आओ मेरी बुर की रानी

Aao meri bur ki rani:

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मेरा नाम शैंकी है। मुझे बाइक चलाने का बहुत ही शौक है और हमारा जो ग्रुप है वह सब बाइक चलाने के बहुत ही शौकीन है। मुझे अपने स्कूल के समय से ही बाइक चलाना बहुत ही पसंद था और मेरे पिताजी ने मुझे बहुत सारी बाइक भी दिलाई है। मेरे घर पर बाइकों का एक बहुत बड़ा कलेक्शन है। क्योंकि मेरे पिताजी को भी अपने समय में बाइकों का बहुत ज्यादा शौक था लेकिन उस समय इतनी एडवांस बाइक नहीं आती थी। इस वजह से वह अपना शौक उस वक्त पूरा नहीं कर पाये और अब वह मेरे लिए जब भी कोई नई बाइक आती है तो वह खरीद कर लाते हैं तो उसे वह भी चलाते हैं। हम लोग अक्सर बाइकों की रेस किया करते हैं और बहुत सारे फ्रेंड भी करते रहते हैं। इस वजह से कॉलेज में हम लोग सहमत हैं क्योंकि हम जब भी कोई स्टैंड करते हैं तो हम लोग उसका वीडियो बना लेते हैं और उसे सब लोगों को सेंड कर दिया करते हैं। जिससे कॉलेज में सब लोग हमारे ग्रुप से बहुत ही प्रभावित हैं और कहते हैं कि तुम लोग बहुत ही अच्छे स्टंट करते हो। बहुत ही अच्छे से बाइक राइडिंग करते हो। हम लोग कई बार लॉन्ग रूट पर भी चले जाते हैं। क्योंकि हमारे ग्रुप में हम लोग दस बारह लड़के हैं और सब लोग बहुत ही ज्यादा शौकीन हैं और सब के पास एक से बढ़कर एक बाइके हैं। इसलिए हम लोग अक्सर लंबे रूट पर निकल जाते हैं और हम लोगों ने बहुत सारे जगह पर बाइक राइडिंग की है।

कुछ दिनों पहले हमारे कॉलेज में एक लड़की आयी है। उसका नाम आरोही है। वह भी बाइक की बहुत ज्यादा शौकीन है लेकिन हम लोगों से उसका इतना ज्यादा संपर्क नहीं है और हम लोगों का अपना ही पुराना ग्रुप है। एक दिन मेरे पास आरोही आती है और मुझे कहती है कि मैं तुम्हारे ग्रुप में ज्वाइन होना चाहती हूं और मुझे भी बाइक का बहुत ज्यादा शौक है। मैंने उसे कहा कि हम लोग किसी भी बाहर वाले को अपने ग्रुप में नहीं लेते हैं। हम लोगों का बहुत ही पुराना ग्रुप है। इसलिए मुझे सब लोगों से इसके बारे में बात करनी होगी। यदि वह लोग हां कर देते हैं तो तुम हमारे साथ बाइक राइडिंग कर सकती हो और हम लोग जब भी कहीं प्लानिंग करते हैं तो तुम भी हमारे साथ चल सकती हो। मैंने इस बारे में सब से बात की लेकिन सब लोगों ने मना कर दिया और कहने लगे कि हम लोग किसी भी नए लोगों को अपने ग्रुप में नहीं रख सकते। क्योंकि हमारा ग्रुप बहुत ही पुराना है और अगर कोई नया आ जाएगा तो यह टूट भी सकता है। इस वजह से हम लोग किसी को भी अपने ग्रुप में नहीं रखना चाहते और उन्होंने साफ मना कर दिया।

मैंने इस बारे में आरोही को बताया तो वह कहने लगी चलो कोई बात नहीं लेकिन फिर भी मेरी आरोही से बहुत ही अच्छी बात हो गई और अब वह मेरी एक अच्छी दोस्त बन चुकी थी। बाइक राइडिंग की फोटो वह मुझसे भी शेयर किया करती थी और मैं भी उसे अपने फोटो सेंड कर दिया करता हूं। एक दिन हम दोनों अपनी बाइक से जा रहे थे और हम दोनों बहुत ही ज्यादा स्पीड में थे। तभी आरोही की बाइक स्लिप हो गई और उसका एक्सीडेंट हो गया। उसका एक्सीडेंट बहुत ही ज्यादा तगड़ा था लेकिन उसे ज्यादा चोट नहीं आई और मैं तुरंत ही उसे हॉस्पिटल में ले गया। जब मैं उसे हॉस्पिटल में ले गया तो वह बेहोश थी और मैंने उसके घर पर फोन कर दिया और कहा कि आरोही का एक्सीडेंट हो चुका है। उसके माता पिता भी हॉस्पिटल में पहुंच गये और वह कहने लगे कि बेटा तुमने सही वक्त पर हॉस्पिटल पहुंचा दिया। नहीं तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। उसके लिए उन्होंने मुझे धन्यवाद कहा और अब हम लोग डॉक्टर से पूछने लगे कि आरोही कितने दिन बाद सही हो जाएगी। वह कहने लगे कि उसे थोड़ा समय लगेगा लेकिन वह ठीक हो जाएगी। उसे ज्यादा चोटे नहीं आई है। इसलिए आप लोग चिंता मत कीजिए। अब मैं हॉस्पिटल उससे मिलने आता जाता रहता था। क्योंकि मुझे बहुत ज्यादा उसकी चिंता थी। मुझे ऐसा लगता था कि कहीं मेरी वजह से तो उसका एक्सीडेंट नहीं हुआ है और जब वह पूरी तरीके से ठीक होने लगी तो मैंने उसे कहा कि कहीं मेरी वजह से तुम्हारा एक्सीडेंट तो नहीं हुआ।

वह कहने लगी नहीं उस दिन मेरी गलती थी। मैंने अचानक से अपने ब्रेक दबा दिए। इस वजह से बाइक फिसल गई लेकिन अब वह ठीक होने लगी और मैं आरोही के घर जाने लगा। उसके घर वाले भी मुझे बहुत अच्छा मानते थे और अब मेरा उसके घर में आना-जाना लगा हुआ था और एक दिन मैं आरोही को अपने घर भी अपने माता-पिता से मिलाने के लिए ले गया। जब मेरे पिताजी उसे मिले तो वह बहुत ही खुश हुए और कहने लगे कि तुम्हें भी बाइक का बहुत शौक है। आरोही ने उन्हें कहा कि हां मुझे बाइक का बहुत ही शौक है। यह बात सुनकर मेरे पिताजी भी बहुत खुश है और वह कहने लगे कि मैं अपने समय में अपना शौक पूरा नहीं कर पाया। इस वजह से मैं शैंकी की सारी ख्वाहिशें पूरी की है और उसे नए-नए बाइको का कलेक्शन उसके पास जमा हो चुके हैं। अब मैंने उसे अपनी बाइके दिखाए। वह मेरी सारी बाइक देखकर बहुत ही खुश हो गई और कहने लगी कि तुम्हारे पास तो बहुत सारी बाइक हैं। मैंने उसे कहा कि तुम्हारा जब भी मन हुआ तो तुम मेरी बाइक को ले जा सकती हो। वह कहने लगी कि हां मुझे जब भी मन होगा तो मैं तुम से बाइक ले लिया करूंगी। अब हम दोनों के बीच बहुत सारी बातें होने लगी और हम दोनों बहुत ही अच्छे दोस्त बन चुके थे। आरोही पढ़ने में भी अच्छी थी। इसलिए वह मेरी पढ़ाई में भी मदद कर दिया करती थी और मुझे वह नोट्स दे दिया करती थी। अब हमारे एग्जाम नजदीक आने वाले थे। इसलिए मुझे बहुत टेंशन हो रही थी। क्योंकि मैंने पूरे साल भर कुछ भी पढ़ाई नहीं की थी। इस वजह से मुझे टेंशन हो रही थी। अब मुझे आरोही की मदद लेनी पड़ रही थी। मैं कभी पढ़ने के लिए उसके घर चला जाता या फिर उससे नोट्स लेने के लिए उसके घर पर चला जाता था। वह मेरी बहुत ज्यादा मदद कर देती थी।

एक दिन में आरोही के साथ उसके घर पर बैठा हुआ था और हम दोनों बातें कर रहे थे। बातें करते करते ना जाने मुझे क्या हुआ और मैंने आरोही के होठों को किस करना शुरू कर दिया और वह भी मेरे होठों को अपने होठों में लेकर किस करने लगी है। उसके बाद वह मुझे कहने लगी कि मैं तुमसे प्यार करती हूं। जैसे ही उसने यह बात मुझे कहीं तो मैंने तुरंत ही उसके कपड़े खोल दिए और उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा। उसके स्तन छोटे-छोटे थे और मुझे बड़ा मजा आ रहा था उन्हें चूसने में थोड़ी देर बाद मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए उसके मुंह में डाल दिया। वह बहुत ही अच्छे से चूस रही थी मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैं अब उसकी चूत को चाटने लगा। जब उसकी चूत को चाट रहा था तो वह बहुत गीली हो गई।  मैंने अपने मोटे लंड को उसकी योनि में घुसेड़ दिया और उसके अंदर तक डाल दिया। जैसे ही मैंने अंदर डाला तो उसकी खून की पिचकारी मेरे लंड से टकरा गई। मुझे महसूस हुआ कि उसकी चूत की सील टूट चुकी है लेकिन मुझे बड़ा मजा आ रहा था और मैं उसे ऐसे ही धक्के देने पर लगा हुआ था। वह बड़ी तेज तेज आवाज में चिल्ला रही थी और मुझे बड़ा ही आनंद आ रहा था उसे धक्के मारने में। उसकी चूत का छेद बहुत ही छोटा था और मुझे उसे धक्के देने में इतना मजा आ रहा था कि मैंने उसे अपने ऊपर उठा कर बैठा दिया। जब मैंने उसे अपने ऊपर बैठाया तो वह अपने चूतडो को ऊपर नीचे करने लगी। वह अपनी चूतडो को इतना अच्छे से ऊपर नीचे कर रही थी कि उसके चूत का खून मेरे लंड से लग रहा था और मैं उसे बड़ी तेज तेज झटके दिए जा रहा था। मैंने उसे इतने तेज तेज झटके दिए कि उसका शरीर अब गर्म हो गया उस गर्मी से मेरा वीर्य उसकी योनि के अंदर ही गिर गया। जब मेरा माल उसकी योनि में गिरा तो वह मुझे कसकर पकड़ने लगी। मैंने भी उसके होठों पर किस किया और थोड़े समय बाद वह मेरे लंड से जैसे ही उठी तो सारा वीर्य मेरे ऊपर ही गिर गया।

 


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