आदिवासियों के साथ जंगल में मंगल – 1

Aadivasiyon ke sath jungle me mangal -1:
pahli baar chudaiचूत की मालकिनों और लंड के मालकिन लोगों को मेरा नमस्कार | मेरा नाम समीर है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ | दुसरे शब्दों में कहूं तो ”दिल्ली से हूँ भेनचोद” | मेरी हाइट 6 फुट है और बॉडी फिट है | मैं रेगुलर जिम करता हूँ इसीलिए मेरी छाती चौड़ी है और मसल्स भी अच्छी हैं | कुल मिला कर दिखने में मैं काफी आकर्षक हूँ | चलिए दोस्तों, बहुत हुई बकचोदी, अब कहानी पर आता हूँ |
बात करीब 6 महीने पहले की है जब मैं अपने दोस्तों के ग्रुप के साथ छत्तीसगढ़ के जंगलों के कैम्पिंग के लिए गया हुआ था | हम सभी जंगलों में घूम रहे थे की अचानक से मैं अपने ग्रुप से बिछड़ गया | मुझे यहाँ की लोकल भाषा नही आती थी | मैंने फिर भी हाथ पैर मारना शुरू कर दिया | इधर उधर भटकते हुए मैं जा ही रहा था की मुझे एक नदी दिखी | मैं नदी में पानी पिने के लिए उसकी तरफ मुदा क्यूंकि मेरा सारा खाने पीने का सामान भी मेरे ग्रुप के साथ मुझसे बिछड़ चूका था | मैं पानी पीने के लिए झुका ही था की अचानक से एक मगरमच्छ मेरी तरफ बढ़ा | इससे पहले की मैं खुद को संभल पाता, मुझे एक धक्का लगा और मैंने बाजु में गिर पड़ा | अचानक से मेरी दिशा बदलने की वजह से मैं मगरमच्छ के मुंह से बच गया और फिर मगरमच्छ वापस पानी में चला गया | मैंने उठ कर देखा तो एक आदिवासी लड़की थी जिसने मुझे उस मगरमच्छ से बचाया था | वो करीब अठारह साल की पतली सी लड़की थी | छोटे छोटे दूध पत्तों के कपड़ों से ढके हुए थे उसके और नीचे का हिस्सा भी पत्तों के कपड़ों से ही ढाका हुआ था | फिगर मस्त था उसका और वो नैचुरली खुबसूरत लग रही थी | मैंने उसको थैंक यू बोला लेकिन शायद उसे समझ नही आया | फिर मैंने उसे इशारों में समझाने की कोशिश की | इस बार शायद उसे समझ में आ गया और वो बदले में मुस्कुरा पड़ी | उसकी वो मुस्कान इतनी प्यारी थी की बता नही सकता | फिर मैंने उसको इशारों में बताया की मैं अपने ग्रुप से बिछड़ चूका हूँ और भूका और प्यासा हूँ | उसने मुझे अपने साथ आने को कहा | मैं उसके पीछे पीछे चलने लगा | फिर वो मुझे एक तालाब पर ले गयी | वहां का पानी बहुत साफ़ और ठंडा था | मैंने जी भर कर पानी पिया | फिर उसने पास में ही लगे जंगली फल मुझे खाने को दिए | फिर हम दोनों वहीँ बैठ गये |
धीरे धीरे शाम हो गयी | बैठे बैठे मेरी आख लग गयी थी | जब अचानक से मेरी आँख खुली तो मैंने देखा की वो सरे कपड़े उतार कर उस तालाब में नहा रही है | वो तराशा हुआ बदन तालाब के साफ़ पानी में काफी हद तक दिखाई दे रहा था मुझे | क्या मस्त शरीर था उसका | चढ़ती हुई जवानी देख कर किसी का भी लंड खड़ा हो जाये | उसकी कमसिन जवानी देख कर मुझसे कंट्रोल नही हुआ और मैंने भी अपने कपडे उतारे और पीछे से तलब में घुस गया और जा कर उसको पीछे से पकड़ लिया | वो मेरी तरफ मुड़ी और गुस्सा होने लगी | फिर मेरी सेक्सी बॉडी देख कर शायद उसका भी मन ललचा गया इसीलिए उसका गुस्सा मुस्कान में बदल गया | मैंने उसके हाथ पकड़े और उसके करीब आ गया | अब मैंने अपने होठ धीरे से उसके होठों पर रख दिए और किस करने लगा | उसने भी अपनी अन्ज्हें बदन कर लीं और मुझे किस करने लगी | उसके होठ बहुत को सॉफ्ट थे | मैंने किस करना जरी रखा और फिर धीरे धीरे उसकी गर्दन पर किस करने लगा | वो भी अपने कोमल से हाथ मेरी बॉडी पर फिराने लगी | मैंने उसकी कमर को पकड़ा और उसके कन्धों को किस करते हुए उसकी पयत प्यारे छोटे छोटे बूब्स पर आ गया | बड़े सलीके से मैंने उसके निप्पल को मुंह में लिया और चूमने लगा | उसने एक ठंडी सी आह भरी और आंखें बंद कर लीं | अब मैं उसके निप्पलको चूस रहा था और दुसरे वाली निप्पल को हाथ से धीरे धीरे सहला रहा था | वो लगातार अपने हाथ मेरे शरीर पर फेर रही थी और मेरा साथ दे रही थी | अब मैं उसका दूसरा दूध चूसने लगा | धीरे धीरे उसके दूध को चूसते हुए अपना हाथ नीचे ले जाने लगा | उसकी चूत पर थोड़े से बाल थे | हम दोनों पानी में ही थे अभी भी | मैंने उसकी चूत पर हाथ फिराना शुरू कर दिया | वो मदहोश हो गयी | उसकी चूत पर जो बाल थे वो बहुत सॉफ्ट थे इसीलिए मुझे कोई खास दिक्कत नही हो रही थी | अब मैं उसको वापस लिप्स पर किस करने लगा और धीरे से अपनी एक ऊँगली उसकी चूत में घुसा दी | वो चिहुंक पड़ी | मैंने किस करना जरी रखा और उसकी चूत में घुसी ऊँगली को अन्दर बाहर करने लगा | अब वो धीरे धीरे आआअ आह ह्ह्ह्ह ह ह ह्ह्ह्ह ऊऊ उ ऊ उ ऊऊ उ ह हह ह ह हह ह ह इ ई इ ई इ ईई ई इ इ इ इ ह ह हह ह ह हह हह ह हह हहा ह्ह्ह ह ह ह्ह्ह्ह ह ह हह ह्ह्ह ह ह करने लगी और कुछ शब्द बोलने लगी जो मुझे समझ नही आये | मैंने उसकी चूत में ऊँगली करना जारी रखा और उसको किस करता रहा | थोड़ी देर तक ऐसा करने के बाद हम दोनों तालाब से बाहर आ गये |
वहां की घास बड़ी कोमल थी इसीलिए मैंने उसको घास पर लिटा दिया और उसके ऊपर आकर उसको किस करने लगा | काफी देर तक किस करने के बाद मैंने उसके पैर फैलाये और अपना लंड उस पर टिका दिया | वो चौकन्नी हो गयी | मैंने हल्का सा धक्का दिया और अपने लंड का टोपा उसकी चूत के अन्दर कर दिया | वो ये झटका झेल नही पायी और चिल्ला कर रो पड़ी | मैंने लंड बाहर निकल लिया और उसको नार्मल करने के लिए उसको किस करने लगा | थोड़ी देर बाद मैंने फिर से लंड उसकी चूत पर टिकाया और इस बार आधा लंड अन्दर कर दिया | वो फिर से रोने लगी लेकिन मैंने इस बार निकाला नही अपना लंड | थोड़ी देर के बाद मैंने अपना पूरा लंड घुसेड दिया | वो बिलख पड़ी | फिर मैंने अपना लंड निकाल लिया तो देखा की मेरे लंड पर खून लगा हुआ है | मैं समझ गया की उसकी सील नही टूटी थी और आज मेरे लंड से ये काम हुआ है | मैंने लड़कियां बहुत चोदी थीं लेकिन कभी किसी की सील नही तोड़ी थी मैंने | मैंने थोडा नोर्मल किआ और थोड़ी देर बाद फिर से धीरे से अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया | अब धीरे धीरे मैंने उसकी कसी चूत को चोदना शुरू कर दिया | वो रो भी रही थी और आ अआः ह्ह्ह्हह ह्ह्ह्ह ह ऊ ऊ उ उ ऊ उ ऊ उ ऊऊ उ ई इ ई इ ई ईई इ इ इह्ह्ह हह हह ह ह हह ह्ह्ह हु उ ऊ उ इ ई इ ई इ कर रही थी | वो काफी शब्द ऐसे बोल रही थी जो मुझे समझ नही आ रहे थे |
जब मैंने देखा की वो नार्मल हो गयी है और अब उसे भी मजा आ रहा है तो मैंने चुदाई की स्पीड बढ़ा दी और जोर जोर से चोदने लगा | अबी उसने जोर जोर से आआ ऊऊ ऊ उ ऊ ऊ ऊ आहा हह ह ह्ह्ह हह ह ह उ ऊ उ ऊ उ उ ऊ ऊ उ ऊऊ इ इ इ ई इ इ इ ओ ओ हह ह ह हह ह ह ह हह ह हह ह ह ह हह ह ह उ उ ऊ उ ऊऊउ उई इ ईईइ इ ईई ई इ ई इ ओ ऊ ओऊ ऊ ओ ऊऊओ ऊ ओ ऊ ओ ओ इ ईई ई इ इ इ ऊऊ ऊऊऊउ ह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह ह्ह्ह आह्ह्ह्ह ह हह हह ह हह ह ह हह ह ह उह्ह उईई ईई ई इ करना शुरू कर दिया | उसकी ये मादक चीख सुनकर मुझे और जोश आ गया और मैंने और तेज से उसकी चूत को चोदने लगा | वो आआ आः ऊऊ ईई उईई इ ओह्ह्ह ह हह ह ह्ह्ह्ह हह ह ह हह ह इ उ ऊ उ ऊऊ उ ऊऊउ ईईइ इ ईईइ ई इ ओह्ह ह हह ह ह हह हह ह्ह्ह हह ह्ह्ह्ह ह किये जा रही थी | थोड़ी देर बाद वो झड गयी | मैंने चोदना जारी रखा और उसने चिल्लाना भी चालू रखा | थोड़ी देर बाद मुझे अपनी तरफ एक रौशनी आती दिखी | थोड़ी देर बाद वो रौशनी और पास आ गयी तो मैंने देखा की 5 आदिवासी मशाल लिए आ चुके थे और उन्होंने मुझे उस लड़की की चुदाई करते देख लिया था | मेरा लंड अभी भी उस लडकी की चूत में ही था इसीलिए मैंने अपनी सफाई में कुछ कह नही सकता था | वैसे भी भाषा का अंतर होने की वजह से मैं कुछ बोल नही पाया | इशारों इशारों में उन लोगों ने मुझे उनके साथ चलने को बोला | मेरे पास और कोई चारा नही था इसीलिए मैंने कपडे पहने और उनके साथ चल दिया |
दोस्तों आगे की कहानी मैं आपको अगले भाग में बताता हूँ |


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