ए सी की ठंड मे चूत चुदाई

A. C. ki thand me chut chudai:

antarvasna, hindi chudai ki kahani

मेरा नाम अनुज है मैं अहमदाबाद का रहने वाला हूं हम लोगों को अहमदाबाद आए हुए 5 वर्ष हो चुके हैं और मैंने कॉलेज की पढ़ाई भी अहमदाबाद से ही की है। मेरी कॉलेज की पढ़ाई के तुरंत बाद मेरी एक कंपनी में जॉब लग गई थी। मेरे माता-पिता बड़े ही पुराने ख्यालात के हैं और वह आजकल के नए तौर-तरीके बिल्कुल पसंद नहीं करते। पहले तो वह लोग अहमदाबाद में नहीं आना चाहते थे लेकिन मैंने ही उन्हें कहा यदि हम लोग गांव में ही रहेंगे तो शायद मेरी तरक्की होना मुश्किल है। मैंने उन्हें मना लिया और उसके बाद हम लोग अहमदाबाद में ही आकर बस गए। अहमदाबाद में हमारी काफी परिचित और रिश्तेदार भी हैं इसीलिए मेरे माता-पिता कई बार उन लोगों के पास चले जाते हैं।

एक शाम मैं घर लौटा तो उस दिन गर्मी कुछ ज्यादा ही थी। गर्मी इतनी ज्यादा हो रही थी कि मेरा पसीने से बुरा हाल होने लगा। मुझे ए सी में रहने की आदत हो चुकी थी क्योंकि ऑफिस में भी ए सी लगा होता था और जब मैं घर में पहुंचा तो मेरा गर्मी से बुरा हाल हो जाता मुझसे तो बिल्कुल रहा नहीं जा रहा था और मेरे मम्मी पापा भी कहने लगे बेटा हमसे तो यहां बिल्कुल भी रहा नहीं जाता। मैंने उन्हें कहा मैं इस बारे में कुछ सोचता हूं मैं अपनी छुट्टी के दिन मॉल में चला गया और वहां पर एक स्टोर में मैंने ए सी के बारे में जानकारी ली जब उन्होंने मुझे ए सी के बारे में जानकारी दी तो मैंने सोचा कि मैं ए सी ले ही लेता हूं। मैंने वह ए सी वहां से ले लिया और उसके बाद उन्होंने मेरे साथ दो लड़के भेजें उन्होंने वह ए सी मेरे घर पर लगा दिया। उस दिन रात को तो मुझे बड़ी अच्छी नींद आई और मेरे माता-पिता भी मेरे रूम में ही सोने लगे थे। दिन में भी कभी गर्मी हो जाती तो वह मेरे कमरे में ही रहते क्योंकि मैं तो ऑफिस चला जाता था। एक दिन मेरे पिताजी ने मुझे दोपहर के वक्त फोन कर दिया मैं उस वक्त अपने ऑफिस का काम कर रहा था वह मुझे कहने लगे बेटा यह ए सी तो चल नहीं रहा है। मैंने सोचा कि यह तो मैंने कुछ समय पहले ही लिया है और खराब इतनी जल्दी कैसे हो गया? मैंने उसी स्टोर में तुरंत फोन किया और उन्होंने वहां से लड़का भेज दिया।

जब उन्होंने वहां से लड़का भेजा तो वह मुझे कहने लगा इसे ठीक कराने में आपको 5000 रुपये देने पड़ेंगे। मैंने उन्हें कहा यह तो वारंटी में था और आप लोगों की ही जिम्मेदारी बनती है इसे ठीक करना। मैंने उन्हें कहा कि आप उसे अपने साथ लेकर चले जाइए मैं आपको एक भी रुपया नहीं देने वाला। मैंने उन्हें फोन में काफी कुछ सुना दिया और मैं जब अपने ऑफिस से फ्री हुआ तो मैं बाहर गया बाहर बहुत ही गर्मि हो रही थी मैं बहुत ज्यादा गुस्से में भी था। मैं जैसे ही स्टोर में पहुंचा तो वहां पर मैंने उन्हें कहा यदि आप लोग कस्टमर के साथ ऐसा व्यवहार करेंगे तो आप लोगों के यहां से कौन सामान लेगा? मैं बड़ी तेज आवाज में चिल्ला रहा था और मुझे इतना गुस्सा आ चुका था कि मेरा गुस्सा शांत ही नहीं हो रहा था। तभी वहां की मैनेजर आ गई और वह मुझे कहने लगी सर आप दो मिनट रुक जाइये आप इतने गुस्से में हैं और इतने गुस्से में हमें समझ में नहीं आएगा कि आपको क्या प्रॉब्लम हुई है। आप की तकलीफ के लिए हम लोग यहां बैठे हैं लेकिन आपको हमसे प्यार से बात करनी होगी। वह मुझे अपने साथ अपने कैबिन में ले कर चली गई। जब वह मुझे अपने कैबिन में ले गई तो बाहर सब लोग एक दूसरे का मुंह देख रहे थे क्योंकि उनकी कैबिन से बाहर की तरफ साफ दिखाई दे रहा था लेकिन बाहर से शायद अंदर कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। उन्होंने मुझे कहा सर मेरा नाम प्राची है मैं यहां की मैनेजर हूं आप मुझसे अपनी प्रॉब्लम बता सकते हैं लेकिन यदि आप बाहर इस तरीके से स्टाफ के साथ बत्तमीजी करेंगे तो यह बिल्कुल भी अच्छा नहीं है और आप एक पढ़े लिखे व्यक्ति हैं आपको यह बिल्कुल भी शोभा नहीं देता। जब उन्होंने मुझसे यह बात कही तो मैंने उन्हें कहा मैडम मुझे तो शायद यह चीज शोभा नहीं देती लेकिन आप लोगों ने भी तो कुछ गलत नहीं किया है मैं कुछ दिनों पहले ही आपके यहां से ए सी खरीद कर लेकर गया था और वह एसी कुछ दिनों बाद ही खराब हो गया। आपके स्टोर से जो लड़के वहां रिपेयरिंग के लिए आए थे वह कहने लगे कि हमें उसके बदले 5000 रुपये चाहिए।

प्राची जी मुझसे कहने लगे ऐसा तो कुछ भी नहीं है 5000 का तो कोई सवाल ही नहीं बनता। जब वह चीज वारंटी में है तो उसको फ्री में ही ठीक किया जाएगा। मैंने उनसे कहा मैं अपनी जगह गलत नहीं हूं लेकिन आपके स्टाफ से ही लड़के आए थे। उन्होंने उन लड़कों को अपने कैबिन में बुलाया और जब प्राची मैडम को इस बारे में पता चला तो उन्होंने उन लड़कों को उसी वक्त ऑफिस से निकाल दिया और कहा आज के बाद तुम कभी अपनी शक्ल भी मत दिखाना। तुम्हारी वजह से हमारे कस्टमर को इतनी तकलीफ हो रही है। प्राची मैडम मुझे कहने लगी इन लोगों के बदले मैं आपसे माफी मांगती हूं। मैंने उन्हें कहा मैडम आपको माफी मांगने की जरूरत नहीं है लेकिन इन्होंने तो बड़ी बत्तमीजी की। घर में मेरे मम्मी-पापा ही थे उन लोगों को ज्यादा कुछ चीजें पता नहीं है और यदि वह लोग इन्हें पैसे दे देते तो उसका जिम्मेदार कौन होता। आप लोग ऐसे लोगों को रखते ही क्यों हैं।

उन्होंने मुझे कहा आप मेरा नंबर लेकर चले जाइए यदि आपको कोई भी तकलीफ हो तो आप मुझसे ही बात कीजिएगा उन्होंने मुझे अपना नंबर दे दिया। काफी दिनों बाद मैं अपने मोबाइल को टटोल रहा था मैंने  व्हाट्सएप पर प्राची जी की तस्वीर देखी। मैंने जब उनकी तस्वीर देखी तो उन्हें देखकर मेरा मूड खराब होने लगा क्योंकि रात का वक्त था। उन्होंने तस्वीरें ऐसी खिंचाई थी किसी का भी मन खराब हो सकता है। मैंने उन्हें मैसेज भेजना शुरू कर दिया उनका भी मुझे रिप्लाई आने लगा हम दोनों की बातें आगे बढ़ने लगी थी। एक दिन उन्होने मुझे अपनी नंगी तस्वीर भी भेज दी जिसमें उनका बदन बड़ा ही हॉट और सेक्सी लग रहा था। एक दिन मेरे माता पिता किसी रिश्तेदार के घर चले गए उस दिन मैंने प्राची जी को अपने घर पर बुला लिया। जब मैंने उन्हें अपने घर पर बुलाया तो उसी ए सी की ठंडी हवा में हम दोनों साथ में बैठे हुए थे।

मैंने जब उनके बदन को सहलाना शुरू किया तो वह मुझे कहने लगी लगता है आज आप हमारे ही स्टोर के ए सी के नीचे मेरी चूत मारने वाले हैं। मैंने उन्हें कहा हां मैंने बहुत चूत मार ली है लेकिन आज आपकी गांड मारना चाहता हूं। मैंने जल्दी से उनके कपड़े उतारे और अपने लंड को उनके मुंह में घुसा दिया वह मेरे मुंह में अपने लंड को अच्छे से लेने लगी। वह मेरे लंड को ऐसे ले रही थी जैसे उन्हे लंड लेने की प्रैक्टिस हो। मैंने जब उनके बड़े स्तनों को चूसा तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था क्योंकि उनके स्तन बड़े भारी भरकम थे। मैंने काफी देर तक उनकी चूत का रसपान भी किया। मैंने अपने लंड को उनकी योनि के अंदर प्रवेश करवा दिया तो उनके मुंह से आह की आवाज निकल आई वह मेरा पूरा साथ देती मैने उनके साथ कुछ देर तक सेक्स के मजे लिए लेकिन जैसे ही मेरा वीर्य उनकी योनि में गिर गया तो मैंने उसके बाद अपने लंड पर तेल लगाते हुए उनकी गांड के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया। उन्होंने मेरे लंड को अपनी गांड मे लिया तो उन्हें बहुत अच्छा महसूस हो रहा था और मुझे भी उन्हें धक्के देने में बहुत अच्छा लग रहा था मै उनकी गांड मारता रहा लेकिन उनकी गांड की गर्मी मे ज्यादा समय तक नहीं झेल पाया परंतु उनके साथ संभोग करने मे मुझे बहुत मजा आया। उसके बाद भी मैंने उनके साथ कई बार सेक्स संबंध बनाए। एक बार तो मैंने उन्हें उनके कैबिन में भी चोदा था। मुझे उनके स्टोर से जो भी जरूरत होती मैं प्राची जी को फोन कर दिया करता हूं और वह मेरे पास सामान भिजवा दिया करती है। हम दोनों के रिलेशन बहुत अच्छे हो गए थे लेकिन मुझे नहीं पता था उनके और लोगों के साथ भी नाजायज संबंध है परंतु मुझे तो वह अपने बदन की खुशबू हमेशा सुघा दिया करती और उनके चिकने बदन का में मजा हमेशा ही लेने लगा अब तो जैसे वह मेरे लिए पागल हो चुके हैं और मैं उनके लिए पागल हो चुका हूं। मैंने उनसे एक दिन पूछा भी था आपके कितने आशिक हैं? वह मुझे कहने लगी मुझे तो यह अच्छे से याद नहीं लेकिन मैंने 50 लोगों के साथ तो एक संबंध बनाए है।


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