अब तुम ही मेरी सेक्स की इच्छा पूरी करो

Ab tum hi meri sex ki ichchha puri karo:

Antarvasna, hindi sex story रीना के घर पहुंचते ही घर का सन्नाटा देख मेरी आंखों से भी पानी सा छलकने लगा लेकिन मैंने अपने दिल को मजबूत करते हुए अंदर कदम रखे। जब मैं अंदर गया तो वहां पर सब लोग सफेद रंग के वस्त्र में नजर आ रहे थे और घर में सन्नाटे का माहौल था मैं यह सब देख कर थोड़ा घबरा सा गया था लेकिन फिर भी मैंने हिम्मत रखी और रीना को सांत्वना दी। रीना पूरी तरीके से टूट चुकी थी क्योंकि रीना के जीवन से अनिल हमेशा के लिए जा चुका था और सारी की सारी जिम्मेदारी रीना के कंधों पर आन पड़ी थी। रीना मेरे बचपन की दोस्त है लेकिन उसके साथ बहुत ही बुरा हुआ जब वह मुझसे बात कर रही थी तो मुझे ऐसा लगा कि जैसे उसके अंदर का भूचाल ना जाने कब बाहर निकल आए।

उसने भी अपने आप को बहुत हिम्मत से बांधे रखा था लेकिन आखिरकार वह रो ही पड़ी मैंने रीना से कहा तुम चिंता मत करो सब कुछ ठीक हो जाएगा। वह मुझसे कहने लगी राहुल अब क्या ठीक होगा सब कुछ तो मेरे जीवन से खत्म हो चुका है मुझे उम्मीद नहीं है कि अब कुछ ठीक होने वाला है। तुम ही बताओ ना मैं कैसे अब अनिल के बिना अपनी जिंदगी काटूंगी मेरे ऊपर तो दुखों का पहाड़ आन पड़ा है मैंने उसे समझाया और कहां कोई बात नहीं सब ठीक हो जाएगा। उसके कुछ रिश्तेदार भी आ गए थे वह लोग भी रीना को सांत्वना देने लगे मैं वहां पर एक घंटे तक रुका और उसके बाद वापस चला आया। जब मैंने रीना के बारे में सोचा तो मुझे लगा रीना पर वाकई में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रीना को मैं काफी दिनों बाद मिला मैं जब रीना को मिला तो उस वक्त उसका वजन भी दो चार किलो कम हो चुका था। उसके चेहरे पर वह रौनक नहीं थी जो पहले थी मैंने रीना से पूछा आज तुमसे इतने समय बाद मुलाकात हुई तो अच्छा लगा। रीना कहने लगी मैं सोच रही थी कि तुम से मिलूं लेकिन मिलने का समय ही नहीं मिल पा रहा था घर में इतनी समस्याएं जो चल रही हैं। मैंने रीना से कहा अब तुम्हें यह सब भूलकर आगे अपनी जिंदगी के बारे में सोचना चाहिए। रीना का 5 वर्ष का लड़का है उस दिन उसके साथ उसका बेटा भी था उसने रीना के हाथों को पकड़ा हुआ था और वह बड़े ध्यान से मेरे चेहरे की तरफ देख रहा था।

उसकी आंखों में भी जैसे उसके पिता के खोने का गम था उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर हो क्या रहा है। कहीं ना कहीं उस 5 वर्षीय बालक के चेहरे पर भी अनिल की मृत्यु का दुख साफ दिखाई दे रहा था मैंने रीना से कहा तुमने आगे क्या सोचा है। रीना ने भी अपनी गर्दन को नीचे कर लिया और वह अपने दिमाग पर जोर डालने लगी। कुछ देर बाद उसने मुझे कहा राहुल मैंने फिलहाल तो कुछ नहीं सोचा लेकिन यदि मुझे कहीं कोई काम मिल जाता तो अच्छा रहता। इसी बात को लेकर मैंने उसे कहा कि मैं तुम्हें काम दिला दूंगा यदि तुम काम करने की इच्छुक हो तो तुम काम कर सकती हो। रीना मुझे कहने लगी मुझ पर तुम्हारी बहुत बड़ी मेहरबानी होगी यदि तुम मुझे कहीं काम दिलवा दो। रीना काफी परेशान थी क्योंकि उसके घर में अनिल ही इकलौता कमाने वाला था और अनिल की मृत्यु के बाद सारा दारोमदार रीना के कंधों पर आ चुका था। मैं रीना की मदद करना चाहता था मैं एक दिन अपने बॉस से कहने लगा साहब यहां पर कोई नौकरी होगी क्या। वह कहने लगे हां क्यों नहीं लेकिन तुम्हें किसके लिए नौकरी चाहिए जब मैंने उन्हें रीना के बारे में बताया तो वह भी पिघल गए। वह कहने लगे कल तुम उसे ऑफिस बुला लेना मैं देखता हूं कहां पर उसका बंदोबस्त कर सकता हूं। मेरे बॉस बहुत अच्छे इंसान है और वह लोगों की भी काफी मदद करते हैं इसलिए मैंने उनसे इस बारे में बात की तो वह भी रीना से मिलने के लिए तैयार हो गए। मैंने रीना को फोन किया और कहा कल तुम मेरे ऑफिस में आ जाना मैं तुम्हें अपने ऑफिस का पता तुम्हारे नंबर पर मैसेज के द्वारा भेज देता हूं तुम मुझे बता देना कि तुम कितने बजे ऑफिस के लिए निकलोगी। रीना कहने लगी मुझे तुम बता दो मुझे कितने बजे ऑफिस जाना है जब मुझे रीना ने कहा कि मुझे कितने बजे ऑफिस आना है तो मैंने उसे कहा तुम 11:00 बजे के बाद ऑफिस आ जाना। 11:00 बजे के बाद वह मुझे ऑफिस में मिली जब रीना मुझे मिली तो वह घबराई हुई थी उसके माथे पर घबराहट साफ नजर आ रही थी।

उसके चेहरे पर तनाव था लेकिन मैंने उसे कहा तुम्हें ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है और तुम बेवजह इतना टेंशन ले रही हो हमारे बॉस बहुत अच्छे हैं। तुम उनसे अच्छे से बात करना सब कुछ ठीक हो जाएगा और जब रीना मेरे बॉस के कैबिन में गई तो मैं उसका बाहर बैठकर इंतजार कर रहा था। वह करीब आधे घंटे बाद बाहर आई मैंने रीना से कहा क्या तुम्हारा सिलेक्शन वहां हो गया वह कहने लगी हां मुझे बॉस ने काम पर रख लिया है और कहा कि तुम कल से काम पर आ जाना। मैं बहुत खुश था की मैं रीना कि मदद कर पाया रीना मुझे कहने लगी राहुल तुम्हारा शुक्रिया अदा कैसे करुं। मैंने रीना से कहां देखो रीना इसमें मेरा शुक्रिया करने की कोई बात नहीं है मैंने तो अपने बॉस से बात की थी और उन्होंने तुम्हें काम पर रख लिया इससे अच्छा क्या हो सकता है। इस बात से रीना खुश थी और रीना फिर घर चली गई मैं अपने ऑफिस का ही काम करने लगा अगले दिन रीना ने मुझे फोन किया और कहा मैं कल से ऑफिस आने वाली हूं। मैंने उसे कहा तुम कल ऑफिस आओगी? रीना मुझे कहने लगी मैं तुम्हारे लिए दोपहर का लंच बनाकर लेकर आऊंगी। मैं कभी भी घर से लंच लेकर नहीं आता था तो इसीलिए रीना मेरे लिए घर से एक टिफिन बॉक्स ले आयी। जब अगले दिन रीना ऑफिस आई तो उसका पहला ही दिन था और पहले ही दिन उसकी ऑफिस में सब लोगों से अच्छे से मुलाकात हो गई।

उस दिन दोपहर के वक्त हम दोनों ने साथ में लंच किया अब यह सिलसिला चलने लगा रीना की जिंदगी से भी काफी हद तक मुसीबतें दूर होने लगी थी। रीना इस बात से खुश थी कि उसके जीवन में थोड़ी बहुत खुशियां आ चुकी हैं। वह अपने पति अनिल की मृत्यु को भुलाने की कोशिश करने लगी और धीरे-धीरे वह अपने 5 वर्षीय लड़के की तरफ ध्यान देने लगी। उसने उसका दाखिला भी उसने एक अच्छी स्कूल में करवा दिया रीना खुश थी कि वह अपने लड़के का दाखिला एक अच्छे स्कूल में करवा पाई है। धीरे-धीरे वह सब चीजों को भुलाती जा रही थी और अपने जीवन में आगे बढ़ती जा रही थी मुझे भी इस बात की खुशी है कि रीना कि मैं मदद कर पाया। वह पहले की तरह ही नॉर्मल होने लगी थी हालांकि अभी भी वह अनिल के बारे में कभी कबार बात किया करती थी लेकिन फिर भी काफी हद तक अनिल का ख्याल उसके दिमाग से निकल चुका था। रीना की ज़िंदगी पहले जैसी सामान्य होने लगी थी मैंने रीना का काफी साथ दिया वह अनिल को अपने दिमाग से निकालने लगी थी। उसके बच्चे की पढ़ाई भी अच्छे से चलने लगी थी और वह पूरी तरीके से अपने जॉब के प्रति वफादार थी। वह हर रोज सुबह काम पर आ जाती हमारे बॉस बहुत खुश रहते थे। एक दिन मुझे रीना ने कहा कि तुम मुझे आज घर छोड़ दोगे मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हें घर छोड़ देता हूं और मैं रीना को अपने साथ मोटरसाइकिल में ले गया। जब मैं उसके घर पर गया तो वह मुझे कहने लगी राहुल तुम अंदर क्यों नहीं आ रहे? मैंने उसे कहा नहीं मैं अभी चलता हूं लेकिन रीना ने मुझे अपने घर आने के लिए कहा तो मैं उसके घर के अंदर चला गया।

रीना ने मुझे कहा तुम बैठ जाओ मैं तुम्हारे लिए पानी ले आती हूं। रीना मेरे लिए पानी ले आई जब वह मेरे लिए पानी लाई तो उसने मेरे हाथ में पानी का गिलास दिया। मेरी नजर जब उसके गोरे स्तनों की तरफ पडी तो मेरा मन फिसलने लगा। मैंने रीना से कहा तुम मेरे पास आकर बैठ जाओ मैने रीना को अपने बगल में बैठा लिया और उससे बात करने लगा। मैंने अपनी छाती पर बटन को खोलते हुए कहां गर्मी बहुत हो रही है? मुझे रीना कहने लगी हां गर्मी तो बहुत है आओ अंदर जाकर बैठते हैं हम दोनों अंदर बेडरूम में चले गए। रीना ने अपने कूलर के बटन को ऑन किया और कूलर भी फराटे से दौड़ पड़ा। मैं और रीना बात कर रहे थे बातें करते करते मैंने रीना की जांघ पर अपने हाथों को रखा जैसे ही मैंने उसकी जांघ पर अपने हाथ को रखा तो वह मचलने लगी और मुझे कहने लगी मुझे यह सब अच्छा नहीं लग रहा लेकिन उसने कोई आपत्ति भी नहीं जताई। मैंने भी आखिरकार अपने हाथ को आगे बढ़ाते हुए रीना के स्तनों को अपने हाथों से दबाना शुरू किया अब वह मेरी बाहों में आ चुकी थी। मैंने उसके नरम गुलाबी होठों को चूसना शुरू किया तो उसे बड़ा मजा आने लगा धीरे धीरे हम दोनों एक दूसरे के बदन की गर्मी में इतना खो गए कि ना जाने कब मैने उसके कपड़े उतार दिए।

उसके स्तनों को मैंने चूसना शुरू कर दिया जिससे कि वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी थी मैंने जब अपने लंड को रीना की चिकनी और कोमल योनि के अंदर प्रवेश करवाया तो वह चिल्ला उठी उसके मुंह से तेज चीख निकलने लगी। उसके अंदर से गर्मी बाहर की तरफ को निकलने लगी उसकी योनि से लगातार पानी बाहर निकल रहा था मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के देता जाता जिससे कि हम दोनों के अंदर की गर्मी पूरे चरम सीमा पर पहुंच चुकी थी। रीना ने मेरा भरपूर साथ दिया वह अपने मुंह से भिन्न भिन्न प्रकार की मादक आवाज निकालती। मेरे अंदर से गर्मी और बढ़ती मैंने काफी देर तक उसकी योनि के मजे लिए जैसे ही मैंने अपने वीर्य की धार को रीना के गोरे और सुडोल स्तनों के ऊपर गिराया तो वह कहने लगी मुझे कोई कपड़ा दे दो। मैंने उसे कपड़ा दिया और उसने अपने स्तनों को साफ कर लिया लेकिन उसके बाद हम दोनों एक दूसरे के साथ अक्सर संभोग किया करते थे।


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