आंख से नैन मटक्का

Aankh se nain matakka:

Anatrvasna, kamukta मैं मुंबई का रहने वाला एक बिंदास लड़का हूं मैं अपने जीवन में कभी भी कोई टेंशन नहीं लेता हूं मैं अपने पिताजी के ज्वेलरी बिज़नेस में उनका हाथ बढ़ा दिया करता हूं लेकिन मैं पूरी तरीके से उनके साथ काम नहीं करता मेरा जब मन होता है तो मैं ज्वेलरी शॉप में चले जाया करता हूं। मेरे पापा मुझसे कई बार कहते हैं बेटा अब तुम्हें अपनी जिम्मेदारी संभाल लेनी चाहिए और तुम्हें अब अपनी मेहनत के दम पर कुछ कर लेना चाहिए लेकिन मैं तो जैसे इन सब चीजों से मिलो दूर था मेरा मन तो किसी काम में लगता ही नहीं था मुझे सिर्फ घूमने का शौक है।

इसी के चलते एक बार मैं अकेले ही घूमने के लिए अहमदाबाद निकल गया मेरा अचानक से मन हुआ कि मुझे कहीं घूमने के लिए जाना चाहिए तो मैंने उस वक्त रिजर्वेशन करवाया लेकिन सीट मुझे मिल नहीं रही थी तो मैंने स्लीपर क्लास में रिजर्वेशन करवा लिया। मैं ट्रेन में चढ़ा तो मेरे पास सीट नहीं थी लेकिन मैं किसी व्यक्ति की सीट में बैठ गया था मेरे ठीक सामने एक फैमिली बैठी हुई थी और एक लड़की भी उसी तरफ़ बैठी हुई थी मुझे लगा शायद वह उन्ही के साथ है। मैं बार-बार उसे देखे जा रहा था मेरी आंखें उससे टकरा रही थी लेकिन मैंने उससे बात नहीं की और ना ही उसने मुझसे बात की, काफी देर तक यह सिलसिला चलता रहा करीब 3 घंटे हो चुके थे और जब मुझे मालूम पड़ा कि वह फैमिली उसके साथ में नहीं है तो मैंने उससे बात की। मैंने उससे कहा मेरा नाम राहुल है वह कहने लगी मेरा नाम नैना है, वह मुझसे बड़ी ही फ्रेंकली बात कर रही थी मुझे तो उम्मीद ही नहीं थी कि मेरी उससे इतने अच्छे से बात हो पाएगी। मैंने उससे पूछा तुम कहां की रहने वाली हो तो उसने मुझे बताया मैं मुंबई की रहने वाली हूं मैंने उससे कहा मैं भी मुंबई का ही रहने वाला हूं और अहमदाबाद कुछ दिनों के लिए घूमने जा रहा हूं। वह मुझे कहने लगी अमदाबाद में क्या तुम अकेले ही जा रहे हो तो मैंने उसे बताया हां मैं अकेले ही घूमने का शौक रखता हूं वह मुझे कहने लगी तुम्हारे शौक भी बड़े अजीब हैं।

नैना और मैं एक दूसरे से बात कर रहे थे मुझे सफर का पता ही नहीं चला कि कब अहमदाबाद आ गया नैना ने मुझे बताया कि वह अपने किसी एग्जाम के सिलसिले में जा रही है उसने मुझे बताया कि वह कुछ दिनों बाद मुंबई लौट जाएगी। मैंने नैना से कहा यदि तुम्हें कोई दिक्कत ना हो तो क्या तुम मुझे अपना नंबर दे सकती हो नैना ने कहा ठीक है मैं तुम्हें अपना नंबर दे देती हूं नैना ने मुझे अपना नंबर दे दिया मैंने उसका नंबर अपने फोन में सेव किया और वह वहां से चली गई। अहमदाबाद में तो मैं उससे मिल नहीं पाया था मैं कुछ दिनों तक अहमदाबाद में ही रुका और जब मैं वापस मुंबई आ गया तो मैंने नैना को मैसेज किया और नैना से पूछा तुम क्या कर रही हो वह कहने लगी मैं तो आज कल एक कंपनी में जॉब कर रही हूं। मैंने उसे कहा तुमने कब ज्वाइन किया वह कहने लगी मैंने कुछ दिनों पहले ही यह ऑफिस ज्वाइन किया है मैंने नैना से कहा क्या हम लोग मिल सकते हैं वह कहने लगी आज तो मुश्किल हो पाएगा क्योंकि आज मैं बिजी हूं। जब नैना ने मुझसे यह कहा तो मैंने उसे कहा कोई बात नहीं जब भी तुम्हारे पास समय हो तो तुम मुझे फोन करना। जिस दिन नैना फ्री थी उस दिन उसने मुझे फोन किया और कहा मैं ऑफिस के काम में बिजी थी इसलिए तुम्हे मैं फोन नहीं कर पाई लेकिन अब मैं फ्री हूं तो मैंने सोचा मैं तुम्हें फोन करती हूं। मैंने नैना से काफी देर तक उस दिन फोन पर बात की हम दोनों जब मिले तो मुझे नैना से मिलकर बहुत अच्छा लगा नैना के साथ उसके ऑफिस कि उसकी एक फ्रेंड थी। मैंने नैना से पूछा तुम लोग कहां जाने वाले हो वह कहने लगी आज हम लोग सोच रहे थे शॉपिंग करने के लिए जाए नैना ने मुझे अपनी सहेली से मिलवाया उसे मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा वह उसके कॉलेज की फ्रेंड है। उस दिन नैना से मेरी ज्यादा बात नहीं हो पाई मैंने सोचा था कि नैना मुझे अकेले में मिलेगी तो मैं उससे बात करूंगा लेकिन उसके साथ उसकी फ्रेंड भी थी इसलिए मैंने उससे ज्यादा बात नहीं की और वहां से मैं चला आया।

मैं जब वहां से घर लौटा तो नैना मुझे कहने लगी सॉरी यार आज मैं तुम्हें समय नहीं दे पाई नैना को भी इस बात का एहसास हो चुका था कि वह मुझे टाइम नहीं दे पाई जब नैना और मैं एक दूसरे के साथ समय नहीं बिता पाए तो उसे भी शायद इस बात का बुरा लगा। एक दिन मैंने नैना को डिनर के लिए इनवाइट किया और उसे कहा मैं तुम्हारे साथ डिनर पर जाना चाहता हूं नैना ने कहा ठीक है मैं ऑफिस से घर जाकर और उसके बाद तुम्हें मिलती हूं। नैना अपने ऑफिस से छुट्टी लेकर चली गई और वह मुझे जब शाम के वक्त मिली तो वह बहुत ही अच्छी लग रही थी उसने जो वाइट कलर की ड्रेस पहनी थी वह उसमें बहुत सुंदर लग रही थी और ऐसी लग रही थी जैसे कि कोई अप्सरा जमीन पर उतर आई हो। मैंने नैना से कहा तुम बहुत ज्यादा सुंदर लग रही हो तुम पर यह ड्रेस बहुत जच रही है नैना मुझे कहने लगी तुम मेरी झूठी तारीफ मत करो मैंने उसे कहा नहीं मैं तुम्हारी सही में तारीफ कर रहा हूं तुम्हें क्या लग रहा है मैं तुम्हारी झूठी तारीफ कर रहा हूं। वह मुझे कहने लगी नहीं मैं तो मजाक कर रही थी और वह बहुत जोर से हंसने लगी उसने मुझे कहा मुझे मालूम है कि तुम मेरी तारीफ कर रहे हो। मैंने उसे कहा कि हम लोग चले, वहां से हम लोग एक रेस्टोरेंट में आ गए जहां पर हम दोनों ने मिलने का फैसला किया था हम दोनों ने उस रात साथ में डिनर किया। मैंने उस दिन नैना के साथ बहुत अच्छा समय बिताया मैंने नैना से कहा मैंने कभी सोचा नहीं था कि तुम्हारे साथ मैं इतना समय बिता पाऊंगा।

नैना को बहुत अच्छा लगा और मुझे भी बहुत अच्छा लगा था नैना को जब यह बात पता चली कि मेरे पिताजी का ज्वेलरी का काम है तो एक दिन वह मुझे कहने लगी मेरी मम्मी को कुछ ज्वेलरी लेनी थी क्या हम तुम्हारे पापा के यहां से ले सकते हैं। मैंने नैना से कहा क्यों नहीं तुम मेरे पापा से ज्वेलरी ले लो उसने मुझसे कहा ठीक है जब मैं और मम्मी तुम्हारी शॉप पर आएंगे तो मैं तुम्हें फोन करूंगी। जब नैना और उसकी मम्मी शॉप पर आए तो उसने मुझे फोन कर दिया था और मैं वहां पर चला गया मैंने अपने पापा से नैना को और उसकी मम्मी को मिलवाया मेरे पापा ने कहा बहन जी आपको क्या चाहिए उन्होंने बताया कि उन्हें नेकलेस बनवाना था। पिताजी ने उन्हें डिजाइन दिखाएं मैं पिताजी के साथ ही बैठा हुआ था क्योंकि पापा को मैंने कह दिया था कि नैना मेरी दोस्त है इसलिए पापा नैना की मम्मी को डिजाइन दिखा रहे थे और जब उन्हें एक नेकलेस पसंद आया तो वह कहने लगे हमें ऐसा ही नेकलेस बनवा कर दे दीजिएगा। पापा ने कहां आप कुछ दिनों बाद आ जाइएगा मैं आपको यह नेकलेस बनवा कर दे दूंगा, पापा ने उन्हें अच्छा खासा डिस्काउंट भी दे दिया था। जब पापा ने उन्हें नेकलेस में डिस्काउंट दिया तो नैना कहने लगी अब तो तुम्हारे पास ही सामान लेने के लिए आना पड़ेगा। नैना बहुत ज्यादा खुश थी और उसकी मम्मी से भी मैं मिल चुका था मेरे पापा ने मुझसे पूछा लगता है नैना और तुम्हारे बीच में कुछ चल रहा है मैंने पापा से कहा नहीं पापा ऐसा कुछ भी नहीं है लेकिन मेरे पापा को सब समझ आ चुका था। नैना और मेरे बीच में नजदीकियां बढ़ती ही जा रही थी एक दिन नैना और मेरे बीच में किस हुआ हम दोनों पार्क में बैठे हुए थे।

जब नैना को मैंने पहली बार किस किया तो मुझे बहुत अच्छा लगा उसके बाद तो जैसे हम दोनों के बीच में किस होना आम बात हो गई हम दोनों एक दूसरे को जब भी मिलते तो किस जरूर किया करते थे। नैना और मेरे बीच में खुलकर बात होती थी ना तो नैना मुझसे शर्माती थी और ना ही मुझे उससे कुछ छुपाना अच्छा लगता था। एक दिन मैंने नैना से कहां क्या हम लोग कहीं चले तो नैना कहने लगी भला हम लोग कहां जाएंगे मैने नैना से कहा हम लोग कुछ दिनों के लिए जयपुर चले जाते हैं। नैना मेरी बात मान गई उसने अपने घर में बहाना बनाया उसने अपनी मम्मी से झूठ कहा हम दोनों जयपुर चले गए जब हम लोग जयपुर गए तो वहां पर हम दोनों एक ही रूम में रुके हुए थे और जब मैंने नैना के साथ उस दिन संभोग किया तो मुझे बहुत अच्छा लगा। मैंने नैना की योनि को बहुत अच्छे से चाटा उसकी योनि से मैंने गिला पदार्थ बाहर निकाल लिया उसे बहुत मजा आ रहा था और मुझे भी अच्छा लग रहा था, मैंने कभी सोचा ना था।

उसकी योनि पर एक भी बाल नहीं था उसकी योनि का रसपान करना मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने नैना से उस दिन पहली बार अपने लंड को सकिंग करवाया जब उसने मेरे लंड को सकिंग किया तो मुझे बहुत मजा आया हम दोनों एक-दूसरे के शरीर की गर्मी को ज्यादा देरे तक झेल ना सके। मैंने जब अपने मोटे लंड को नैना की योनि में प्रवेश करवाया तो वह चिल्लाने लगी और कहने लगी मुझे बहुत दर्द हो रहा है लेकिन मुझे उसे धक्के देने में बहुत मजा आता है मैं उसे तेजी से धक्के दे रहा था। उसकी चूत का मैने उस दिन बहुत रस पिया जब उसकी योनि से तेजी से खून का बहाव होने लगा तो मुझे और भी ज्यादा उत्तेजना आने लगी हम दोनो पूरी चरम सीमा पर थे जब मेरा वीर्य पतन होने वाला था तो मैंने अपने वीर्य को नैना की योनि के अंदर प्रवेश करवा दिया। रात मे मेरे और नैना के बीच में तीन बार सेक्स हुआ हम लोग जितने दिन तक जयपुर में थे हम दोनों ने एक दूसरे के साथ बहुत ही अच्छे से शारीरिक संबंध बनाए, नैना अब भी मेरी गर्लफ्रेंड है।


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