आप चूत मारते रहो

Aap chut marte raho:

Hindi sex stories, Antarvasna मुझे एक दिन मेरे दोस्त की पत्नी प्रियंका का फोन आता है वह मुझे कहती है भैया मैं बहुत ज्यादा परेशान हो गई हूं मैंने प्रियंका से कहा लेकिन तुम क्यों परेशान हो। वह कहने लगी भैया क्या बताऊं इनका तो काम बिल्कुल भी अच्छे से नहीं चल रहा है और उन्होंने जो बैंक से पैसे लिए थे उसे भी वह अभी तक चुका नहीं पाए हैं। जिसकी वजह से बैंक ने हमारे घर को अपने कब्जे में ले लिया है और हम लोग एक छोटे से घर में रहने को मजबूर हो चुके हैं। मैं यह बात सुनकर बहुत दुखी हो गया अजय को मैं बचपन से जानता हूं और वह मेरे भाई की तरह है हम दोनों एक दूसरे से पहली बार कक्षा पांचवी में मिले थे तब से हमारी दोस्ती अब तक बरकरार है।

अजय का काम कुछ समय से अच्छा नहीं चल रहा था जिस वजह से उसने कुछ पैसे बैंक से लिए थे लेकिन शायद वह पैसे नहीं लौटा पाया इसलिए बैंक ने उसके घर को गिरवी रख लिया था उसके बाद बैंक ने अपने कब्जे में घर को ले लिया। मुझे यह बात सुनकर बहुत बुरा लगा और मैं अजय से मिलने के लिए चला गया अजय घर में ही बैठा हुआ था मैंने अजय की घर की स्थिति देखी तो मुझे लगा कि वाकई में अजय की स्थिति बहुत ज्यादा खराब है। अजय ने मुझसे ज्यादा बात नहीं की लेकिन मैंने प्रियंका से जब इस बारे में पूछा तो वह मुझे कहने लगी भैया मैं बहुत ज्यादा परेशान रहने लगी हूं और बच्चों के स्कूल की फीस भी हम लोग जमा नहीं कर पा रहे हैं। मुझे लगा कि आप इन्हें समझाएँगे तो शायद इन्हें कुछ अच्छा लगेगा लेकिन यह तो पूरी तरीके से तनाव में आ चुके हैं और किसी से भी ज्यादा बात नहीं कर रहे। मैंने प्रियंका से कहा कि तुम अजय से ज्यादा बात मत करो मैंने अपनी जेब से पैसे निकाले और प्रियंका के हाथ में दे दिए और कहा तुम यह पैसे अपने पास रख लो और तुम अजय का ध्यान रखना लेकिन वह पैसे नहीं पकड़ रही थी। मैंने प्रियंका से कहा तुम यह पैसे अपने पास रखो और इस बारे में अजय को मत बताना यदि इस बारे में अजय को मालूम पड़ेगा तो वह यह पैसे मुझे लौटा देगा तुम्हें तो मालूम है की वह कितना स्वाभिमानी है और वह बिल्कुल भी किसी से पैसे लेने को तैयार नहीं होता। प्रियंका ने उसके बाद वह पैसे रख लिए क्योंकि उसे उस वक्त उन पैसों की सख्त जरूरत थी प्रियंका ने अपने बच्चों की फीस भर दी थी।

मैं प्रियंका को हर हफ्ते फोन कर लिया करता था और उसे अजय के बारे में पूछा करता था अजय अब कम ही बात किया करता था। मैंने अजय को कई बार समझाने की कोशिश की कि सब कुछ ठीक हो जाएगा तुम्हारे साथ मैं हमेशा खड़ा हूं तुम्हें किसी भी बात की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। अजय को उस नुकसान से बहुत ज्यादा सदमा लगा और वह किसी के साथ भी बात करने को तैयार नहीं था। एक दिन मुझे प्रियंका का फोन आया वह कहने लगी इनकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब है मैं अजय को मिलने गया तो वह अस्पताल में एडमिट था लेकिन उसकी तबीयत इतनी ज्यादा खराब हो चुकी थी कि मुझे तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा था। अजय के माता-पिता भी अब जीवित नहीं है और अजय की पत्नी ही सिर्फ उसका सहारा है मैंने अजय का एक अच्छे अस्पताल में इलाज करवाया अजय का इलाज हो चुका था और वह थोड़ा बहुत ठीक होने लगा था। हम लोग चाहते थे कि अजय पूरी तरीके से ठीक हो जाए इसलिए एक दिन मैंने अपनी पत्नी मेघा से कहा हम लोग कहीं घूमने का प्लान बनाते हैं मैंने उसे बताया कि अजय और प्रियंका आजकल काफी परेशान है। मेरी पत्नी मेघा कहने लगी हां क्यों नहीं हम लोग कहीं घूमने चलते हैं कुछ दिनों के लिए हम लोगों ने जयपुर जाने का प्लान बना लिया हमारे साथ हमारे बच्चे भी थे और अजय और प्रियंका भी आ गए। अजय किसी से बात नहीं कर रहा था लेकिन प्रियंका और मेघा आपस में बात कर रहे थे जब हम लोग जयपुर पहुंच गए तो वहां पर हम लोगों ने बस एंजॉय किया और शायद अजय को भी अच्छा लगा। कुछ दिनों के लिए ही सही लेकिन वह अपने तनाव से दूर था मैंने उस दिन अजय को समझाया और कहा अजय तुम्हें बिल्कुल भी टेंशन लेने की आवश्यकता नहीं है मैं तुम्हारे साथ हमेशा खड़ा हूं।

वह मुझे कहने लगा राकेश मुझे मालूम है कि तुम मेरे कितने अच्छे दोस्त हो और हर मुसीबत में तुमने मेरा साथ दिया है मैंने अजय से कहा तो फिर तुम ऐसा क्यों सोचते हो कि तुम्हारे साथ कोई भी नहीं है तुम मेरे भाई जैसे हो जब मुझे प्रियंका ने तुम्हारे बारे में बताया तो मुझे बहुत बुरा लगा, नुकसान तो होते रहते हैं। वह मुझे कहने लगा मैंने भी सोचा था कि उसकी भरपाई मैं कर लूंगा लेकिन मुझसे हो नहीं पाया और मैं बहुत ज्यादा टेंशन में रहने लगा। अजय जयपुर आकर थोड़ा खुश था मुझे उसके चेहरे पर वही खुशी दिख रही थी जो पहले थी और प्रियंका भी इस बात से बहुत खुश थी प्रियंका ने मुझे कहा आपकी वजह से ही आज अजय थोड़ा ठीक हो पाए हैं मुझे बहुत खुशी है। मैंने प्रियंका से कहा अजय ठीक हो जाएगा मैं हमेशा उसके साथ खड़ा हूं अजय मुझे कहने लगा मुझे मालूम है बचपन में भी जब कोई मुझसे झगड़ा किया करता था तो तुम उसके साथ झगड़ा करने के लिए उतारू हो जाया करते थे मुझे तुमने हर मुसीबत से बाहर निकाला है।

अजय इस बात से खुश था कि वह नया घर खरीदने वाला है मैंने अजय की काफी मदद की और उसके लिए एक नया काम भी शुरू करवाया जिसमें कि वह अच्छे से काम करने लगा। वह पूरी मेहनत से काम करता लेकिन वह अपने परिवार को समय नहीं दे पा रहा था मैंने अजय को कई बार कहा देखो तुम अपने परिवार को भी समय दिया करो वह कहने लगा मैं कोशिश तो पूरी करता हूं लेकिन तुम्हें मालूम है कि अब दोबारा से मेरी लाइफ पटरी में आने लगी है और मैं नहीं चाहता कि दोबारा मैं वैसे ही मुसीबतों का सामना करूं। एक दिन प्रियंका हमारे घर पर आई हुई थी मैंने उस दिन प्रियंका से पूछा अब तो तुम खुश हो ना वह मुझे कहने लगी हां भैया मैं खुश हूं और अजय भी पूरी मेहनत करते हैं। मेघा ने प्रियंका से कहा तुम्हें भी किसी चीज को लेकर अब टेंशन लेने की आवश्यकता नहीं है सब कुछ ठीक हो जाएगा और कुछ ही समय बाद अजय ने वह सब हासिल कर लिया जो पहले उसके पास था। हम दोनों की दोस्ती के बारे में प्रियंका को सब पता था और वह मेरी भी बहुत तारीफ किया करती है। वह कहती है कि राकेश भैया ने हमारा मुसीबत में बहुत साथ दिया है यदि वह हमारे साथ खड़े नहीं रहते तो शायद हम लोग पूरी तरीके से बर्बाद हो जाते लेकिन राकेश भैया की बदौलत ही हम लोग अब पहले की तरह अपनी जिंदगी जी पा रहे हैं। सब कुछ पहले जैसा ही सामान्य हो चुका था अजय और प्रियंका भी खुश थे वह लोग हमसे मिलने के लिए हमारे घर पर आया करते थे अजय मुझे हमेशा कहता कि तुम्हारे ही बदौलत ही यह सब संभव हो पाया है। मैं उसे हमेशा कहता कि तुम यह सब बातें मुझसे मत किया करो क्योंकि इसमें मैंने कोई एहसान नहीं किया है यह तो मेरा फर्ज था और यदि मैं तुम्हारे लिए नहीं करता तो तुम्हारी मदद कौन करता। अजय कहने लगा हां तुम बिल्कुल ठीक कह रहे हो। सब कुछ पहले जैसा ही सामान्य होने लगा था लेकिन अजय प्रियंका को खुश नहीं रख पा रहा था इसलिए वह ना जाने कहां कहां मुंह मारने लगी थी मुझे इस बात का जब मालूम पड़ा तो मैं बहुत ज्यादा दुखी हुआ क्योंकि इससे अजय की जिंदगी भी खतरे में आ सकती थी।

मैंने प्रियंका से इस बारे में बात की तो वह मुझे कहने लगी भैया मैं आपको क्या बताऊं अजय मेरी तरफ देखते ही नहीं है अजय सिर्फ काम में बिजी रहते हैं वह मेरी तरह बिल्कुल भी नहीं देखते मेरी भी कुछ इच्छाएं हैं। मैंने प्रियंका से कहा मैं समझ सकता हूं कि तुम्हारी भी कुछ इच्छाएं हैं लेकिन उसका यह मतलब नहीं है कि तुम कहीं भी बाहर मुंह मारती रहो। प्रियंका मुझे कहने लगी मुझे मालूम है कि मेरी गलती है लेकिन मुझे भी तो मेरी जरूरतों को पूरा करना होता है मैंने प्रियंका के कंधे पर हाथ रखा तो वह मचलने लगी उसने मेरे हाथ को पकड़ लिया। मैंने जब उसके स्तनों को दबाया तो वह अपने दांतो को भीचने लगी मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो उसने मेरे लंड को अपने हाथों में लिया और उसे हिलाना शुरू कर दिया। वह जब मेरे लंड को हिलाती तो मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था उसने जैसे ही मुंह के अंदर मेरे लंड को लिया तो मेरे अंदर की उत्तेजना और भी ज्यादा बढ़ने लगी मैंने उसे घोड़ी बना दिया और घोड़ी बनाते ही उसकी योनि के अंदर जैसे ही मैंने अपने लंड को प्रवेश करवाया तो वह मचल रही थी। मैं उसे तेजी से धक्के दिए जाता उसके बदन की गर्मी और भी ज्यादा बढ़ने लगी थी जिससे की उसकी योनि से पानी बाहर की तरफ गिरने लगा वह उत्तेजित होने लगी।

वह अपनी चूतडो को मुझसे मिलाए जा रही थी वह कहने लगी अजय मेरी इच्छाओं को पूरा नहीं कर पा रहा हैं इसीलिए तो मुझे कई बार लगता है कि मुझे बाहर से अपनी जरूरतों को पूरा करवा लेना चाहिए। मैं भी प्रियंका की फीलिंग को समझ रहा था मुझे उस वक्त उसे चोदने में बड़ा मजा आता मै उसे तेज गति से धक्के दिए जाता जिससे कि उसकी चूत का पानी बाहर निकलने लगा उसकी योनि से कुछ ज्यादा ही गर्मी बाहर निकल रही थी। जैसे ही मैंने अपने वीर्य को प्रियंका की योनि के अंदर गिराया तो वह मुझसे कहने लगी मुझे तो मजा आ गया उसके बाद वह मुझसे उम्मीद लगा बैठी कि मैं उसकी जरूरतों को पूरा करता रहूंगा। अजय से उसे कोई उम्मीद नहीं थी वह उसकी सेक्स की इच्छा को पूरा  करेगा, अजय को कई बार मै इस बात को लेकर समझाया करता लेकिन वह मेरी बात को नहीं समझता और कहता राकेश तुम्हें मालूम है कितनी मुसीबतों से मैंने दोबारा मेहनत की है। प्रियंका को वह अब भी नहीं समझ पा रहा था कि उसे क्या चाहिए।


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