आओ गोद मे बैठ जाओ

Aao god me baith jao:

hindi sex story, antarvasna मेरा बचपन से ही एक सपना था कि मुझे कोई राजकुमार मिले और वह मुझे अपने साथ उड़ा कर ले जाए, मैं हमेशा ही अपनी सहेलियों से इस बारे में बात करती थी और वह मुझे कहते कि तुम सिर्फ सपने ही देखती रहो कभी यह संभव नहीं हो पाएगा, मैं उनसे कहती की भला यह क्यों संभव नहीं हो पाएगा? वह सब कहती की यह सब इतना आसान नहीं है जितना तुम सोचती हो। मैं एक मिडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखती हूं इसलिए शायद मेरे लिए यह एक सपना ही था और मैंने कभी भी अपनी किसी सहेली को ऐसे नहीं देखा कि उसे कोई अमीर लड़का मिला हो, मेरा जीवन भी एक सीमित दायरे में ही था मेरे स्कूल की कुछ सहेलियां थी वह मेरे घर पर आ जाए करती थी और मैं भी घर पर ही रहती थी मैंने कभी भी जॉब करने की नहीं सोची और ना ही मैंने कभी इस बारे में सोचा कि मुझे कुछ और काम करना चाहिए, मेरी पढ़ाई पूरी होने के बाद मैं घर पर ही रहती मेरे साथ की कुछ सहेलियां नौकरी करती थी।

एक दिन मैं अपनी मम्मी के साथ घूमने के लिए गई हुई थी हम लोग शाम को सब्जी लेने के लिए बाजार जाया करते थे उस दिन भी हम दोनों सब्जी लेने के लिए बाहर गए हुए थे तभी मेरी स्कूल की एक पुरानी दोस्त मुझे मिली, मैंने जब उसे देखा तो वह बहुत अच्छी लग रही थी मैं उसे देखकर खुश हो गई मैंने उसे कहा कि तुम तो बहुत अच्छी लग रही हो, उसने जब मुझसे बात की तो उसके अंदर एक कॉन्फिडेंस दिखाई दे रहा था मैंने उससे पूछा तुम आजकल क्या कर रही हो? वह कहने लगी कि मैं एक कंपनी में मैनेजर की पोस्ट पर हूं। मैंने कभी सोचा नहीं था कि वह किसी कंपनी में मैनेजर भी हो सकती है क्योंकि वह पढ़ने में पहले से ही ठीक नहीं थी लेकिन जब उस दिन मैं उससे मिली तो मुझे उसे देखकर ऐसा लगा कि मुझे भी कुछ करना चाहिए, मैंने उससे ज्यादा देर तक तो बात नहीं की लेकिन उसने मेरे अंदर जैसे ज्वाला पैदा करदी थी और मुझे भी अब कुछ करना था लेकिन मैं काफी सालों से घर पर बैठी थी तो मुझे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर मुझे करना क्या चाहिए।

मैंने अपने एक भैया को फोन किया वह मुझे हमेशा ही समझाते रहते थे कि तुम कुछ कर क्यों नहीं लेती लेकिन उनकी बात को मैं कभी भी सीरियस नहीं लेती थी मैंने जब उन्हें फोन किया तो वह कहने लगे नीलम आज तुमने कैसे फोन कर लिया, मैंने उन्हें कहा बस भैया मैंने आज आपको ऐसे ही फोन कर लिया मैंने उनसे अपने दिल की बात कही तो वह कहने लगे चलो नीलम तुमने अच्छा किया जो मुझे फोन कर लिया। मैंने उस दिन उनके साथ काफी देर तक फोन पर बात की और उनसे फोन पर बात कर के मुझे अच्छा भी लग रहा था, मैंने उनसे कहा भैया मुझे अब लगने लगा है कि मुझे कुछ कर लेना चाहिए, वह कहने लगे मैं तो तुमसे कब से कह ही रहा था कि तुम अपने जीवन में कुछ कर क्यों नहीं लेती,  भला तुम घर पर रहकर क्या करने वाली हो, उन्होंने मुझे कहा ठीक है तुम मुझे कल मिलना, मैंने कहा जी भैया मैं आपसे कल मिलती हूं। अगले दिन मैं उनसे मुलाकात करने के लिए चली गई और जब मैं उनसे मिलने गई तो उस वक्त वह मुझे कहने लगे चलो तुमने बहुत अच्छा फैसला लिया तुम्हें कुछ कर लेना चाहिए, मैंने उन्हें कहा लेकिन भैया मैं क्या कर सकती हूं वह कहने लगे तुम मुझे अपना रिज्यूम बना कर दे देना मैं तुम्हारे लिए कहीं जॉब सर्च करता हूं या फिर मुझे ऐसा कुछ लगता है जिससे कि तुम कुछ कर पाओ तो मैं तुम्हें इस बारे में जरूर बताऊंगा। मेरे चेहरे पर एक अलग ही खुशी थी, जब मैंने यह सब अपनी सहेली को बताया तो वह कहने लगी कि तुम तो कभी जॉब करने ही नहीं वाली थी लेकिन अब तुमने यह सब कैसे सोचा, मैंने उसे कहा देखो कभी ना कभी तो यह फैसला लेना ही था और मुझे लगा कि मुझे कुछ कर लेना चाहिए तो मैंने अब जॉब करने की सोच ली है, गीतिका कहने लगी कि क्या वाकई में तुम अब नौकरी करोगी, मैंने उसे कहा हां मैं अब नौकरी करूंगी और मैंने इसके लिए अपने भैया से भी बात कर ली है। गीतिका मेरे घर पर अक्सर आया करती थी क्योंकि वह मेरे घर के नजदीक रहती है इसलिए वह अक्सर मेरे घर पर आ जाया करती थी और मुझे भी उसके साथ में समय बिताना अच्छा लगता था, मैं उससे अपने दिल की हर एक बात किया करती और वह भी मेरे साथ बहुत अच्छा समय बिताया करती, जब मैंने उससे यह बात कही तो वह कहने लगी चलो तुमने कम से कम अब कुछ करने की ठानी तो है।

कुछ ही दिनों बाद मुझे मेरे भैया ने एक कंपनी में इंटरव्यू के लिए भेजा और वहां पर मेरा सिलेक्शन भी हो गया मेरा सिलेक्शन जब उस कंपनी में हुआ तो मुझे अब उस कंपनी में ज्वाइन करना था, मैं पहले ही दिन अपने ऑफिस के लिए लेट हो गई मैं जब ऑफिस पहुंच गई तो मुझे मेरे सीनियर ने बहुत डांटा और उन्होंने कहा कि तुम बॉस के रूम में चली जाओ और उनसे अब इस बारे में बात करना। मैंने जब बॉस को देखा तो वह बिल्कुल जवान थे उनकी उम्र मुझसे कुछ ही साल बड़ी रही होगी, मैंने जब उन्हें देखा तो मुझे दिल ही दिल ऐसा प्रतीत हुआ कि मैं जो सपना देखा करती थी वह सच होने वाला है,  मैं जब उनके कैबिन में गई तो मेरे चेहरे पर एक मुस्कान थी, उन्होंने मुझे कहा तुम्हारा आज यह ऑफिस का पहला दिन है और आज ही तुमने ऑफिस आने में देरी कर दी, मैंने उन्हें कहा सर मैं घर से तो जल्दी निकली थी लेकिन मुझे आने में किसी वजह से देरी हो गई, उन्होंने मुझे कहा आज के बाद कभी भी तुम्हें देर नहीं होनी चाहिए और उस दिन के बाद मैंने ऑफिस में आने में कभी भी देरी नहीं की, मैं अपने ऑफिस में अच्छा काम करने लगी तो मुझसे सब लोग कहते कि तुम बहुत अच्छा काम करती हो,  इस वजह से मेरा प्रमोशन भी हो गया था मेरे बॉस का नाम रोशन है।

एक दिन हमारे ऑफिस में एक पार्टी थी जिसमें की हमारे ऑफिस के सब लोग आने वाले थे, उस दिन मैं भी बहुत सज सवर कर गई थी और जब उस दिन मेरे बॉस रोशन ने मुझे देखा तो वह भी मेरी सुंदरता की तारीफ किए बिना रह ना सके और वह मुझे कहने लगे कि नीलम तुम साड़ी में बहुत ज्यादा सुंदर लग रही हो, मैंने उन्हें कहा सर मैं तो पहले से ही सुंदर हूं। अब तक हम लोगों के बीच की सारी शर्म दूर हो चुकी थी और मैं रोशन के साथ बड़े ही अच्छे से बात किया करती, वह भी मुझसे बहुत ही फ्रेंडली तरीके से बात किया करते मुझे तो रोशन के साथ बात कर के बहुत अच्छा लगता और उन्हें भी मेरे साथ बात करना अच्छा लगता था। उस दिन पार्टी में हमने बहुत ही इंजॉय किया वह मेरे काम की हमेशा ही तारीफ किया करते हैं और कहते कि तुम काम बड़े ही लगन से करती हो। मुझे ऑफिस में काम करते हुए अब समय भी हो चुका था और मैं खुश भी थी क्योंकि मेरे लिए यह सब बिल्कुल नया था मैं अपने ऑफिस का काम बिल्कुल दिल से किया करती थी और रोशन भी मेरे काम से बहुत खुश रहते थे। एक दिन उन्होंने मुझे अपने कैबिन में बुलाया वह मुझे कहने लगे कि आज मुझे तुमसे बात करनी है, हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे मैं सिर्फ उनके चेहरे की तरफ़ ही देख रही थी वह जो कुछ भी कहते मैं बड़े ध्यान से उनकी बातें सुन रही थी मेरा ध्यान सिर्फ उनकी तरफ ही था। वह मुझे कहने लगे तुम्हारा ध्यान कहां है मैंने उन्हें कहा कहीं नहीं सर। उन्होंने मुझसे उस दिन पूछ लिया क्या तुम मुझे पसंद करती हो। मैंने उन्हें कहा सर यह सब आपको कैसे पता चला उन्होंने मुझे कहा मैं आज सीसीटीवी कैमरे में देख रहा था तुमने फोन में मेरी फोटो लगाई हुई है। मैंने कहा सर क्या आप मुझ पर ध्यान रखते हैं। वह कहने लगे नहीं नीलम मैं तुम पर ध्यान नहीं रखता लेकिन आज अचानक से मैंने ध्यान से देखा तो मुझे पता चला तुमने मेरी फोटो लगाई है उन्होंने मुझे अपने पास बुलाया और कहने लगे मेरी गोद में बैठ जाओ।

मैं जब उनकी गोद में बैठी थी तो उनका लंड खड़ा होने लगा मैंने उन्हें किस कर लिया। हम दोनों एक दूसरे की बाहों में आ गए उन्होंने मेरे कपड़े उतारे और मुझे घोड़ी बना दिया। उन्होंने अपने लंड को मेरी चूत के अंदर डाल दिया मै उनका लंड लेने के लिए बहुत बेताब थी। वह मुझे लगातार तेजी से चोद रहे थे मैं बड़े मजे से चुद रही थी। उन्होंने मुझे इतने तेज धक्के मारे मेरे मुंह से सिसकियां निकल रही थी मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगी। वह भी बहुत जोश मे हो गए उन्होंने मुझे और भी ज्यादा तेजी से चोदना शुरू कर दिया। एक समय वह आया जब उनके वीर्य की धार मेरी चूतडो के ऊपर आ गिरी मैंने अपनी चूतडो को साफ करते हुए उन्हें अपने गले लगा लिया। मै जो बचपन में सपना देखा करती थ वह पूरा हो गया था। मैने रोशन से कहा मैं हमेशा ही अपनी सहेली से कहती थी मुझे एक दिन एक राजकुमार मिलेगा। आप जैसा व्यक्ति आज मुझे मिल गया मैं अपने आप को बहुत खुश महसूस कर रही हूं। उन्होंने मुझे कहा नीलम आज के बाद सिर्फ तुम मेरी हो और मैं तुम्हें कभी किसी का नहीं होने दूंगा। उस दिन के बाद हम दोनों एक दूसरे को हमेशा खुश रखते लेकिन मैं जब भी उनसे शादी की बात करती तो वह शादी की बात को टाल जाते परंतु जब भी उनका मन होता तो वह मुझे चोदते। मैं उनके साथ घूमने के लिए कई बार गई एक दो बार तो उन्होंने मेरी गांड के भी मजे ले लिया परंतु वह मुझसे शादी नहीं करना चाहते थे मुझे काफी समय बाद पता चला। मैंने भी अपने आप को इस बात के लिए मना लिया था वह मुझसे शादी नहीं करना चाहते लेकिन हम दोनों एक दूसरे का साथ बखूबी निभाते।


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