चिल्लाता हुआ अन्दर गया और उसकी टीचर से पूछा कहाँ है मेरी बच्ची | वैसे उसकी टीचर के दूध बिलकुल कसे हुए थे मैंने सोचा आज तो इसका पत्ता काट ही दूंगा पर उसने कहा आ गए आप | मैंने सोचा ये ऐसे बात क्यूँ कर रही है ? मैंने पूछा क्या हुआ मैडम कोई बात हुयी है क्या ? उसने कहा बात !!! बहुत बड़ी बात हुयी है मोहन श्रीवास जी आपकी बेटी ने नाक कटवा दी आपकी जो कि पहले से ही कटी हुयी है | वो क्या है उसकी मैडम घर के पास ही रहती है तो उसे मेरे सारे कारनामे पता है | मैंने क्या हुआ जी आप ऐसा क्यूँ बोल रही हैं | उसने कहा आप जानना चाहते हैं हुआ क्या है ? मैंने हाँ मैं जानके ही रहूँगा आखिर हुआ क्या है ?

उतने में मेरी बेटी आई अपना सिर झुकाए हुए और उसके साथ कुछ और लड़कियां भी और बाकी लड़के उनपे हस्ते हुए आ रहे थे | मैंने सोचा कही इसका व्हिस्पर तो नहीं गिर गया जिससे सब हस रहे हैं | फिर उसकी बड़े दूध वाली मैडम ने कहा ये लड़कियां ब्लू फिल्म देख रही थी और अपने बूब्स को दबा रही थी | मैंने कहा क्या मेरी बेटी ने ऐसा कहा पर इसके तो बूब्स ही नहीं हैं | मैडम ने कहा ये क्या बात कर रहे हैं आप ? आपको पता भी है ये कितना गन्दा काम है इसके लिए आपकी बेटी को स्कूल से निकलवा भी सकते हैं हम | मैंने कहा नहीं मैडम आप ऐसा मत करना इसकी ओर से मैं आपसे माफ़ी मांगता हूँ आइन्दा से ऐसा नहीं होगा |

सुनो बेटी ये तुमने बहुत गन्दा काम किया है | मैंने ये दिन देखने के लिए तुमे पैदा किया था कि तुम स्कूल में ब्लू फिल्म देखो | घर में देखो बेटा मैंने सारा इंतज़ाम तुम लोगों के लिए ही तो किया है |

पता नहीं ये सुनने के बाद उसकी मैडम मुझे अजीब सी नज़रों से क्यूँ देखने लगी थी | शायद उसे मेरी बातें पसंद आई होंगी | पर जो भी हों बच्चे जो भी करें माँ बाप की आँखों के सामने ही करें तो बेहतर है मैं तो बस इतना ही समझता हूँ |

अब मैं घर आ गया और अपनी बेटी के आने का इंतज़ार करने लगा | वो आई और उसने कहा पापा मैं आगे से ऐसा कुछ नहीं करुँगी | मैंने कहा ठीक है आगे से ऐसा कुछ मत करना और अगर करना तो ध्यान रखना मुझ तक बात न पहुंचे | इतना बोलके मैं बाहर आया तो देखा मेरी नाली पे मेरे सामने वाले का लड़का खड़ा होक गुटका थूक रहा है |

ये देख के मेरा खून खौल गया और मैं आग बबूला हों गया | मैंने कहा भोसड़ी के मेरी गन्दी नाली को और गन्दा करने कि हिम्मत कैसे हुयी तेरी | उसने कहा चल जा बे भोसड़ी के !!! घर के अन्दर | मैंने कहा अच्छा ठीक है ऐसा बोल न नहीं तो मैं समझा तो फिर से मेरी गांड तोड़ेगा | उसने मुह उठाके मेरी गांड पे थूक दिया !!! मैंने भी सोचा गांड मरवाने से अच्छा है निकल लो यहाँ से | वैसे भी बीवी तो मार ही रही है अब बहार वाले भी मारेंगे तो दुनिया क्या कहेगी ?

 

अब ऐसे एक दिन बीत गया और मैं आराम से अपनी बीवी के लिए कार को साफ़ कर रहा था | जब वो निकल गयी तो मैंने सोचा अपनी बेटी को उठा देता हूँ पर मैंने पिछली रात को उसके कमरे से आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः कि आवाजें सुनी थी | इसलिए मैंने सोचा उसने अपनी चूत से खूब पानी निकाला है थक गयी होगी इसलिए उसे सोने दिया | दोपहर के १२ बज गए और मैं जैसे ही खाना खाके बैठा फिर मुझे अपनी के कमरे से आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः की आवाज़ सुनाई दी | मैंने कहा बेटी धीरे कर मैं भी फिल्म देख रहा हूँ |

पर दोस्तों गांड तो मेरी तब फट गयी जब एक लड़के की आवाज़ सुनाई दी वो भी आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः कर रहा था | मैंने अपनी बेटी के कमरे में झाँका तो मेरे दुश्मन का बेटा उसकी मोटी चूत में अपने बड़े लंड डालके उसकी बोटी बोटी कर रहा था | पर उसके लंड में दम था मेरी बेटी की चूत से पानी लगातार बह रहा था | और ये देख के मैंने सोचा कि चलो अब दुश्मनी ख़त्म कर देता हूँ | फिर वो पलता और मेरी बेटी उसका लंड चूसने लगी | चूसते चूसते उसका पूरा मुह मुट्ठ से भर गया और वो लड़का निढाल बनके बिस्तर पे गिर गया | मैं भी अपना लंड हिला रहा था और मैंने उस लड़के से कहा “उठो जवान तुम्हरे सामने नंगी चूत पड़ी है जाओ उसे अपने लंड कि टॉप से फाड़ दो” | वो उठा और दुगनी तेज़ी के साथ मेरी बेटी की चूत को फाड़ने लगा | दोनों आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करने लगे और मैं भी मुट्ठ मारने लगा |

जब सब ख़त्म हों गया तो मेरी बेटी अपनी चूत में ऊँगली डालने लगी और वो लड़का भी बाहर आके मुझसे कहने लगा “भाग मादरचोद” | थोड़ी देर बाद मेरा मुट्ठ गिर गया तो मुझे लगा ये क्या हों गया मेरी आँखों के सामने मेरे दुश्मन के लड़के ने मेरी बेटी को चोद दिया | पर जिस लंड में दम वो है सच्चा हमदम मैंने उसको माफ़ कर दिया |

जी कर रहा था उसके लंड को चूम लूँ पर फिर काम वाली बाई आ गयी और मैं अपनी सेटिंग में लग गया |


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